India US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौता (Bilateral Trade Deal) अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बुधवार को कहा कि प्रस्तावित भारत-अमेरिका ट्रेड डील का लगभग 99 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और केवल कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा जारी है। उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों देश जल्द ही अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप दे सकते हैं।
मुंबई में आयोजित ‘सिटी इंडिया 2026 कॉन्फ्रेंस’ के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए गोर ने बताया कि दोनों देशों के अधिकारी लगातार संपर्क में हैं और वार्ता बेहद सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और भारत इस समझौते को लेकर समान रूप से उत्साहित हैं तथा इसे जल्द लागू करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
सर्जियो गोर ने जानकारी दी कि उनकी मुलाकात हाल ही में वाशिंगटन डीसी से आए अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल से हुई है। इस प्रतिनिधिमंडल में उप व्यापार वार्ताकारों सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं, जो पिछले कई दिनों से नई दिल्ली में भारतीय अधिकारियों के साथ बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “हमारी टीम लगातार भारतीय अधिकारियों के साथ बैठकें कर रही है। हम समझौते को लेकर बेहद आशावादी हैं। हम 99 प्रतिशत तक पहुंच चुके हैं और अब शेष एक प्रतिशत पर तेजी से काम चल रहा है।” गोर के अनुसार, वार्ता के अंतिम चरण में प्रवेश करने के बाद अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात के लिए दिल्ली लौटेगा। इस बैठक को समझौते के दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अमेरिकी राजदूत ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल भारत के वाणिज्य मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के साथ भी लगातार संपर्क में है। दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, बाजार पहुंच और विभिन्न आर्थिक मुद्दों पर व्यापक चर्चा हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस समझौते के लागू होने से दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध और अधिक मजबूत होंगे। इससे निर्यात, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है। भारत को अमेरिकी बाजार तक अधिक पहुंच मिल सकती है, जबकि अमेरिकी कंपनियों को भारत में निवेश और व्यापार विस्तार के नए अवसर प्राप्त होंगे।
सर्जियो गोर ने भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता की गति को उल्लेखनीय बताते हुए कहा कि यह समझौता अपेक्षाकृत कम समय में अंतिम चरण तक पहुंच गया है। उन्होंने इसकी तुलना भारत और यूरोपीय संघ के बीच व्यापार समझौते से करते हुए कहा कि जहां यूरोपीय संघ के साथ समझौते में लगभग 19 वर्ष लगे, वहीं भारत और अमेरिका के बीच यह प्रक्रिया लगभग डेढ़ वर्ष में निर्णायक मोड़ तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि दोनों देश समान सोच रखने वाले रणनीतिक साझेदार हैं और आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यही कारण है कि बातचीत में लगातार प्रगति देखने को मिल रही है।
विश्लेषकों के अनुसार, यदि यह समझौता जल्द अंतिम रूप ले लेता है तो यह भारत-अमेरिका आर्थिक संबंधों में एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो सकता है। दोनों देशों के बीच पहले से ही मजबूत व्यापारिक संबंध हैं और यह डील उन्हें और अधिक व्यापक तथा प्रभावी बना सकती है। विशेष रूप से प्रौद्योगिकी, विनिर्माण, कृषि, ऊर्जा और सेवा क्षेत्रों में सहयोग बढ़ने की उम्मीद है। इसके अलावा वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में दोनों देशों की साझेदारी भी मजबूत हो सकती है।
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