Stock Market News: वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेतों और भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत सपाट रही। शुरुआती कारोबार में निवेशकों की सतर्कता साफ नजर आई, जिसका असर प्रमुख सूचकांकों पर दिखा। हालांकि, शुरुआती गिरावट के बाद बाजार ने मजबूती दिखाई और कुछ ही समय में हरे निशान में लौट आया।
कारोबार की शुरुआत में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 100.91 अंकों की गिरावट के साथ 81,436.79 के स्तर पर खुला। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 मामूली 14.70 अंकों की बढ़त के साथ 25,063.35 पर खुला। शुरुआती मिनटों में बिकवाली का दबाव और बढ़ा और सुबह करीब 9:25 बजे सेंसेक्स 401.18 अंक या 0.49 प्रतिशत गिरकर 81,136.52 पर आ गया, जबकि निफ्टी 103.40 अंक या 0.41 प्रतिशत टूटकर 24,945.25 पर कारोबार करता दिखा।
आज शुरुआती कारोबार के दौरान निफ्टी के लगभग सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में ट्रेड करते नजर आए। व्यापक बाजार की बात करें तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.26 प्रतिशत और निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.13 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों का रुझान फिलहाल सुरक्षित रणनीति अपनाने का रहा, जिससे छोटे और मझोले शेयरों में दबाव बना रहा।
सेक्टरवार प्रदर्शन की बात करें तो निफ्टी मेटल इंडेक्स सबसे ज्यादा लाभ में रहा, जिसमें 1 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई। वैश्विक मांग में सुधार की उम्मीदों और कुछ चुनिंदा शेयरों में खरीदारी से मेटल सेक्टर को सहारा मिला। दूसरी ओर, निफ्टी ऑटो इंडेक्स सबसे ज्यादा गिरावट वाला सेक्टर रहा, जिसमें करीब 1.5 प्रतिशत की कमजोरी देखने को मिली। ऑटो कंपनियों में लागत और मांग को लेकर चिंता का असर साफ दिखाई दिया।
सेंसेक्स पैक में एक्सिस बैंक, अदाणी पोर्ट्स, अल्ट्राटेक सीमेंट, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL), एनटीपीसी और टाटा स्टील टॉप गेनर्स में शामिल रहे। इन शेयरों में निचले स्तरों से खरीदारी देखने को मिली। वहीं कोटक महिंद्रा बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, मारुति सुजुकी, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक और बजाज फाइनेंस सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाले शेयरों में रहे।
लगातार दबाव के बाद बाजार ने अचानक करवट ली। सुबह करीब 9:47 बजे सेंसेक्स 200 अंकों से ज्यादा की तेजी के साथ हरे निशान में पहुंच गया, जबकि निफ्टी में भी 100 अंकों से अधिक की मजबूती दर्ज की गई। यह रिकवरी मुख्य रूप से चुनिंदा भारी शेयरों में खरीदारी और घरेलू संस्थागत निवेशकों के समर्थन से आई।
चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट आकाश शाह के मुताबिक, गणतंत्र दिवस की छुट्टी के बाद बाजार में हल्की तेजी की उम्मीद है, लेकिन जोखिम बना हुआ है। उन्होंने बताया कि निफ्टी फिलहाल अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे कारोबार कर रहा है, जो कमजोरी का संकेत है। 25,200 से 25,300 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस माना जा रहा है, जबकि 25,000 का स्तर अहम सपोर्ट है। इसके नीचे फिसलने पर निफ्टी 24,950–24,900 तक जा सकता है।
एक्सपर्ट के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) लगातार बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। कैश सेगमेंट में एफआईआई ने करीब 4,113 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने लगभग 4,102 करोड़ रुपये की खरीदारी की। डीआईआई की खरीदारी से बाजार को सहारा जरूर मिला, लेकिन एफआईआई की बिकवाली का पूरा असर खत्म नहीं हो सका।
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