Youth Congress President Arrested : दिल्ली कोर्ट ने पुलिस के 'संवेदनशील' दावे को नकारा, कहा- 'विरोध में आतंकवाद जैसी कोई बात नहीं'

खबर सार :-
Youth Congress President Arrested :दिल्ली की अदालत ने यूथ कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब की गिरफ्तारी मामले में पुलिस को फटकार लगाई है। कोर्ट ने शर्टलेस विरोध को प्रतीकात्मक बताया और पुलिस के 'संवेदनशील' दावे को खारिज कर दिया।

Youth Congress President Arrested : दिल्ली कोर्ट ने पुलिस के 'संवेदनशील' दावे को नकारा, कहा- 'विरोध में आतंकवाद जैसी कोई बात नहीं'
खबर विस्तार : -

नई दिल्ली: दिल्ली की एक अदालत ने हाल ही में 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट' के दौरान विरोध प्रदर्शन करने वाले भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) के कार्यकर्ताओं और उनके अध्यक्ष की गिरफ्तारी पर कड़ी टिप्पणी की है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि शर्टलेस होकर विरोध करना एक 'प्रतीकात्मक प्रदर्शन' है और इसे आतंकवाद या उग्रवाद की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता।

Youth Congress President Arrested :  क्या है पूरा मामला?

पिछले शुक्रवार को राजधानी में आयोजित 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट' के दौरान युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने एक अनोखा विरोध प्रदर्शन किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति वाले इस कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने अपनी शर्ट उतारकर (शर्टलेस होकर) सरकार और भारत-अमेरिका अंतरिम ट्रेड डील के खिलाफ नारेबाजी की थी। कार्यकर्ताओं के हाथों में सफेद टी-शर्ट थीं, जिन पर प्रधानमंत्री का चेहरा और विरोध के नारे छपे थे। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस ने उदय भानु चिब सहित 12 लोगों को गिरफ्तार किया है।

Youth Congress President Arrested :  अदालत ने पुलिस की दलीलों को किया खारिज

मंगलवार को जब युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया, तो दिल्ली पुलिस ने मामले को "अत्यंत संवेदनशील" बताते हुए एफआईआर (FIR) की कॉपी साझा करने से इनकार कर दिया। ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास (JMFC) रवि ने पुलिस के इस दावे को पूरी तरह आधारहीन बताया। अदालत ने कहा:  "किसी मामले को सिर्फ संवेदनशील कह देने से वह संवेदनशील नहीं हो जाता। पुलिस का यह दावा कि इसमें आतंकवाद या विद्रोह के तत्व शामिल हैं, पूरी तरह अस्वीकार्य है। यह महज एक प्रतीकात्मक विरोध था।"

Youth Congress President Arrested :  संविधान और अधिकारों का उल्लंघन

अदालत ने पुलिस को फटकार लगाते हुए कहा कि एफआईआर की कॉपी न देना भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 230 का उल्लंघन है। कोर्ट ने आगे कहा कि यह आरोपी के संवैधानिक अधिकारों (अनुच्छेद 21 और 22) का भी हनन है, जो उसे निष्पक्ष प्रक्रिया और गिरफ्तारी का आधार जानने का हक देते हैं। अदालत ने निर्देश दिया कि उदय भानु चिब को तुरंत एफआईआर की प्रति उपलब्ध कराई जाए ताकि वे अपना बचाव और जमानत की अर्जी तैयार कर सकें। हालांकि, कोर्ट ने चिब को 4 दिनों की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।

Youth Congress President Arrested : गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ है मुकदमा

तिलक मार्ग पुलिस स्टेशन में दर्ज इस मामले में दिल्ली पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर धाराएं लगाई हैं। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

धारा 61(2): आपराधिक षड्यंत्र
धारा 132: लोक सेवक पर हमला या बल प्रयोग
धारा 196 & 197: राष्ट्रीय एकता को नुकसान पहुँचाने वाले आरोप और शत्रुता बढ़ाना
धारा 221: सरकारी कार्य में बाधा डालना

अदालत की इस टिप्पणी से दिल्ली पुलिस और सरकार को असहज स्थिति का सामना करना पड़ा है। कोर्ट का यह रुख स्पष्ट करता है कि लोकतांत्रिक देश में शांतिपूर्ण और प्रतीकात्मक विरोध को देशद्रोही या आतंकी गतिविधियों के चश्मे से नहीं देखा जा सकता। अब देखना यह है कि 4 दिनों की रिमांड के बाद इस मामले में क्या नया मोड़ आता है।
 

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