नई दिल्ली: शराब घोटाला मामले में अदालत से बरी होने के बाद दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। आम आदमी पार्टी (आप) के मुख्यालय में आयोजित इस प्रेस वार्ता में उनके साथ वरिष्ठ नेता मौजूद थे। केजरीवाल ने सीधे तौर पर भाजपा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी पार्टी को खत्म करने के लिए एक सुनियोजित साजिश रची गई।
केजरीवाल ने कहा कि उन्हें और उनकी पार्टी के अन्य नेताओं को झूठे और मनगढ़ंत मामले में फंसाया गया, जो अदालत में टिक नहीं सका। उन्होंने बताया कि अदालत ने लगभग 600 पन्नों के विस्तृत आदेश में स्पष्ट किया है कि मामले में ट्रायल शुरू करने के लिए पर्याप्त सबूत और सामग्री मौजूद नहीं थी। उनके अनुसार, यह फैसला न केवल उनके लिए बल्कि उनके समर्थकों के लिए भी न्याय की जीत है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने न्यायाधीशों और वकीलों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों और भारी राजनीतिक दबाव के बावजूद न्यायपालिका ने कानून का पालन किया और साहस का परिचय दिया। केजरीवाल ने कहा कि पिछले चार वर्षों में केंद्रीय एजेंसियों सीबीआई और ईडी का इस्तेमाल कर उन्हें और उनकी पार्टी को परेशान किया गया।
उन्होंने यह भी ऐलान किया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मामले को उनकी पार्टी उच्च अदालत में चुनौती देगी। उनका तर्क है कि जब सीबीआई का मामला अदालत द्वारा खारिज किया जा चुका है, तो ईडी का केस भी ठोस आधार पर नहीं टिक सकता। उन्होंने दावा किया कि पूरी कार्रवाई का उद्देश्य राजनीतिक लाभ उठाना और उन्हें सत्ता से बाहर करना था।
केंद्र सरकार पर हमला तेज करते हुए केजरीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने आम आदमी पार्टी को खत्म करने की “सबसे खतरनाक और सोची-समझी साजिश” रची। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता पाने की चाह में उनकी पार्टी के पांच बड़े नेताओं को जेल भेजा गया। उन्होंने कहा, “हमने जीवन में सम्मान के अलावा कुछ नहीं कमाया। भाजपा ने राजनीतिक फायदा लेने के लिए हमें निशाना बनाया।”
केजरीवाल ने अदालत के फैसले को अपनी ईमानदारी का प्रमाण बताते हुए कहा कि यह निर्णय मजबूती से साबित करता है कि वह और उनके साथी ‘कट्टर ईमानदार’ हैं। उन्होंने कहा कि जनता ने हमेशा उनकी नीतियों और कामकाज पर भरोसा जताया है और यह भरोसा आगे भी कायम रहेगा।
प्रधानमंत्री को सीधी चुनावी चुनौती देते हुए उन्होंने कहा कि अगर आज दिल्ली में विधानसभा चुनाव करा दिए जाएं, तो जनता का गुस्सा साफ दिखाई देगा। उन्होंने दावा किया कि भाजपा को दस से ज्यादा सीटें नहीं मिलेंगी। उनका कहना था कि केंद्र सरकार को आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति छोड़कर शासन सुधार और जनता की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए।
कांग्रेस की ओर से इस क्लीन चिट को साजिश बताने के सवाल पर केजरीवाल ने पलटवार किया। उन्होंने पूछा कि अगर यह सब राजनीतिक साजिश है, तो फिर राहुल गांधी या रॉबर्ट वाड्रा जैसे कांग्रेस नेताओं को जेल क्यों नहीं भेजा गया। उन्होंने संकेत दिया कि केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई चुनिंदा और राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित रही है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में केजरीवाल ने कहा कि उनकी लड़ाई सत्ता के लिए नहीं, बल्कि व्यवस्था परिवर्तन और ईमानदार राजनीति के लिए है। उन्होंने दावा किया कि जनता सब देख रही है और आने वाले समय में उसका फैसला निर्णायक होगा।
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