Indian Army Warns Pakistan : सीमा पार साजिश पर भारतीय सेना की पैनी नजर, 8 आतंकी शिविर अब भी सक्रिय, हर उकसावे पर निर्णायक कार्रवाई तय

खबर सार :-
Indian Army Warns Pakistan : भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि सीमा पार 8 आतंकी ट्रेनिंग कैंप अब भी सक्रिय हैं। किसी भी उकसावे पर भारत की निर्णायक कार्रवाई तय है।

Indian Army Warns Pakistan : सीमा पार साजिश पर भारतीय सेना की पैनी नजर, 8 आतंकी शिविर अब भी सक्रिय, हर उकसावे पर निर्णायक कार्रवाई तय
खबर विस्तार : -

नई दिल्ली: भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पाक को स्पष्ट और कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा है कि सीमा के उस पार अब भी आतंकवाद की जड़ें पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। खुफिया एजेंसियों से मिले पुख्ता इनपुट के आधार पर यह सामने आया है कि पाक अधिकृत क्षेत्रों में कुल आठ आतंकी प्रशिक्षण शिविर अभी भी सक्रिय अवस्था में हैं, जिन पर भारतीय सेना लगातार निगरानी बनाए हुए है।

Indian Army Warns Pakistan : हर उकसावे पर कार्रवाई के लिए सेना तैयार

सेना प्रमुख ने कहा कि भारत की सुरक्षा से जुड़े किसी भी प्रकार के दुस्साहस को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि इन आतंकी ठिकानों से किसी भी तरह की घुसपैठ या हिंसक गतिविधि को अंजाम देने की कोशिश हुई, तो भारतीय सेना पहले से भी अधिक सख्त और प्रभावी जवाब देगी। जनरल द्विवेदी के अनुसार, सक्रिय आठ आतंकी कैंपों में से दो अंतरराष्ट्रीय सीमा के नजदीक स्थित हैं, जबकि शेष छह शिविर लाइन ऑफ कंट्रोल (LOC) के आसपास संचालित हो रहे हैं। इन शिविरों में अनुमानित रूप से 100 से 150 आतंकियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सेना और खुफिया एजेंसियां मिलकर हर गतिविधि पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं। सेना प्रमुख ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि आतंकियों की ओर से किसी भी प्रकार की हरकत होती है, तो भारत की प्रतिक्रिया तुरंत और निर्णायक होगी। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर अभी समाप्त नहीं हुआ है, बल्कि यह एक सतत प्रक्रिया है, जिसके तहत सेना पूरी सतर्कता के साथ तैनात है।

Indian Army Warns Pakistan : ऑपरेशन सिंदूर के बाद सीमाओं पर तनाव में कमी

ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के बाद दोनों देशों के सैन्य संचालन महानिदेशक (DGMO) स्तर की बातचीत में यह सहमति बनी थी कि आगे की तैनाती को सीमित किया जाएगा। इसके तहत तनाव के दौरान की गई अतिरिक्त फॉरवर्ड डिप्लॉयमेंट को तय सैन्य ठिकानों पर वापस ले जाया गया है, जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों में हालात अब नियंत्रण में हैं।  जनरल द्विवेदी ने यह भी स्पष्ट किया कि डीजीएमओ स्तर की बातचीत में परमाणु हथियारों को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई। उन्होंने कहा कि परमाणु युद्ध से जुड़े बयान राजनीतिक या सार्वजनिक मंचों से सामने आए थे, सेना की ओर से ऐसा कोई संदेश या संकेत नहीं दिया गया। सेना प्रमुख ने बताया कि यह पहली बार था जब भारत ने पारंपरिक और परमाणु युद्ध की सीमा के बीच की सैन्य क्षमता का रणनीतिक रूप से इस्तेमाल किया। इससे यह संदेश साफ गया है कि भारत किसी भी स्तर की चुनौती का सामना करने में पूरी तरह सक्षम है। ऑपरेशन सिंदूर 7 मई को शुरू होकर 10 मई तक चला। इस दौरान निर्धारित 9 लक्ष्यों में से 7 को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। 10 मई के बाद से जम्मू-कश्मीर में स्थिति स्थिर बनी हुई है और सुरक्षा बलों का नियंत्रण मजबूत हुआ है।

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