RBI Repo Rate 2026: अपना घर खरीदना हर परिवार का एक बड़ा सपना होता है, लेकिन लगातार बढ़ती संपत्ति कीमतों के कारण अधिकांश लोगों के लिए होम लोन का सहारा लेना जरूरी हो जाता है। ऐसे में होम लोन की ब्याज दरें और मासिक ईएमआई घर खरीदने के फैसले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। जून 2026 में घर खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर आई है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपनी नवीनतम मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर यथावत रखने का फैसला किया है। इस निर्णय के बाद फिलहाल होम लोन की ईएमआई बढ़ने की संभावना नहीं दिख रही है।
रेपो रेट वह दर होती है जिस पर आरबीआई वाणिज्यिक बैंकों को अल्पकालिक धन उपलब्ध कराता है। जब केंद्रीय बैंक रेपो रेट बढ़ाता है तो बैंकों की उधारी लागत बढ़ जाती है। इसका सीधा असर ग्राहकों पर पड़ता है और होम लोन, ऑटो लोन तथा अन्य ऋणों की ब्याज दरें बढ़ सकती हैं। इसके विपरीत, रेपो रेट स्थिर रहने या घटने से लोन लेने वालों को राहत मिलती है। इस बार आरबीआई ने न केवल रेपो रेट को स्थिर रखा है बल्कि अपनी नीतिगत स्थिति को भी तटस्थ बनाए रखा है। इससे संकेत मिलता है कि निकट भविष्य में ब्याज दरों में बड़े बदलाव की संभावना कम है। परिणामस्वरूप वर्तमान होम लोन ग्राहकों और नए उधारकर्ताओं दोनों को राहत मिली है।
सरकारी बैंकों के बीच ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए प्रतिस्पर्धा बनी हुई है। कई बैंक अपेक्षाकृत कम ब्याज दरों पर होम लोन की सुविधा दे रहे हैं।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) : 7.25% से 9.05% तक
बैंक ऑफ बड़ौदा : 7.20% से 9.25% तक
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया : 7.10% से शुरू
बैंक ऑफ इंडिया : 7.10% से शुरू
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया : 7.15% से शुरू
केनरा बैंक : 7.25% से शुरू
इंडियन ओवरसीज बैंक : नौकरीपेशा ग्राहकों के लिए 7.10% से शुरू
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि सरकारी क्षेत्र में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया और इंडियन ओवरसीज बैंक सबसे कम शुरुआती ब्याज दरों की पेशकश कर रहे हैं।
निजी क्षेत्र के बैंक भी ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए प्रतिस्पर्धी ब्याज दरें दे रहे हैं।
आईसीआईसीआई बैंक : 7.50% से शुरू
कोटक महिंद्रा बैंक : 7.60% से शुरू
एचडीएफसी बैंक : 7.75% से शुरू
एक्सिस बैंक : 8.00% से 11.90% तक
हालांकि निजी बैंकों की शुरुआती दरें कुछ सरकारी बैंकों की तुलना में अधिक हैं, लेकिन वे तेज प्रोसेसिंग, डिजिटल सेवाओं और लचीले विकल्पों के कारण कई ग्राहकों की पसंद बने रहते हैं।
वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि होम लोन चुनते समय सिर्फ कम ब्याज दर पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है। प्रोसेसिंग फीस, लोन अवधि, प्री-पेमेंट चार्ज, फोरक्लोजर नियम, बीमा लागत और अन्य शुल्क भी कुल वित्तीय बोझ को प्रभावित करते हैं। कई बार थोड़ी अधिक ब्याज दर वाला लोन कम शुल्क और बेहतर सुविधाओं के कारण अधिक लाभदायक साबित हो सकता है। इसके अलावा, बैंक ग्राहक की आय, रोजगार स्थिति और क्रेडिट प्रोफाइल के आधार पर अलग-अलग ब्याज दरें तय करते हैं। इसलिए लोन लेने से पहले सभी शर्तों की विस्तार से समीक्षा करना जरूरी है। यदि आप निकट भविष्य में घर खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो सबसे पहले अपना क्रेडिट स्कोर मजबूत रखने पर ध्यान दें। अच्छा सिबिल स्कोर न केवल लोन स्वीकृति की संभावना बढ़ाता है, बल्कि कम ब्याज दर हासिल करने में भी मदद करता है। समय पर ईएमआई और क्रेडिट कार्ड भुगतान करने वाले ग्राहकों को बैंक अक्सर बेहतर ऑफर देते हैं।
डिस्क्लेमर: होम लोन की ब्याज दरें समय-समय पर बदल सकती हैं और यह ग्राहक की प्रोफाइल, आय, क्रेडिट स्कोर तथा बैंक की नीतियों पर निर्भर करती हैं। किसी भी वित्तीय निर्णय से पहले संबंधित बैंक की आधिकारिक जानकारी अवश्य जांच लें।
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