समुद्र में ‘Short Landing’ से टला बड़ा हादसा: Pawan Hans helicopter के सभी 7 यात्री सुरक्षित

खबर सार :-
अंडमान में पवन हंस हेलीकॉप्टर की सूझबूझ भरी इमरजेंसी लैंडिंग ने संभावित त्रासदी को टाल दिया, जबकि स्पाइसजेट की फ्लाइट की सुरक्षित वापसी ने सतर्कता की मिसाल पेश की। हालांकि झारखंड हादसे ने विमानन सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। लगातार तकनीकी खराबियों की घटनाएं दर्शाती हैं कि सुरक्षा मानकों की कड़ी समीक्षा और निगरानी अब और अधिक जरूरी हो गई है।

समुद्र में ‘Short Landing’ से टला बड़ा हादसा: Pawan Hans helicopter के सभी 7 यात्री सुरक्षित
खबर विस्तार : -

Pawan Hans helicopter emergency landing: अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में मंगलवार सुबह एक बड़ा विमान हादसा टल गया। सरकारी हेलीकॉप्टर सेवा प्रदाता कंपनी Pawan Hans के एक हेलीकॉप्टर को उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद समुद्र में इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। राहत की बात यह रही कि हेलीकॉप्टर में सवार सभी सात लोग सुरक्षित हैं और किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। घटना सुबह करीब 9:30 बजे की है।

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय के आधिकारिक बयान के अनुसार, हेलीकॉप्टर ने Port Blair (श्री विजयपुरम) से उड़ान भरी थी। यह उड़ान मध्य अंडमान के उत्तरी हिस्से की ओर जा रही थी। कंपनी के प्रवक्ता के अनुसार, मायाबंदर के पास तकनीकी दिक्कत के कारण हेलीकॉप्टर को ‘शॉर्ट लैंडिंग’ करनी पड़ी। बताया जा रहा है कि लैंडिंग से ठीक पहले तकनीकी खराबी का संकेत मिला, जिसके बाद पायलट ने सतर्कता बरतते हुए समुद्र में रनवे से लगभग 300 मीटर पहले हेलीकॉप्टर उतार दिया। हेलीकॉप्टर में दो क्रू मेंबर और पांच यात्री सवार थे।

Pawan Hans-Emergency Landing-Andaman

Pawan Hans Emergency Landing: त्वरित रेस्क्यू ऑपरेशन

एयरलाइंस के मुताबिक जैसे ही हेलीकॉप्टर समुद्र में उतरा, स्थानीय प्रशासन और बचाव दल हरकत में आ गए। तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया और सभी यात्रियों व क्रू को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। अधिकारियों के अनुसार, पायलट की सूझबूझ और समय पर निर्णय ने एक संभावित बड़े हादसे को टाल दिया।

झारखंड हादसे के बाद फिर उठे सुरक्षा सवाल

विमान के इमरजेंसी लैंडिंग की यह घटना ऐसे समय हुई है जब एक दिन पहले ही झारखंड के चतरा जिले में एक दर्दनाक विमान हादसे में सात लोगों की मौत हो गई थी। सोमवार 23 फरवरी की शाम Redbird Airways Private Limited द्वारा संचालित एयर एम्बुलेंस दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। यह विमान रांची से दिल्ली जा रहा था और सिमरिया क्षेत्र के वन इलाके में गिर गया। मृतकों में कैप्टन विवेक विकास भगत, कैप्टन सवराजदीप सिंह, डॉ. विकास कुमार गुप्ता, सचिन कुमार मिश्रा, संजय कुमार, अर्चना देवी और धुरु कुमार शामिल हैं।

Spicejet Helicopter

Helicopter Emergency Landing: DGCA ने जारी किया बयान

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के अनुसार विमान ने शाम 7:11 बजे रांची से उड़ान भरी थी। 7:34 बजे कोलकाता से संपर्क स्थापित हुआ, लेकिन वाराणसी के दक्षिण-पूर्व में लगभग 100 नॉटिकल मील की दूरी पर विमान का रडार और संपर्क दोनों टूट गए। मामले की जांच जारी है। इन दो घटनाओं ने एक बार फिर विमानन सुरक्षा मानकों और तकनीकी जांच प्रक्रियाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Spicejet की लेह फ्लाइट में तकनीकी खराबी

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय के मुताबिक मंगलवार को SpiceJet की दिल्ली से लेह जा रही फ्लाइट तकनीकी खराबी के कारण वापस लौट आई। बोइंग 737 विमान की उड़ान एसजी121 ने उड़ान के दौरान तकनीकी समस्या का संकेत दिया, जिसके बाद चालक दल ने सतर्कता बरतते हुए विमान को Indira Gandhi International Airport पर सुरक्षित उतार लिया। एयरलाइन के प्रवक्ता के अनुसार, कॉकपिट में आग लगने की कोई चेतावनी नहीं थी। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक इंजन में संभावित खराबी की आशंका जताई गई है। सभी यात्रियों को सुरक्षित उतार लिया गया।

Jharkhand Air Ambulance Crahed

Emergency Landing: पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं

पिछले साल नवंबर में मुंबई से कोलकाता जा रही स्पाइसजेट की उड़ान एसजी670 को भी इंजन में खराबी के कारण इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी थी। 12 सितंबर को गुजरात के कांडला से मुंबई जा रही क्यू400 उड़ान को Chhatrapati Shivaji Maharaj International Airport पर इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी थी। उड़ान भरने के बाद रनवे पर एक पहिया मिलने की सूचना मिली थी। इसके अलावा, अक्टूबर में दिल्ली से पटना जा रही उड़ान एसजी497 भी तकनीकी कारणों से उड़ान भरने के तुरंत बाद वापस लौट आई थी। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने यात्रियों के मन में विमानन सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है, हालांकि सभी मामलों में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई।

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