Telegram पर Pirated content को लेकर केंद्र सरकार की सख्ती: 3,100 से ज्यादा चैनल चिन्हित, भेजा नोटिस, फिल्मों और वेब सीरीज की अवैध शेयरिंग हटाने का निर्देश

खबर सार :-
टेलीग्राम को भेजा गया नोटिस ऑनलाइन पायरेसी के खिलाफ सरकार की सख्त कार्रवाई का संकेत है। हजारों चैनलों की पहचान के बाद अब प्लेटफॉर्म पर अवैध फिल्मों और वेब सीरीज की शेयरिंग पर लगाम लगने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे मनोरंजन उद्योग को राहत मिलेगी और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर कॉपीराइट नियमों का पालन और सख्ती से लागू होगा।

Telegram पर Pirated content को लेकर केंद्र सरकार की सख्ती: 3,100 से ज्यादा चैनल चिन्हित, भेजा नोटिस, फिल्मों और वेब सीरीज की अवैध शेयरिंग हटाने का निर्देश
खबर विस्तार : -

Telegram Pirated content notice: ऑनलाइन पायरेसी पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए मैसेजिंग प्लेटफॉर्म Telegram को नोटिस जारी किया है। सरकार ने प्लेटफॉर्म से पायरेटेड यानी कॉपीराइट का उल्लंघन करने वाले कंटेंट को तुरंत हटाने का निर्देश दिया है। सरकार की यह कार्रवाई कई ओटीटी प्लेटफॉर्म्स की शिकायतों के बाद की गई है। इन प्लेटफॉर्म्स का आरोप है कि उनकी फिल्मों और वेब सीरीज को बड़े पैमाने पर टेलीग्राम चैनलों के जरिए अवैध रूप से साझा किया जा रहा है।

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने जारी किया नोटिस

यह नोटिस Ministry of Information and Broadcasting (एमआईबी) की ओर से Information Technology Act 2000 के तहत जारी किया गया है। मंत्रालय ने टेलीग्राम को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वह अपने प्लेटफॉर्म पर मौजूद पायरेटेड कंटेंट को हटाए और भविष्य में इस तरह की गतिविधियों को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए। सरकार का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को कॉपीराइट कानूनों का पालन करना होगा और किसी भी प्रकार की अवैध सामग्री को बढ़ावा देने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

Central Government Notice-Telegram

ओटीटी प्लेटफॉर्म्स की शिकायत के बाद कार्रवाई

इस मामले में प्रमुख ओटीटी प्लेटफॉर्म्स JioCinema और Amazon Prime Video सहित कई कंपनियों ने सरकार से शिकायत की थी। इन प्लेटफॉर्म्स का आरोप था कि उनकी नई फिल्में और वेब सीरीज टेलीग्राम चैनलों पर बिना अनुमति के साझा की जा रही हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है। शिकायतों की जांच के बाद अधिकारियों ने पाया कि टेलीग्राम पर बड़ी संख्या में चैनल कॉपीराइट वाले कंटेंट की पायरेटेड कॉपी शेयर कर रहे हैं।

3,142 टेलीग्राम Channels की पहचान

सरकारी जांच के दौरान कुल 3,142 टेलीग्राम चैनलों की पहचान की गई, जो कथित तौर पर फिल्मों, वेब सीरीज और अन्य कॉपीराइट सामग्री की अवैध कॉपी साझा कर रहे थे। इन चैनलों के जरिए यूजर्स को मुफ्त में नई रिलीज फिल्मों और लोकप्रिय वेब सीरीज तक पहुंच मिल रही थी। सरकार का मानना है कि इस तरह की गतिविधियां न केवल कॉपीराइट कानूनों का उल्लंघन करती हैं बल्कि मनोरंजन उद्योग को भी बड़ा आर्थिक नुकसान पहुंचाती हैं।

Telegram की कुछ सुविधाओं का दुरुपयोग

रिपोर्ट्स के मुताबिक, टेलीग्राम की कुछ तकनीकी सुविधाओं का गलत इस्तेमाल कर पायरेसी को बढ़ावा दिया गया। इनमें प्रमुख रूप से बड़ी फाइल शेयर करने की सुविधा और यूजर्स की पहचान छिपाने का विकल्प शामिल है। इन फीचर्स के कारण कुछ लोगों ने बड़ी मात्रा में फिल्मों और वेब सीरीज की पायरेटेड कॉपी अपलोड कर उन्हें हजारों यूजर्स तक पहुंचा दिया।

OTT Platforms-Central Government

हाल ही में कई OTT प्लेटफॉर्म्स पर भी कार्रवाई

सरकार की यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब हाल ही में अश्लील कंटेंट स्ट्रीम करने के आरोप में कई ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर भी प्रतिबंध लगाया गया था। बताते चलें कि कुछ दिन पहले ही सरकार ने पांच ओटीटी प्लेटफॉर्म्स- MoodX VIP, Koyal PlayPro, Digi Movieplex, Feel OTT और Jugnu OTT-पर कार्रवाई की थी। इसके अलावा जुलाई 2025 में भी केंद्र सरकार ने 25 ओटीटी प्लेटफॉर्म्स की वेबसाइट और मोबाइल ऐप्स को ब्लॉक करने का आदेश दिया था, जिन पर अश्लील या पोर्नोग्राफिक कंटेंट स्ट्रीम करने के आरोप लगे थे।

Digital Platforms के लिए सख्त नियम

ऑनलाइन कंटेंट को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने Information Technology (Intermediary Guidelines and Digital Media Ethics Code) Rules 2021 लागू किए हैं। इन नियमों के तहत किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म को अश्लील, पोर्नोग्राफिक, गोपनीयता का उल्लंघन करने वाले या हिंसा और नफरत को बढ़ावा देने वाले कंटेंट को होस्ट करने की अनुमति नहीं है। सरकार का कहना है कि यदि कोई प्लेटफॉर्म इन नियमों का पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

Online Piracy पर लगाम कसने की कोशिश

विशेषज्ञों का मानना है कि टेलीग्राम को भेजा गया यह नोटिस ऑनलाइन पायरेसी के खिलाफ सरकार की सख्त नीति को दर्शाता है। मनोरंजन उद्योग लंबे समय से मांग कर रहा था कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर अवैध कंटेंट की शेयरिंग पर रोक लगाने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं।

 

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