थलापति विजय के साथ किसने किया विश्वासघात? तमिलनाडु में सियासी साजिश

खबर सार :-
मई को आए नतीजों ने थलापति विजय को अभिनेता से नेता बना दिया है। महज दो साल की मेहनत ने थलपति को तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत दिलाई है।

थलापति विजय के साथ किसने किया विश्वासघात? तमिलनाडु में सियासी साजिश
खबर विस्तार : -

Vijay thalapathy: हाल ही में अभिनेता से नेता बने विजय थलापति ने तमिलनाडु की सत्ता संभाली है। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में जनता द्वारा उन्हें भारी मतों से विजयी बनाया गया है। अब राजनीति की गलियारों से खबर आ रही है कि तमिलनाडु की राजनीति दोस्ती और विश्वासघात के मोड़ पर आकर खड़ी हो गई है। यह हलचल तब हुई, जब टीवीके ने सभी सियासी दावेदारों को पछाड़ते हुए भारी मत से 108 सीटों पर जीत हासिल की है। 

वीसीके का साथ

तमिल एक्टर थलापति विजय की पार्टी ने सभी धुरंधरों को पछाड़कर 108 सीटों पर जीत हासिल कर ली है। 118 का आंकड़ा पार करने के लिए विजय को वीसीके का साथ चाहिए, जिसके लिए वो हर संभव प्रयास कर रही है। तमिलनाडु में कुल 234 सीट पर चुनाव हुआ था, जिसमें किसी भी पार्टी को बहुमत के लिए 118 सीटों पर जीत चाहिए, लेकिन विजय के पास बहुमत से 10 सीटें कम है। एआईएडीएमके के वरिष्ठ नेता एसपी वेलुमणि और सीवी षणमुगम ने दलबदल विरोधी कानून को साइड में रखते हुए पार्टी के 47 विधायकों में से 33 को अपनी तरफ करने और टीवीके के साथ गठबंधन करने की साजिश की। फिलहाल विजय को वीसीके का साथ चाहिए। इस बीच टीवीके ने एएमएमके के विधायक कामराज के समर्थन का वीडियो भी सोशल मीडिया पर जारी किया है।

तमिलनाडु सरकार गठन

एक रिपोर्ट के अनुसार 4 मई की रात को एआईएडीएमके के महासचिव ईके पलानीस्वामी ने उदयनिधि स्टालिन से डीएमके और उसके सहयोगी के 74 विधायकों के साथ से सरकार बनाने के लिए चर्चा शुरू कर दी है, जिससे विजय सत्ता न संभाल सकें। इस प्रस्ताव को जल्द ही हवा मिल गई और डीएमके के कई बड़े सदस्यों ने पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन पर एआईएडीएमके के साथ गठबंधन के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया है। इस बीच तमिलनाडु सरकार गठन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर कड़ी नजर रखे हुए है।  

चुनावी रणनीतिकार

जिस दिन नतीजे आए उस दिन से लेकर 6 मई तक वेलुमणि और शनमुगम ने टीवीके के बुस्सी आनंद और आधव अर्जुन के साथ-साथ विजय के चुनावी रणनीतिकार जॉन अरोकियासामी से बातचीत की। उनकी मांग में प्रत्येक पांच विधायकों के लिए एक मंत्री पद और एक उपमुख्यमंत्री का पद शामिल था। 6 मई को कांग्रेस विधायकों द्वारा समर्थन पत्र लेकर टीवीके के पनयूर कार्यालय पहुंचने के बाद टीवीके में चुप्पी रही। वीसीके, सीपीआई और सीपीएम द्वारा समर्थन देने में आनाकानी जारी रखने के बाद टीवीके ने 7 मई को चुप्पी तोड़ी और वेलुमणि-षणमुगम के नेतृत्व वाले समुह से बात शुरू की। 


 

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