ऑटो चालक को मराठी भाषा अनिवार्य, दूसरे राज्य के बीजेपी नेता परेशान

खबर सार :-
पिछले महीने महाराष्ट्र सरकार के परिवहन मंत्री प्रताप सारनिक ने ऑटो चालकों को निर्देश देते हुए कहा कि 1मई से सभी चालकों के लिए मराठी भाषा अनिवार्य कर दिया जाएगा। अगर कोई मराठी बोल या लिख नहीं सकता तो उसका लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।

ऑटो चालक को मराठी भाषा अनिवार्य, दूसरे राज्य के बीजेपी नेता परेशान
खबर विस्तार : -

Maharashtra auto drive marathi mandatory: महाराष्ट्र सरकार ने पिछले महीने में ही आदेश दिया था कि ऑटो चालकों को मराठी भाषा आना चाहिए, लेकिन इस फैसले को लागू नहीं किया जा सका। इस फैसले के बाद राज्य के दूसरे बीजेपी नेता परेशान हैं। राज्य के अलग- अलग बीजेपी नेता इस फैसले पर अपना असंतोष जहिर कर रहे हैं। 

मराठी भाषा अनिवार्य

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ऑटो चालकों के लिए मराठी भाषा अनिवार्य करना चाहते हैं। फिलहाल इस फैसले पर अभी तक कोई मुहर नहीं लगी है, लेकिन इस आदेश के बाद दूसरे राज्य के बीजेपी नेताओं को काफी परेशानी हो रही है। इस फैसले से असहजता महसूस करते हुए ,इस पर सवाल उठा रहे हैं और इससे आगे होने वाली चुनौतियों के बारे में बात कर रहे हैं। बिहार में बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरू प्रकाश पासवान ने अपनी बात रखते हुए कहा,''बीजेपी राष्ट्रीय एकता और संस्कृति विविधता दोनों का सम्मान करती है। मराठी भाषा का सम्मान करना महाराष्ट्र की परचान के लिहाज से जरूरी है, लेकिन भारत की आत्मा का मूल आधार यह भी है कि सभी को समान अधिकार मिले। इस घटनाक्रम पर हमारी नजर है, अभी काफी शुरूआती चर्चा चल रही है।''

फैसले से हैं बीजेपी असंतुष्ट

बिहार में ही जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसान ने भी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के इस फैसले पर कहा,''महाराष्ट्र सरकार अगर कोई ऐसा फैसला लेती है, तो वहां के स्थानीय लोगों के लिए फायदेमंद हो सकता है, लेकिन महाराष्ट्र में कई गैर मराठी लोग भी रहते हैं, इसमें बड़ी संख्या नें टैक्सी ड्राइवर शामिल हैं, जो कितने सालों से यहां रह रहे हैं। ऐसे ड्राइवर को पहले मराठी सीखने का पर्याप्त समय देना चाहिए। वहीं उत्तर-प्रदेश सरकार के मंत्री संजय निषाद महाराष्ट्र सरकार के इस विचार पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, एक स्थानीय भाषा के बारे में पता होना अलग बात है, अगर सरकार ऐसे नियम लाना चाहती है तो जरूरी है कि पहले लोगों को ट्रेन किया जाए, लेकिन फिर भी इस प्रकार के नियम सही नहीं है। इससे समाज का सौहार्द बिगड़ता है।'' 

क्या है महाराष्ट्र सरकार का फैसला

पिछले महीने महाराष्ट्र सरकार के परिवहन मंत्री प्रताप सारनिक ने कहा, ''मई के पहली तारीख से ही मराठी भाषा को सभी लाइसेंसधारी ऑटो ड्राइवर के लिए अनिवार्य कर दिया जाएगा। उन्होंने चेतावनी के साथ कहा था कि अगर कोई मराठी बोल या लिख नहीं पायेगा, तो ऐसे में उसका लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।'' पिछले हफ्ते राज्य सरकार ने 100 दिन की वेरिफिकेशन ड्राइव चलाने के बारे में आदेश दिया था और कहा कि ऐसे में ऑपरेटर्स को पर्याप्त समय मिलना चाहिए।

अन्य प्रमुख खबरें