Yoga Tips: गर्मी का मौसम आते ही धूप, पसीना, चिपचिपाहट का अहसास होने लगता है। इस मौसम में चिड़चिड़ापन, थकान और शरीर में पानी की कमी जैसी समस्याएं होना आम बात है। अभी मई के महीने की शुरुआत ही हुई और कई शहरों पारा तेजी से बढ़ने लगा है। ऐसे में गर्मी से राहत पाने के लिए लोग तरह-तरह के उपाय करते हैं। साथ ही ऐसी चीजों का सेवन करते हैं ताकि कुछ हद तक गर्मी में ठंडक का अहसास हो सके।
इसके अलावा प्राकृतिक तरीके से शरीर को ठंडा रखने के लिए आप योग (Yoga ) को अपना सकते हैं। योग से न सिर्फ मानसिक शांति मिलती है, बल्कि शरीर को संतुलित और ठंडा रखने में भी मदद मिलती है। वैसे तो प्राचीन योग आधारित ग्रंथों में कई प्राणायाम और आसन बताए गए हैं, लेकिन हम ऐसे आसनों के बारे में बताने जा रहे है, जिन्हें करने से शरीर की ठंडक बरकरार रहेगी और ये किसी भी उम्र के लिए परफेक्ट हैं।
बालासन करने की विधि -घुटनों के बल बैठकर सिर को जमीन पर टिकाएं और हाथों को आगे की ओर फैलाएं। बालासन एक आरामदायक आसन है जो गर्मी से थके शरीर को शांति देने के लिए बहुत फायदेमंद है। इसके अभ्यास से थकान और तनाव दूर होता है। बालासन शरीर और मन दोनों को शीतलता प्रदान करता है। इसका उल्लेख पतंजलि योग सूत्र के अष्टांग योग में किया गया है।
बालासन ( Balasana) के 2 विकल्प होते हैं- पहला जो घुटनों को जोड़ा जाता है। यह आसन मन को शांत रखता है और आत्मनिरीक्षण के लिए प्रेरित करता है। दूसरे में घुटनों को आपस में जोड़े बिना बैठें, इससे पेट और छाती में जगह बनती है और सांसों का प्रवाह बढ़ता है। जब हम आगे की ओर झुकते हैं और सिर नीचे करते हैं, तो हम तंत्रिका तंत्र को आराम करने का संकेत देते हैं। यह रक्तचाप को कम करने और मन को शांत करने में मदद करता है। साथ अक्सर गर्मियों में हम पेट की समस्याओं से जूझते हैं, यह आसन इसे कम करने में मदद करता है।
अर्ध मत्स्येन्द्रासन बहुत ही लाभदायक आसान है। यह हठ योग की प्राचीन परंपरा का एक हिस्सा है। अर्ध मत्स्येन्द्रासन (Ardha Matsyendrasana) अधिवृक्क ग्रंथियों की स्थिति में सुधार करता है। साथ ही, यह आसन कब्ज, अस्थमा और पाचन संबंधी समस्याओं से राहत दिलाने में मददगार है, जो गर्मियों में ज्यादातर लोग पीड़ित होते हैं। यह मधुमेह रोगियों के लिए भी एक अच्छा विकल्प है।
इसे करने के लिए योगा मैट पर क्रॉस लेग करके बैठें। हाथों से जमीन को हल्का दबाएं और सांस लेते हुए रीढ़ की हड्डी को लंबा करें। बाएं पैर को मोड़कर दाएं घुटने के ऊपर लाएं और बाएं पैर को जमीन पर रखें। पैर का पूरा अंगूठा घुटने से आगे नहीं जाना चाहिए तथा बायां घुटना छाती के बीच में होना चाहिए।
नोटः- योग का महत्वपूर्ण नियम यह है कि इसे दोपहर में न करें। योगासान सूर्योदय या सूर्यास्त के समय करें। एक महत्वपूर्ण बात योग करने से पहले किसी कुशल योग प्रशिक्षक से सलाह जरूर लें।
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