भोपाल :कांग्रेस (Congress) के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित 'किसान महाचौपाल' के मंच से राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने पीएम मोदी को 'कंप्रोमाइज्ड' (PM Modi 'Compromised') ) करार देते हुए एक खुली चुनौती (Rahul Gandhi Challenge to PM Modi) दी है। उन्होंने कहा कि यदि प्रधानमंत्री में साहस है, तो वे अमेरिका के साथ हाल ही में हुए विवादास्पद व्यापार समझौते (Trade Deal) को तुरंत रद्द करके दिखाएं। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि यह समझौता देश के किसानों, व्यापारियों और युवाओं के हितों की बलि चढ़ाकर केवल अपनी 'छवि' और 'मित्रों' को बचाने के लिए किया गया है। उनके इस बयान ने देश की सियासत में एक नया उबाल पैदा कर दिया है।
मंगलवार को भोपाल (Bhopal) की धरती पर हजारों किसानों का हुजूम उमड़ा। मौका था कांग्रेस की 'किसान महाचौपाल' का, जहाँ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) और राहुल गांधी ने सरकार की नीतियों की जमकर बखिया उधेड़ी। खड़गे ने प्रधानमंत्री को 'कायर' संबोधित करते हुए कहा कि वे चीन और अमेरिका जैसे देशों के सामने आंखों में आंखें डालकर बात करने की हिम्मत खो चुके हैं। राहुल गांधी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह ट्रेड डील भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ तोड़ने वाली है। उन्होंने इसे "देश बेचने वाला सौदा" बताते हुए कहा कि इससे न केवल हमारे किसानों की आजीविका छिद जाएगी, बल्कि भारत का टेक्सटाइल उद्योग भी पूरी तरह तबाह हो जाएगा।

राहुल गांधी ने अपने भाषण में उन कारणों का खुलासा किया, जिनकी वजह से उनके अनुसार प्रधानमंत्री ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए। राहुल ने दावा किया कि यह डील चार महीनों से रुकी हुई थी, लेकिन अचानक इसे अमली जामा पहना दिया गया। इसके पीछे उन्होंने दो मुख्य डर गिनाए:
1. एपस्टीन फाइल्स का डर: राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि अमेरिका के पास 'एपस्टीन फाइल्स' के रूप में लाखों संवेदनशील डेटा, ईमेल और वीडियो मौजूद हैं। उन्होंने सीधे तौर पर प्रधानमंत्री, उनके मंत्रियों और उनके करीबी मित्रों का नाम इस विवाद से जोड़ा। राहुल के अनुसार, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम सार्वजनिक होना महज एक ट्रेलर है, जिसका इस्तेमाल अमेरिका भारत पर दबाव बनाने के लिए कर रहा है।
2. अडानी पर अमेरिकी क्रिमिनल केस: दूसरा बड़ा कारण अडानी समूह पर अमेरिका में चल रहा आपराधिक मुकदमा है। राहुल ने तर्क दिया कि अडानी कोई साधारण व्यवसायी नहीं बल्कि भाजपा और मोदी सरकार का "फाइनेंशियल स्ट्रक्चर" हैं। अगर अडानी पर आंच आती है, तो पूरी सरकार संकट में आ जाएगी। इसी डर से प्रधानमंत्री ने अमेरिका की हर शर्त को मान लिया।
राहुल गांधी ने एक बहुत ही गंभीर तकनीकी और आर्थिक मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी का नया सोना 'डेटा' है। जिस देश के पास डेटा होगा, वही दुनिया पर राज करेगा। भारत के पास दुनिया का सबसे बड़ा डेटा पूल है, जिसके बिना अमेरिका चीन का मुकाबला नहीं कर सकता। राहुल का आरोप है कि इस ट्रेड डील के जरिए प्रधानमंत्री ने करोड़ों भारतीयों का निजी और व्यावसायिक डेटा बिना किसी सुरक्षा गारंटी के अमेरिका को सौंप दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यह भारत को एक 'डेटा कॉलोनी' बना देगा, जहाँ हम अपनी ही जानकारी के लिए विदेशी कंपनियों के मोहताज हो जाएंगे।
अपने भाषण के दौरान राहुल गांधी ने पूर्व थल सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की किताब का उल्लेख करते हुए सरकार को घेरा। उन्होंने बताया कि जब चीनी सेना भारतीय सीमा में घुसपैठ कर रही थी, तब सेना नेतृत्व ने रक्षा मंत्री और एनएसए से निर्देश मांगे थे। लेकिन घंटों तक कोई जवाब नहीं मिला। राहुल के मुताबिक, जब अंततः प्रधानमंत्री से बात हुई, तो उनका जवाब था- "जो उचित समझो, वो करो।" राहुल ने इसे सेना को युद्ध के मैदान में अकेला छोड़ने और जिम्मेदारी से भागने वाला कृत्य बताया। उन्होंने दुख जताया कि संसद में उन्हें इन विषयों पर बोलने से रोका गया।
हाल ही में एआई समिट के दौरान यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए 'शर्टलेस' प्रदर्शन का भी राहुल ने पुरजोर समर्थन किया। प्रधानमंत्री द्वारा इसे 'नंगी राजनीति' कहे जाने पर पलटवार करते हुए राहुल ने कहा कि अहिंसक और लोकतांत्रिक विरोध करना हर नागरिक का अधिकार है। उन्होंने यूथ कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब की गिरफ्तारी की निंदा करते हुए कहा कि दमनकारी नीतियों से कांग्रेस की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। राहुल गांधी के इन आरोपों ने न केवल व्यापार समझौते पर सवाल उठाए हैं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और व्यक्तिगत ईमानदारी के मोर्चे पर भी सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है। अब देखना यह होगा कि सरकार इन 'गंभीर' आरोपों का जवाब किस तरह देती है।
अन्य प्रमुख खबरें
2026-05-26
Eid ul adha : तोतापरी बकरों की बढ़ी डिमांड, बाजारों में छाई बकरीद की रौनक, पुलिस-प्रशासन अलर्ट
2026-05-26
Quad Meeting: इंडो-पैसिफिक में ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करेंगे क्वाड देश, सप्लाई चेन पर जोर
2026-05-26
2026-05-26
‘मेजबानी के लिए भारत सरकार का धन्यवाद’, चार दिवसीय दौरे के बाद मार्को रूबियो आर्मेनिया रवाना
2026-05-26
Ram Rahim Parole: राम रहीम को फिर मिली 30 दिन की पैरोल, झलका पीड़ित परिवार का दर्द
2026-05-26
2026-05-26
मौसम विभाग की चेतावनी ! केरल से तमिलनाडु तक होगी तूफानी बारिश, 80 की स्पीड से चलेंगी हवाएं
2026-05-26
2026-05-26
नई दिल्ली में आज QUAD देशों की बैठक, समुद्री सुरक्षा व तकनीक समेत कई अहम मुद्दों पर होगी चर्चा
2026-05-26
2026-05-26
2026-05-26
2026-05-25
Uniform Civil Code: शादी, तलाक और लिव-इन रिलेशन पर समान नियम, असम विधानसभा में पेश हुआ बिल
2026-05-25
Malihabad Fort Dispute: क्या है पूरा मामला, जिस पर लगातार बढ़ती जा रही सियासत
2026-05-25