मौसम :  उत्तर भारत को झुलसाती गर्मी से मिलेगी बड़ी राहत, आईएमडी ने जारी किया आंधी-बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट

खबर सार :-
मौसम : भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की बड़ी भविष्यवाणी! उत्तर भारत को हीटवेव से राहत मिलने के आसार। पश्चिमी विक्षोभ के कारण पंजाब, हरियाणा, यूपी और एमपी में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी। जानिए तापमान में कितनी आएगी गिरावट।
मौसम :  उत्तर भारत को झुलसाती गर्मी से मिलेगी बड़ी राहत, आईएमडी ने जारी किया आंधी-बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट
खबर विस्तार : -

नई दिल्ली: पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों से बेहाल उत्तर-पश्चिम भारत के लोगों के लिए आखिरकार राहत की एक बड़ी खबर आई है। सूरज के तल्ख तेवर और आसमान से बरसती आग के बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने एक ऐसा पूर्वानुमान जारी किया है, जिससे लोगों को बड़ी तसल्ली मिल सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक, आने वाले तीन दिनों के भीतर उत्तर भारत के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जाएगी। मौसम के इस बदलते मिजाज के कारण पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों को भीषण लू (Heatwave) से सीधे तौर पर निजात मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग का कहना है कि सिर्फ तापमान ही नहीं गिरेगा, बल्कि इसके साथ तेज आंधी, आकाशीय बिजली चमकने और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी पूरी संभावना बन रही है। यानी जो मैदानी इलाके अब तक भट्टी की तरह तप रहे थे, वहां अब मौसम पूरी तरह करवट लेने वाला है।

 पश्चिमी विक्षोभ और पूर्वी हवाओं का गठजोड़ बदलेगा मौसम का मिजाज

आईएमडी के वरिष्ठ वैज्ञानिकों के अनुसार, इस मौसमी बदलाव के पीछे मुख्य वजह एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) है जो सक्रिय हो चुका है। इसके साथ ही मैदानी इलाकों में बंगाल की खाड़ी की तरफ से आने वाली नम पूर्वी हवाओं का आगमन भी शुरू हो गया है। जब ये दोनों मौसमी सिस्टम एक साथ मिलते हैं, तो मैदानी इलाकों में हलचल बढ़ती है।
मौसम वैज्ञानिक अखिल श्रीवास्तव ने इस संबंध में मीडिया को विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मौजूदा समय में उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस या उससे भी पार बना हुआ था। लोग उमस और सूखी गर्मी से बेहाल थे। लेकिन अब जो नया सिस्टम बना है, उसके प्रभाव से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में तो बर्फबारी और बारिश होगी ही, साथ ही उससे सटे मैदानी इलाकों में भी गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की पूरी संभावना है। यह बदलाव अचानक नहीं बल्कि चरणबद्ध तरीके से पूरे उत्तर-पश्चिम भारत को अपनी चपेट में लेगा, जिससे वातावरण में मौजूद तपन धीरे-धीरे कम होने लगेगी।

 पारा 5 से 10 डिग्री तक लुढ़केगा, इन राज्यों में दिखेगा सबसे ज्यादा असर

मौसम विभाग की मानें तो इस मौसमी उलटफेर का सबसे सीधा असर तापमान पर पड़ेगा। 28 से 30 मई के बीच उत्तर भारत के राज्यों में अधिकतम तापमान में 5 से 8 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट देखी जा सकती है। कुछ चुनिंदा और अलग-थलग इलाकों में तो पारा सामान्य से 10 डिग्री सेल्सियस तक नीचे जा सकता है।

आईएमडी का अनुमान: "आने वाले दो से तीन दिनों में लू का प्रकोप पूरी तरह थम जाएगा। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में जो झुलसाने वाली हवाएं चल रही थीं, उनकी जगह ठंडी हवाएं ले लेंगी।"

तापमान में इतनी बड़ी गिरावट के बाद लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने में जो परेशानी हो रही थी, उससे काफी हद तक राहत मिल जाएगी। हालांकि, मौसम विभाग ने यह भी साफ किया है कि तापमान गिरने का मतलब यह नहीं है कि गर्मी पूरी तरह खत्म हो जाएगी, लेकिन जो जानलेवा लू चल रही थी, उससे तात्कालिक राहत जरूर मिल जाएगी।

 60 से 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, ओलावृष्टि की चेतावनी

राहत की इस खबर के बीच मौसम विभाग ने एक जरूरी चेतावनी भी जारी की है। आईएमडी के मुताबिक, जब तापमान में इतनी तेजी से गिरावट आती है और गर्म व ठंडी हवाएं आपस में टकराती हैं, तो आंधी-तूफान की स्थिति पैदा होती है। विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में 60 से लेकर 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी चल सकती है।

इसके साथ ही, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड वाले इलाकों में कुछ जगहों पर ओले गिरने (ओलावृष्टि) की भी आशंका जताई गई है। तेज हवाओं के कारण बिजली के खंभों, पेड़ों और कमजोर मकानों को नुकसान पहुंच सकता है।

मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि जिन फसलों की कटाई हो चुकी है या जो मंडियों में खुले में रखी हैं, उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया जाए, क्योंकि अचानक आने वाली आंधी और बारिश खड़ी फसलों या खुले में रखे अनाज को भारी नुकसान पहुंचा सकती है।

इस सीजन की सबसे लंबी लू से परेशान रहे लोग

इस साल मई के महीने ने गर्मी के पिछले कई रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। दिल्ली, राजस्थान के चुरू और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में पारा 47 से 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। रातें भी बेहद गर्म हो रही थीं, जिससे लोगों को चौबीसों घंटे आराम नहीं मिल पा रहा था। अस्पतालों में भी हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या में अचानक तेजी देखी गई थी।

ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में आईएमडी की यह भविष्यवाणी देश के एक बड़े हिस्से के लिए संजीवनी की तरह है। भले ही यह राहत आंधी और बारिश के साथ आ रही है, लेकिन लगातार तपती धूप झेल रहे आम नागरिकों के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं है। अब देखना यह होगा कि यह मौसमी सिस्टम कितनी जल्दी पूरे उत्तर भारत को अपनी आगोश में लेता है और तपते शहरों को कितनी ठंडक पहुंचा पाता है।

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