Lucknow Murder Case: राजधानी लखनऊ के आशियाना क्षेत्र में बेटे द्वारा की गई पिता की हत्या से हर कोई सन्न है। इस घटना में कई ऐसे भी खुलासे हुए हैं, जिसे पचा पाना भी लोगों के लिए आसान नहीं है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपी बेटे ने बहन के सामने ही घटना को अंजाम दिया था। बॉडी के टुकड़े-टुकड़े करने के बाद भी बहन ने इस घटना के बारे में किसी को कुछ नहीं बताया इसके पीछे भी कई कयास लगाए जा रहे हैं। बता दें कि मृतक मानवेंद्र सिंह मूल रूप से जालौन के रहने वाले थे। उनके पिता रिटायर्ड पुलिस इंस्पेक्टर हैं। मानवेंद्र की पत्नी की नौ साल पहले मौत हो गई थी।
पुलिस की पूछताछ में कई और खुलासे हो रहे हैं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या 21 साल का कोई आदमी अकेले इतने बड़े शरीर के टुकड़े करके उसे ठिकाने लगा सकता है। हालांकि, अभी तक अक्षत ने अकेले ही जुर्म कबूल कर लिया है।
अभी तक हुए खुलासे में ये सामने आया है कि वारदात की शुरुआत 20 फरवरी की सुबह करीब 4:30 बजे तब हुई जब पिता मानवेंद्र आशियाना के सेक्टर-एल स्थित मकान नंबर 91 में बेटे को नीट परीक्षा पास करने के लिए दबाव बना रहे थे। लेकिन इस बीच विवाद इतना बढ़ गया कि पिता ने बेटे पर राइफल तान दी, लेकिन अक्षत ने पिता से राइफल छीन कर उनके ही ऊपर फायर कर दी जिससे मानवेंद्र की मौत हो गई।
पुलिस के मुताबिक, अक्षत के पिता ने रात में उसे समझाया और फिर बिस्तर पर लेट गए। पास में एक राइफल पड़ी थी, अक्षत ने उसे उठाया और मानवेंद्र के सिर में गोली मार दी। अगले दिन, वह अमौसी गया, बिस्तर, चादरें और खून से सने तकिए को अपनी कार में पैक किया और फिर बिस्तर में आग लगा दी।
जब अक्षत ने अपने पिता को गोली मारी, तो उसकी छोटी बहन कृति, जो 11वीं क्लास में पढ़ती थी, जाग गई। उसने अपने पिता को खून से लथपथ देखा तो चीख पड़ी। लेकिन अक्षत गुस्से में था। उसने अपनी बहन को धमकी दी कि अगर उसने किसी को बताया, तो वह उसे भी मार डालेगा। डरी हुई मासूम बच्ची चार दिन तक उसी घर में कैद रही, जहाँ उसके पिता की बॉडी के टुकड़े किए जा रहे थे।
पिता की हत्या के बाद अक्षत बार-बार घर से बाहर चला गया। पड़ोसियों के पूछने पर उसने बताया कि उसके पिता 19 फरवरी को काम से दिल्ली गए थे और वापस नहीं लौटे। अक्षत ने शक से बचने के लिए 20 फरवरी को पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। पड़ोसियों के पूछने पर उसने बताया कि उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद पड़ोसी उसे पुलिस स्टेशन ले गए। जब पुलिस ने कोई सुनवाई नहीं की, तो एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (ADCP) के पास शिकायत दर्ज कराई। लखनऊ में अपने पड़ोसियों को जांच करते देख अक्षत घबरा गया। उसे लगा कि उन्हें उस पर शक है।
सोमवार दोपहर 2 बजे उसने अपने पिता के करीबी दोस्त सोनू को फोन करके कहा, "अंकल, पापा ने सुसाइड कर लिया है।" यह सुनकर सोनू दौड़कर मानवेंद्र के घर गया। घरवालों के मुताबिक, सोनू ने अक्षत से पूछताछ शुरू की, जिसने उसे बताया कि उसके पिता ने 20 फरवरी को सुसाइड कर लिया था। सोनू ने जानकारी देने में देरी के लिए उसे डांटा। डांट के बाद अक्षत टूट गया और उसने पूरी कहानी बता दी।
DCP मध्या विक्रांत वीर ने इस घटना के बारे में बताते कहा कि 21 फरवरी को आशियाना पुलिस स्टेशन में मानवेंद्र सिंह के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एक्टिव जांच शुरू की। मानवेंद्र सिंह के भाई अरविंद कुमार, जो सेक्रेटेरिएट सिक्योरिटी में तैनात थे, से पूछताछ की गई। जब पुलिस ने मानवेंद्र के बेटे अक्षत से पूछताछ की, तो उसने पहले गोलमोल जवाब दिए, लेकिन जब उससे बारीकी से पूछताछ की गई, तो उसने जुर्म कबूल कर लिया।
फिलहार लखनऊ पुलिस ने आरोपी अक्षत प्रताप सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी ड्रम में बचे हुए बॉडी पार्ट्स को ठिकाने लगाने की योजना बना रहा था, लेकिन ऐसा करने से पहले ही पकड़ा गया। पुलिस और फोरेंसिक टीम सबूत और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मामले की कड़ियों को जोड़ रही है।
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