Rahul Gandhi hits back at PM Modi : शर्टलेस प्रदर्शन को राहुल का समर्थन, कहा, 'पीछे नहीं हटेंगे कांग्रेस के बब्बर शेर', एपस्टीन फाइल्स में नाम आना असल में शर्मनाक

खबर सार :-
Rahul Gandhi hits back at PM Modi : एआई समिट में यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन पर पीएम मोदी और राहुल गांधी के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। राहुल ने एपस्टीन फाइल और अडानी मामले को लेकर पीएम पर तीखा हमला बोला है।

Rahul Gandhi hits back at PM Modi : शर्टलेस प्रदर्शन को राहुल का समर्थन, कहा, 'पीछे नहीं हटेंगे कांग्रेस के बब्बर शेर', एपस्टीन फाइल्स में नाम आना असल में शर्मनाक
खबर विस्तार : -

Rahul Gandhi hits back at PM Modi : देश की राजनीति में इन दिनों वार-पलटवार का दौर अपने चरम पर है। दिल्ली में आयोजित 'ग्लोबल एआई इम्पैक्ट समिट' के दौरान यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए अनोखे विरोध प्रदर्शन ने अब एक बड़े राजनीतिक संग्राम का रूप ले लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कांग्रेस के इस विरोध को 'गंदी और नंगी राजनीति' करार दिए जाने के बाद, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कड़ा रुख अख्तियार किया है।  राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री को सीधे तौर पर चुनौती देते हुए कहा कि लोकतांत्रिक विरोध देश की बुनियाद है और असली शर्म की बात प्रदर्शन नहीं, बल्कि 'एपस्टीन फाइल्स' जैसे गंभीर मामले में प्रधानमंत्री और उनके मंत्रियों के नाम का कथित जुड़ाव है।

Rahul Gandhi hits back at PM Modi :  विवाद की जड़- एआई समिट और शर्टलेस प्रदर्शन

पूरा मामला दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 'ग्लोबल एआई इम्पैक्ट समिट' से शुरू हुआ। यहाँ कांग्रेस की युवा इकाई (यूथ कांग्रेस) के कार्यकर्ताओं ने सरकार की नीतियों के खिलाफ शर्ट उतारकर विरोध प्रदर्शन किया था। अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस कार्यक्रम में हुए इस प्रदर्शन को भाजपा ने देश की छवि खराब करने वाला बताया। प्रधानमंत्री मोदी ने मेरठ में एक जनसभा को संबोधित करते हुए इस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, "कांग्रेस ने भारत के वैश्विक आयोजन को अपनी गंदी राजनीति का मैदान बना दिया है। देश जानता है कि आप वैचारिक रूप से पहले ही नंगे हो चुके हैं, फिर कपड़े उतारकर प्रदर्शन करने की क्या जरूरत थी?"

Rahul Gandhi hits back at PM Modi

Rahul Gandhi hits back at PM Modi : 'शर्म की बात मैं बताता हूँ'....

प्रधानमंत्री के 'शर्म' वाले बयान पर राहुल गांधी ने सोमवार को एक संदेश जारी कर चुन-चुनकर जवाब दिए। राहुल ने कहा कि मोदी को विरोध प्रदर्शन से शर्म आती है, लेकिन उन्हें उन मुद्दों पर शर्म आनी चाहिए जो सीधे तौर पर देश की गरिमा और सुरक्षा से जुड़े हैं। राहुल गांधी ने अपने बयान में 'एपस्टीन फाइल' का जिक्र करते हुए कहा, "मोदी जी, आप शर्म की बात करते हैं? शर्म की बात तो यह है कि एपस्टीन फाइल में आपका, आपके मंत्री और आपके करीबियों का नाम एक घिनौने अपराधी के साथ जुड़ रहा है। यह पूरे देश के लिए शर्मिंदगी का विषय है।" राहुल गांधी ने केवल अंतरराष्ट्रीय फाइलों तक ही अपनी बात सीमित नहीं रखी, बल्कि उन्होंने आर्थिक नीतियों और गौतम अडानी के मामले को लेकर भी प्रधानमंत्री को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील में देश के हितों को ताक पर रख दिया है।

Rahul Gandhi hits back at PM Modi : राहुल गांधी के तीखे हमले और गंभीर आरोप

राहुल गांधी ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार की नीतियों पर प्रहार करते हुए कई गंभीर आरोप मढ़े। उन्होंने डेटा सुरक्षा के संवेदनशील मुद्दे को उठाते हुए कहा कि सरकार ने विदेशी देशों के साथ ट्रेड डील करने के चक्कर में भारत का बेहद कीमती और निजी डेटा बाहरी हाथों में सौंप दिया है, जो देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है। इसके साथ ही, उन्होंने देश की आर्थिक स्थिति पर चिंता जताते हुए आरोप लगाया कि केंद्र की गलत नीतियों ने न केवल देश के अन्नदाता किसानों को मुश्किल में डाला है, बल्कि भारत की मजबूत टेक्सटाइल यानी कपड़ा इंडस्ट्री को भी पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। राहुल ने अडानी मामले को इस विवाद का केंद्र बताते हुए दावा किया कि अमेरिका में गौतम अडानी पर चल रहे कानूनी केस ने प्रधानमंत्री की रातों की नींद उड़ा रखी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यह बेहद शर्मनाक है कि भ्रष्टाचार के इतने बड़े मामले सामने आने के बावजूद पिछले 14 महीनों से सरकार की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

'पीछे नहीं हटेंगे कांग्रेस के बब्बर शेर'

अपने संबोधन के आखिर में राहुल गांधी ने कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री अपने मित्रों (अडानी, अंबानी) के फायदे के लिए जो चाहें करें, लेकिन विपक्ष अपनी भूमिका से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को 'बब्बर शेर' बताते हुए कहा कि वे देश की रक्षा के लिए एक इंच भी पीछे नहीं हटेंगे। एआई समिट जैसे तकनीकी मंच से शुरू हुआ यह विवाद अब व्यक्तिगत आरोपों और अंतरराष्ट्रीय मामलों तक पहुँच गया है। जहाँ भाजपा इसे भारत की वैश्विक छवि को धूमिल करने की कोशिश बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे जनता की आवाज उठाने का लोकतांत्रिक तरीका करार दे रही है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट है कि एपस्टीन फाइल और अडानी मामले को लेकर संसद से सड़क तक हंगामा और बढ़ने वाला है।

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