Parliament Budget Session 2026-27: संसद का बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू होगा। जबकि आम बजट 1 फरवरी को पेश होगा। इससे पहले मंगलवार को केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में एक सर्वदलीय बैठक हुई। इस बैठक का मकसद यह तय करना है कि संसद के दोनों सदनों का काम बिना किसी रुकावट के चले। बजट सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण से होगी। उसके बाद केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट 2026-27 पेश करेंगी।
बैठके के बाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू (Kiren Rijiju) ने बताया कि संसद भवन परिसर में हुई इस बैठक में 39 राजनीतिक दलों के 51 सांसदों ने हिस्सा लिया। किरेन रिजिजू ने बजट सत्र के दौरान सभी दलों से सहयोग की अपील की। सर्वदलीय बैठक के बाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, "कई नेताओं ने सुझाव दिए हैं, जिन्हें हमने नोट कर लिया है। हमने अपील की है कि यह साल का पहला सत्र है। सभी दल सहयोग करें और सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में योगदान दें।"
रिजिजू ने आगे कहा, "बैठक में अलग-अलग मुद्दों पर चर्चा हुई। हमने कहा कि संसद में हर विषय पर नियमों के अनुसार चर्चा होगी। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया जाएगा। उस दौरान सांसद अपने कई मुद्दे उठा सकते हैं। आम बजट पर चर्चा के दौरान भी सभी सांसद अपने मुद्दे उठाने के लिए स्वतंत्र हैं।" न्होंने कहा कि बैठक में 39 पार्टियों के प्रतिनिधियों ने अपनी-अपनी पार्टियों की ओर से अपने विचार रखे।
संसद सत्र के बारे में किरेन रिजिजू ने कहा कि सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण से होगी। संयुक्त सत्र बुधवार को सुबह 11 बजे निर्धारित है। आर्थिक सर्वेक्षण 29 जनवरी को पेश किया जाएगा और बजट 1 फरवरी को पेश किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सत्र का पहला हिस्सा राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव होगा। उस पर चर्चा होगी। फिर सदन में बजट पर चर्चा होगी।
किरेन रिजिजू ने सांसदों से अपील करते हुए कहा, "हमारे देश का लोकतंत्र दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। हमने संसदीय परंपराओं को स्थापित करने में जिस तरह से पूरी दुनिया को दिखाया है, उसे बनाए रखें। लोकतंत्र में लोगों ने हमें संसद सदस्य के रूप में चुना है, इसलिए कोई व्यवधान नहीं होना चाहिए और नियमों के अनुसार चर्चा होनी चाहिए।" उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में सभी की बात सुनी जानी चाहिए। जिस तरह सभी सदस्यों को बोलने की आज़ादी है, उसी तरह उनमें संसद में दूसरे सदस्यों को सुनने का धैर्य भी होना चाहिए।
गौरतलब है कि संसद का बजट सत्र गुरुवार, 28 जनवरी, 2026 से शुरू हो रहा है और यह दो चरणों में होगा। पहला चरण 28 जनवरी से 13 फरवरी तक चलेगा और दूसरा चरण 9 मार्च से 2 अप्रैल तक चलेगा। सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संबोधन से होगी, जिसमें सरकार की नीतियों, उपलब्धियों और विधायी एजेंडे की रूपरेखा बताई जाएगी। पहले दिन आर्थिक सर्वेक्षण भी पेश किया जाएगा, और 1 फरवरी को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट 2026-27 पेश करेंगी। यह उनका लगातार नौवां पूर्ण बजट होगा।
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