नीतिश और सम्राट चौधरी की सांठ-गांठ बनी, मंत्रियों के नामांकन की चर्चा ठनी

खबर सार :-
Bihar News: बिहार में कैबिनेट को लेकर राजनितक गलियारों में काफी चर्चा हो रही है। सूत्रों के मुताबिक बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और नीतिश कुमार के मीटिंग के बाद क्यास लगाए जा रहे हैं कि जल्द ही बिहार के सीएम मंत्रियों की फाइनल लिस्ट लेकर दिल्ली जा सकते हैं।

नीतिश और सम्राट चौधरी की सांठ-गांठ बनी, मंत्रियों के नामांकन की चर्चा ठनी
खबर विस्तार : -

Bihar News: बिहार में कैबिनेट विस्तार को लेकर सियासी गलियारों में सुगबुगाहट तेज हो गई है। बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उनके नए आवास 7 सर्कुलर रोड पर मुलाकात की। इस मुलाकात में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी भी मौजूद रहे। बताया जा रहा है कि मंत्रियों के नाम पर अंतिम मुहर लगाने को लेकर मीटिंग हुई, जो लगभग 30 मिनट तक चली।  

सियासी गलियारों में बदलाव के बादल

बिहार की सियासी गलियारों में इन दिनों बदलाव की हवा काफी तेज हो गई है। राज्य की राजनीति में पिछले 15 दिनों से जारी कैबिनेट विस्तार के के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार से मुलाकात की और पद पर आसीन होने वाले भावी मंत्रियों की सूची और विभागों को बंटवारे पर गहन चर्चा हुई। सरकार के गठन होने और 2 सप्ताह बीत जाने के बाद भी मंत्रिमंडल का स्वरूप अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका। हालांकि अटकलें लगाई जा रही है कि बहुत जल्द एनडीए सरकार मंत्रियों के नाम तय कर उनकी सूची राज्यपाल को सौंपेगी। 

सीएम आवास पर मुलाकात

बिहार में नई सरकार का गठन होने के बाद अभी तक कैबिनेट का विस्तार नहीं हो पाया है। ऐसा माना जा रहा है कि इस विषय पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बिना किसी निर्धारित समय के अचानक ही ''7 सर्कुलर रोड'' पहुंच गए। जहां नीतिश कुमार और सम्राट चौधरी की बैठक लगभग आधे घंटे तक हुई। इसमें कैबिनेट होने वाले मंत्रियों और उनकी जातीय समीकरण पर गहन चर्चा हुई। इस बैठक में मौजूद उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी मौजूद रहे, जिससे ये साफ हो जाता है कि गठबंधन के दोनों प्रमुख जल्द ही इस चर्चा के विषय को अंतिम रूप देंगें.

विपक्ष ने साधा निशाना

हालांकि विपक्ष ने इस मुद्दे पर निशाना साधा है। नेता-प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव लगातार दावा कर रहे हैं कि एनडीए के भीतर आंतरिक कलह के कारण विस्तार रूका हुआ है। उनका आगे कहना है कि मंत्रियों की कमी से विकास काम बाधित हो रहे हैं। हालांकि, सरकार ने इस पर तर्क देते हुए कहा कि इस बीच दो कैबिनेट बैठक हुई, जिसमें कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है, लेकिन विपक्ष इसे सरकार की असफलता बताकर लगातार घेरने की कोशिश में जुटी हुई है। 

 


 

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