Heat Wave: पूरे उत्तर भारत में प्रचंड गर्मी का प्रकोप जारी है। सुबह से ही निकल रही तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को परेशान कर रखा है। अब धीरे-धीरे लू का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक अप्रैल से जून के बीच भारत में सामान्य से ज्यादा गर्मी पड़ने की संभावना है। आमतौर पर इस दौरान काफी गर्मी पड़ती है। इस साल गर्मी और भी खतरनाक रूप ले सकती है। इसका मुख्य कारण जलवायु परिवर्तन है।
गर्मी का मौसम अपने साथ छुट्टियां और मौज-मस्ती लेकर आता। साथ ही चिड़चिड़ापन, थकान और शरीर में पानी की कमी जैसी तमाम समस्याओं का लेकर आता है। भीषण गर्मी से स्वास्थ्य को गंभीर खतरा हो सकता है और गर्मी से जुड़ी कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं। ऐसे में न केवल खान-पान बल्कि जीवनशैली का भी खास ख्याल रखना बहुत जरूरी हो जाता है।
अभी मई के महीने की शुरुआत ही हुई और कई शहरों का पारा तेजी से बढ़ने लगा है। ऐसे में गर्मी से गंभीर और संभावित रूप से घातक स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं, जैसे तापघात, हृदयाघात या स्ट्रोक जैसी अचानक घटनाएं हो सकती हैं। इसके अलावा गुर्दे या फेफड़ों की बीमारी जैसी मौजूदा चिकित्सा स्थितियों को और खराब कर सकती हैं। अत्यधिक गर्मी किसी को भी प्रभावित कर सकती है।
तनाव- गर्मी के मौसम में चिड़चिड़ापन, थकान और शरीर में पानी की कमी जैसी समस्याएं होना आम बात है। ऐसी ही एक जटिलता है गर्मी से होने वाला तनाव। यह अक्सर तब होता है जब व्यक्ति अत्यधिक गर्मी के संपर्क में आता हैं। हीट स्ट्रेस एक आम समस्या है जिसका स्वास्थ्य पर विनाशकारी प्रभाव हो सकता है और कुछ मामलों में तो मौत भी हो सकती है।
त्वचा संबंधी समस्याएं- गर्मी में पसीने और लंबे समय तक गर्म वातावरण में रहने के कारण त्वचा से जुड़ी तमाम समस्याएं हो सकती है। गर्मी की वजह से शरीर में चक्कते पड़ जाते है। जो त्वचा पर जलन का कारण बनते हैं। जिससे खुजली, पिंपल, ब्लिस्टर या फिर जलन होना, लाल पैचेज़ जैसी समस्या हो जाती है।
शरीर में अकड़न- गर्मी के कारण शरीर में पानी और नमक की कमी हो जाती है, जिससे शरीर में दर्दनाक ऐंठन होती है जिसे हीट क्रैम्प्स कहते हैं। इससे सबसे ज़्यादा हाथ, पैर, पीठ आदि शरीर के अंग प्रभावित हो सकते हैं।
बेहोश होना- कई बार गर्मी में ज्यादा देर तक रहने से व्यक्ति बेहोश हो जाता है। शरीर में पानी की कमी होने से भी ऐसा हो सकता है। गर्मी के कारण चक्कर आना, सिर दर्द या बेहोशी जैसी समस्याएं शुरू हो सकती हैं।
डिहाइड्रेशन का शिकार होना- अत्यधिक गर्मी से लोग डिहाइड्रेशन का शिकार हो जाते है। दरअसल गर्मियों में हमें बहुत पसीना आता है और इससे शरीर में पानी की कमी हो जाती है और साथ ही शुगर और नमक का संतुलन भी बिगड़ जाता है। नतीजतन, आपको डिहाइड्रेशन की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। इससे घबराहट, मतली, उल्टी और चक्कर आना मुख्य लक्षण हैं।
गर्मी से राहत पाने के लिए लोग तरह-तरह के उपाय करते हैं। साथ ही ऐसी चीजों का सेवन करते हैं ताकि कुछ हद तक गर्मी में ठंडक का अहसास हो सके।
हल्के कपड़े ही पहने- गर्मियों में हमेशा हल्के और आरामदायक कपड़े पहनें। इससे शरीर का तापमान सही बना रहेगा।
धूप में ज्यादा देर न रहे- इस बात का ध्यान रखें कि आप धूप में कितना समय बिता रहे हैं। कई बार काम के कारण हम भूल जाते हैं कि गर्मी और सीधी धूप कितना नुकसान पहुंचा सकती है। उदाहरण के लिए, जब गर्मी ज़्यादा हो या बहुत ज़्यादा नमी हो, तो बाहर काम करने से बचें। अपनी त्वचा और शरीर को सूरज की UV किरणों से बचाना न भूलें।
अधिक मात्रा में पिये पानी- गर्मी के मौसम में पसीना अधिक निकलता है, इसलिए शरीर को पानी की अधिक जरूरत होती है। इसलिए डिहाइड्रेशन का शिकार होने से बेहतर है कि दिन में 2 से 3 लीटर पानी पिये और खुद को हाइड्रेट रखें।
मुंह और सिर को कपड़े ढक कर निकले- धूप में त्वचा के जलने की संभावना अधिक रहती है, जिसे सनबर्न कहते हैं। क्योंकि अगर सूरज की सीधी रोशनी चेहरे पर पड़े तो हीट स्ट्रोक हो सकता है। इसलिए घर से बाहर जाने से पहले अपने मुंह और सिर को कपड़े से अच्छी तरह ढक लें। सिर पर कपड़ा अवश्य बांधें या टोपी पहनें।
योगा करें- इसके अलावा प्राकृतिक तरीके से शरीर को ठंडा रखने के लिए आप योग (Yoga ) को अपना सकते हैं। योग से न सिर्फ मानसिक शांति मिलती है, बल्कि शरीर को संतुलित और ठंडा रखने में भी मदद मिलती है। वैसे तो प्राचीन योग आधारित ग्रंथों में कई प्राणायाम और आसन हैं, जिन्हें करने से शरीर की ठंडक बरकरार रहेगी और ये किसी भी उम्र के लिए परफेक्ट हैं।
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