क्या है ग्रीन टेक्नोलाॅजी? कम लागत में आधुनिक तकनीक से बनेंगी गुजरात की 20 सड़कें
खबर सार :-
गुजरात की सड़कों का अब कायाकल्प होने वाला है। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान रखते हुए भूपेंद्र सरकार राज्य की 20 सड़कों का निर्माण ग्रीन टेक्नोलाॅजी से करवाने जा रही है।
खबर विस्तार : -
गांधीनगर: ग्रीन टेक्नोलॉजी गुजरात की सड़कों का नजारा बदलने के लिए तैयार है। इस पहल से सड़कें ज्यादा मजबूत और टिकाऊ बनेंगी और साथ ही पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। कुल 20 सड़कों का निर्माण 1,147 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा।
राज्य सूचना विभाग ने घोषणा की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "स्पीड और स्केल" (गति और पैमाना) के विजन को आगे बढ़ाते हुए, गुजरात सरकार अब सड़क निर्माण में ग्रीन टेक्नोलॉजी का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में राज्य सरकार ने आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल टेक्नोलॉजी का उपयोग करके 1,147 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न जिलों में 20 सड़कों को विकसित करने की योजना बनाई है। सरकार का दावा है कि इस टेक्नोलॉजी से सड़क निर्माण की लागत कम होगी। इसके अलावा, सड़कें ज्यादा मजबूत और टिकाऊ बनेंगी और साथ ही पर्यावरण की सुरक्षा में भी योगदान देंगी।
इन जिलों की सड़कों पर होगा काम
यह काम पाटन, गिर सोमनाथ, महीसागर, भरूच, मोरबी, सुरेंद्रनगर, सूरत, वडोदरा, छोटा उदयपुर, आनंद, मेहसाणा, कच्छ, भावनगर, जामनगर और नर्मदा ज़िलों की मुख्य सड़कों पर किया जाएगा। काम के दायरे में सड़क चौड़ीकरण, री-सर्फेसिंग (दोबारा सतह बनाना), चार-लेन में बदलना, साइड शोल्डर बनाना, रोड फ़र्नीचर लगाना, व्हाइट-टॉपिंग, ग्लास ग्रिड लगाना और RCC नाली लाइन बनाना शामिल है। सूरत जिले में डिंडोली-कराडवा-इकलेरा सड़क सहित कई मुख्य मार्गों को इस नई टेक्नोलॉजी का उपयोग करके विकसित किया जाएगा।
ग्रीन टेक्नोलॉजी कैसे काम करेगी?
इस टेक्नोलॉजी में मौजूदा सड़क की संरचना को हटाना और उसकी सामग्री का दोबारा इस्तेमाल करना शामिल है। सड़क की निचली परत (बेस लेयर) को मजबूत बनाने के लिए चूना, सीमेंट और रासायनिक योजकों के मिश्रण का उपयोग किया जाता है। इसके बाद, "SAMI" नामक एक हाई-टेक फाइबर शीट बिछाई जाती है, जिसके ऊपर डामर की एक परत चढ़ाई जाती है। यह प्रक्रिया सड़क की सतह पर दरारें पड़ने की आशंका को कम करती है और उसकी उम्र को काफी हद तक बढ़ा देती है।
ग्रीन टेक्नोलॉजी के मुख्य फायदे
- सड़क बनाने का खर्च कम होना
- सड़क की मजबूती और टिकाऊपन बढ़ना
- बार-बार मरम्मत की जरूरत कम होना
- कार्बन उत्सर्जन कम होना
- प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण
औद्योगिक क्षेत्रों को भी होगा फायदा
भरूच जिले में जंबूसर-टंकाली-देवला सड़क का पुनः निर्माण 50 करोड़ रुपये से किया जाएगा। यह सड़क फार्मास्यूटिकल बल्क ड्रग पार्क, ONGC प्लांट और नमक उत्पादन क्षेत्रों को एक-दूसरे से जोड़ती है। उम्मीद है कि इस प्रोजेक्ट से उद्योगों और परिवहन, दोनों ही क्षेत्रों को काफी फायदा होगा। राज्य सरकार सड़क निर्माण में आधुनिक टेक्नोलॉजी का भी इस्तेमाल करेगी, जैसे कि बेकार प्लास्टिक से बनी सड़कें, व्हाइट टॉपिंग, जियोग्रिड्स, ग्लास ग्रिड्स, कोल्ड मिक्स एस्फाल्ट, सीमेंट स्टेबिलाइजेशन, फ्लाई ऐश, इंटरलॉकिंग पेवर्स और परपेचुअल पेमेंट्स। सरकार का मानना है कि इस पहल से आधुनिक, टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में गुजरात की एक नई पहचान बनेगी।
यह भी पढ़ेंः-PM Modi Rojgar Mela: मोदी सरकार का 'मिशन रोजगार' , PM ने 51 हजार युवाओं को सौंपे नियुक्ति पत्र
अन्य प्रमुख खबरें
-
बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर बैन की मांग पर केंद्र से मांगा जवाब
2026-10-16
-
CJP की ‘लहरा दो तिरंगा’ यात्रा, पुलिस ने दिपके को भेजा नोटिस
2026-10-16
-
भारत-रूस नौसैनिक अभ्यास ‘इंद्र-2026’ का समुद्री चरण शुरू होने को तैयार
2026-10-16
-
त्योहारों पर रेलवे का तोहफा! शकूर बस्ती तक चलेंगी स्पेशल ट्रेनें
2026-10-16
-
FIITJEE मनी लॉन्ड्रिंग केस में ED की चार्जशीट, 71.88 करोड़ की संपत्तियां जब्त करने की मांग
2026-10-16
-
झमाझम बारिश के साथ दिल्ली-NCR में गुलाबी ठंड ने दी दस्तक
2026-10-16
-
NSG के 42वें स्थापना दिवस पर लोकसभा अध्यक्ष समेत कई नेताओं ने दी बधाई
2026-10-16
-
विश्व खाद्य दिवस आज, नेताओं ने की अन्न की बर्बादी रोकने की अपील
2026-10-16
-
युवाओं से नई टेक्नोलॉजी अपनाने और देश के विकास में योगदान देने की अपील
2026-10-15
-
दिल्ली में 18 और 25 अक्टूबर को लगेंगे विशेष वोटर कैंप, हेल्पलाइन नंबर जारी
2026-10-15
-
नक्सलवाद पीड़ितों के घाव भरना सरकार की जिम्मेदारी: अमित शाह
2026-10-15
-
पाकिस्तान ने की आतंकी हरकत तो पिछली बार से भी बड़ा प्रहार होगाः राजनाथ सिंह
2026-10-15
-
15 से 18 OCTOBER तक आंधी-बारिश का अलर्ट, Gwalior में गिरेगा हवा के साथ पानी
2026-10-15
-
दिवाली से पहले 11.40 लाख कर्मचारियों को बोनस की सौगात
2026-10-14
-
राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम 5 वर्ष तक जारी रखने की मिली मंजूरी
2026-10-14