TMC lost bengal election reasons: पश्चिम बंगाल टीएमसी की हार का कारण ममता के भतीजे अभिषेक बनर्जी?

खबर सार :-
TMC lost bengal election reasons: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद टीएमसी को मिली करारी हार के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं का गुस्सा सातवें आसमान पर है। पार्टी के कई लोग राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर हार का कारण मान रहे हैं।

TMC lost bengal election reasons: पश्चिम बंगाल टीएमसी की हार का कारण ममता के भतीजे अभिषेक बनर्जी?
खबर विस्तार : -

TMC lost bengal election reasons: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की हार के बाद टीएमसी कार्यकर्ता पार्टी के महासचिव अभिषेक बनर्जी पर इसका गुस्सा निकाला जा रहा है। कुछ लोगों का कहना है कि अभिषेक बनर्जी ने पार्टी को खत्म कर दिया है, जबकि कुछ लोग सोशल मीडिया पर उनके घमंडी व्यवहार के बारे में बात कर रहे हैं। कई लोग कंसल्टेंसी फर्म आई पैक से भी नाराज हैं, जिसका नेतृत्व अभिषेक बनर्जी कर रहे थे।

कॉरपोरेट हाउस

कई लोगों ने पार्टी से दूरी बना लिया है, जिन्हें पार्टी द्वारा टिकट नहीं मिला या जो लोग फिल्म या खेल जगत से इस फिल्ड में उतरने का फैसला किया था। कई नेताओं का ये कहना है कि पार्टी के उच्च पद पर आसीन लोग जिला और स्थानीय स्तर के नेताओं से हमेशा पैसे की मांग करते हैं। चुनावी नतीजे आने के बाद पार्टी के नेताओं द्वारा दिए गए इस बयान पर टीएमसी ने जवाब दिया है कि इस तरह के बयानों से वह सहमत नहीं है। इसके साथ ही चार नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही पूर्व पर्यटन मंत्री कृष्णेंदु नारायण चौधरी ने कहा, ‘’सिर्फ एक व्यक्ति है, जिसने पार्टी को धीरे-धीरे खत्म कर दिया है। वह है अभिषेक बनर्जी हैं। जिस तरह उन्होंने पार्टी को चलाया वह किसी कॉरपोरेट हाउस की तरह था, जबकि बंगाल की राजनीति कॉरपोरेट हाउस की तरह नहीं चलती।’’

अभिषेक बनर्जी एक आधुनिक

 इसके साथ ही टीएमसी एक और वरिष्ठ नेता अतिन घोष ने कहा, ‘’अभिषेक बनर्जी एक आधुनिक नेता हैं। उन्होंने पार्टी को संगठित रूप देने के लिए आधुनिक तकनीक की मदद ली, लेकिन आधुनिक तकनीक टीएमसी के साथ लोगों की नब्ज को नहीं समझ सकती।‘’ उनका आगे कहा, ‘’जमीनी स्तर पर ऐसे नेतृत्व की जरूरत है, जो सीधे लोगों से बातचीत करे और उनके रवैये को समझने की कोशिश करें।’’ गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में टीएमसी 15 साल बाद सत्ता से बाहर हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य, महिला और बाल कल्याण मंत्री शशि पांजा और खेल मंत्री अरूप बिस्वास समेत पार्टी के कई बड़े नेता अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्र में काफी भारी बहुमत से हार गए हैं।  

विश्वसनीयता पर सवाल

टीएमसी का एक वर्ग कंसल्टेंसी फर्म आई पैक इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर रही है। पूर्व विधायक और वरिष्ठ नेता खगेश्वर रॉय ने कहा, ''मैं इस नतीजे के लिए 98 फीसदी आई पैक को जिम्मेदार ठहराऊंगा। मैंं 1998 से पार्टी के लिए काम कर रहा हूं। मैने पंचायत से विधानसभा तक कई चुनाव देखें हैं, लेकिन 2021 से आई पैक हम पर हावी होने लगा।''

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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