Ram Rahim Parole: राम रहीम को फिर मिली 30 दिन की पैरोल, झलका पीड़ित परिवार का दर्द

खबर सार :-
Ram Rahim Parole: डेरा मुखी गुरमीत राम रहीम को एक बार फिर से 30  दिन की पैरोल मिली है। 6 साल में उसे 16वीं बार पैरोल मिली है। फिलहाल वह 30 दिन तक सिरसा डेरे में रहेगा।
Ram Rahim Parole: राम रहीम को फिर मिली 30 दिन की पैरोल, झलका पीड़ित परिवार का दर्द
खबर विस्तार : -

Ram Rahim Parole: सुनारिया जेल में बंद डेरा सच्चा सौदा का प्रमुख गुरमीत राम रहीम एक बार फिर चर्चा में आ गया है। 2026 में उसे दूसरी बार पैरोल मिल गई है। इस बार उसे 30 दिनों की पैरोल मिली है। मिली जानकारी के अनुसार गुरमीत डेरा सच्चा सौदा सिरसा डेरे में रहेगा। अब तक उसे 16वीं बार पेरोल मिल चुकी है, जो हर बार चर्चा का विषय बनती है। 

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को पैरोल

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम एक बार फिर से पैरोल मिलने के कारण सुर्खियों में आ गया है। उसे साध्वियों के रेप और हत्या के केस में 28 अगस्त 2017 को 20 साल कैद की सजा सुनाई गई थी। यह फैसला सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा सुनाया गया था, तब से वह रोहतक के सुनारिया जेल में बंद है। इस साल उसे जनवरी महीने में भी 40 दिन की पैरोल मिली थी। 2017 से अब तक 9 साल में राम रहीम कुल 430 दिनों तक पैरोल पर रहा। राम रहीम को पैरोल के साथ कुछ नियमों का पालन करना होगा, जिसमें वो किसी सार्वजनिक स्थान पर नहीं जा सकता है और किसी तरह की जनसभा नहीं कर सकता। इन 30 दिनों के भीतर वह डेरे से बाहर नहीं जा सकता है। 

अक्टूबर 2020 से अब तक कई बार पैरोल

गुरमीत राम रहीम को अक्टूबर 2020 से अब तक कई बार पैरोल मिली है। साल 2020 में मेडिकल जांच के आधार पर एक दिन की पैरोल मिली थी। इसके बाद साल 2021 में 12 घंटे की पैरोल मिली थी, जिसमें अपनी बीमार मां से मिलने की याचिका दायर की गई थी। फरवरी 2021 में परिवार से मिलने के लिए 21 दिन का फरलो मिला था। जून 2022 में 30 दिन की, उसी साल अक्टूबर में 40 दिन की पैरोल मिली थी। साल 2023 में भी 40 दिन की, नवंबर 2023 में राजस्थान चुनाव से पहले 29 दिन की, जनवरी 2026 में 40 दिन और मई में 30 दिन की पैरोल मिली है।  

पीड़ित परिवार ने नाराजगी जाहिर की

राम रहीम के पैरोल मिलने पर पीड़ित परिवार ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा है कि ''बार-बार राम रहीम को पैरोल मिलना उनके लिए जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है। उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि आम कैदियों के मामले में भी सिस्टम इसी तरह की सद्भावना दिखाता है? सालों तक कानूनी लड़ाई लड़ने के बाद उसे सजा सुनाई गई और इस तरह उसे पैरोल मिलना उनके लिए किसी त्रासदी से कम नही है।''

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