Indian Stock Market Boom: भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार के कारोबारी सत्र के दौरान जबरदस्त तेजी देखने को मिली। प्रमुख सूचकांक BSE Sensex और Nifty 50 दोनों ही मजबूत बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए। सुबह करीब 11:45 बजे सेंसेक्स 668 अंक यानी 0.68 प्रतिशत की बढ़त के साथ 78,224 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 198 अंक या 0.85 प्रतिशत की तेजी के साथ 24,225 पर कारोबार कर रहा था।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, वैश्विक संकेतों में सुधार, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और रुपये की मजबूती जैसे कई सकारात्मक कारकों ने बाजार में तेजी को समर्थन दिया है। इससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ और बाजार में खरीदारी का माहौल बन गया।
बाजार की तेजी केवल लार्जकैप शेयरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी मजबूत खरीदारी देखने को मिली। Nifty Midcap 100 इंडेक्स 721 अंक यानी 1.28 प्रतिशत की तेजी के साथ 56,892 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं Nifty Smallcap 100 इंडेक्स 274 अंक यानी 1.70 प्रतिशत की मजबूती के साथ 16,406 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों का जोखिम लेने का रुझान बढ़ने से मिड और स्मॉलकैप कंपनियों में निवेश बढ़ रहा है।

भारतीय शेयर बाजार में तेजी की एक बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट को माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, Brent Crude की कीमत करीब 6 प्रतिशत गिरकर 92 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गई। गौरतलब है कि इससे पहले सोमवार को कच्चा तेल 119 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था, जिससे बाजार में चिंता का माहौल बन गया था। लेकिन कीमतों में आई तेज गिरावट ने निवेशकों को राहत दी है। भारत जैसे आयात पर निर्भर देश के लिए कच्चे तेल की कीमतों में कमी आर्थिक दृष्टि से सकारात्मक मानी जाती है।
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के एक बयान ने भी तेल बाजार और शेयर बाजार दोनों पर असर डाला। अमेरिकी मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने संकेत दिया कि ईरान के साथ चल रहा तनाव कम हो सकता है और युद्ध समाप्ति के करीब है। इस बयान के बाद वैश्विक बाजारों में भी सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा।

मंगलवार को डॉलर के मुकाबले भारतीय मुद्रा Indian Rupee भी मजबूत दिखाई दी। शुरुआती कारोबार में रुपये का उच्चतम स्तर 91.72 और न्यूनतम स्तर 92.33 दर्ज किया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि मजबूत रुपया विदेशी निवेशकों के लिए भारतीय बाजार को आकर्षक बनाता है और इससे निवेश प्रवाह बढ़ने की संभावना रहती है।
बाजार की अस्थिरता को मापने वाला इंडेक्स India VIX भी मंगलवार को तेज गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा। खबर लिखे जाने तक यह करीब 15.37 प्रतिशत गिरकर 19.77 के स्तर पर आ गया था। इसके अलावा एशियाई बाजारों में भी मजबूती देखने को मिली। सोल, हांगकांग, शंघाई, टोक्यो, बैंकॉक और जकार्ता के प्रमुख शेयर बाजार हरे निशान में खुले। वहीं, अमेरिकी बाजार भी सोमवार को बढ़त के साथ बंद हुए थे, जिससे वैश्विक निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ।
निष्कर्षः कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, रुपये की मजबूती और वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों ने भारतीय शेयर बाजार को मजबूत सहारा दिया है। सेंसेक्स और निफ्टी में आई यह तेजी निवेशकों के बढ़ते विश्वास को दर्शाती है। यदि वैश्विक आर्थिक हालात स्थिर रहते हैं और तेल की कीमतें नियंत्रित रहती हैं, तो आने वाले दिनों में बाजार में और मजबूती देखने को मिल सकती है।
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