Nagaur Ammonium Nitrate Seizure : राजस्थान के नागौर जिले में पुलिस ने विस्फोटक सामग्री के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम देते हुए 9,550 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट जब्त किया है। यह कार्रवाई रविवार को की गई, जिसमें थानवला क्षेत्र स्थित एक आवास पर छापा मारकर भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की गई। इस मामले में पुलिस ने सुलेमान खान नामक आरोपी को गिरफ्तार किया है।
नागौर के पुलिस अधीक्षक मृदुल कछवा के अनुसार, पुलिस को आंतरिक स्तर पर कुछ अहम सूचनाएं मिली थीं। इन सूचनाओं की पुष्टि के बाद एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसने सुनियोजित तरीके से सुलेमान खान के घर और उससे जुड़े खेतों की तलाशी ली। जांच के दौरान पुलिस को खेत में छिपाकर रखे गए 187 कार्टन मिले, जिनमें कुल 9,550 किलो अमोनियम नाइट्रेट रखा गया था।इसके साथ ही पुलिस ने 9 कार्टन डेटोनेटर, नीले रंग के तार के 15 बंडल, लाल रंग के तार के 9 बंडल और अन्य संदिग्ध सामग्री भी जब्त की है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह सामग्री अवैध रूप से संग्रहित की गई थी और इसके लिए किसी भी प्रकार की वैधानिक अनुमति नहीं ली गई थी।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, आरोपी सुलेमान खान पहले से ही कानून प्रवर्तन एजेंसियों के रडार पर था। उसके खिलाफ नागौर के थानवला, पादुक्कल्लन और अलवर के चौपसनी थाने में विस्फोटक अधिनियम से जुड़े तीन अलग-अलग मामले दर्ज हैं। मौजूदा मामले में भी उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और विस्फोटक अधिनियम, 1884 की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि सुलेमान खान खदान मालिकों को विस्फोटक सामग्री की आपूर्ति करता था। हालांकि, जिस पैमाने पर अमोनियम नाइट्रेट बरामद हुआ है, उसे देखते हुए पुलिस को आशंका है कि मामला सिर्फ अवैध सप्लाई तक सीमित नहीं है।
इस बात की भी जांच की जा रही है कि कहीं यह सामग्री किसी बड़ी आपराधिक या आतंकी साजिश के लिए तो नहीं जुटाई गई थी। जरूरत पड़ने पर केंद्रीय जांच एजेंसियों की मदद लेकर गहन पूछताछ की जाएगी। गौरतलब है कि अमोनियम नाइट्रेट पहले भी देश में कई बड़े धमाकों से जुड़ा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने याद दिलाया कि नवंबर 2025 में दिल्ली के लाल किले के पास हुए विस्फोट में भी इसी रासायनिक पदार्थ का इस्तेमाल किया गया था। इसके अलावा हाल ही में नाथद्वारा के श्रीनाथजी क्षेत्र में एक पिकअप ट्रक से अवैध विस्फोटकों की बड़ी खेप पकड़ी गई थी, जो बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाने में सक्षम थी। नागौर में हुई यह बरामदगी न केवल स्थानीय सुरक्षा के लिहाज से अहम है, बल्कि यह भी संकेत देती है कि विस्फोटक सामग्री के अवैध नेटवर्क पर सख्त निगरानी और कार्रवाई की जरूरत पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गई है।
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