Global Tension के बीच फीकी पड़ीं कीमती धातुएं, Silver के भाव में 1,300 रुपए से ज्यादा की गिरावट

खबर सार :-
वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता फिलहाल सोना-चांदी बाजार की दिशा तय कर रही हैं। चांदी में तेज गिरावट और सोने में कमजोरी निवेशकों की सतर्कता को दर्शाती है। आने वाले दिनों में अमेरिका-ईरान संबंध, तेल बाजार की चाल और वैश्विक आर्थिक संकेतक कीमती धातुओं की कीमतों पर निर्णायक प्रभाव डाल सकते हैं।
Global Tension के बीच फीकी पड़ीं कीमती धातुएं, Silver के भाव में 1,300 रुपए से ज्यादा की गिरावट
खबर विस्तार : -

Gold Silver Prices Drop: पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच बुधवार को कीमती धातुओं के बाजार में दबाव देखने को मिला। घरेलू वायदा बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने और चांदी दोनों की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। खासतौर पर चांदी में 1,300 रुपए से अधिक की कमजोरी ने निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और ब्याज दरों को लेकर बढ़ती आशंकाओं ने निवेशकों की रणनीति को प्रभावित किया है।

अगस्त माह की डिलीवरी वाले सोने का भाव

कारोबार की शुरुआत में एमसीएक्स पर अगस्त डिलीवरी वाला सोना मामूली मजबूती के साथ खुला। यह अपने पिछले बंद भाव 1,59,346 रुपए प्रति 10 ग्राम के मुकाबले 0.06 प्रतिशत की बढ़त लेकर 1,59,447 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंचा। वहीं जुलाई डिलीवरी वाली चांदी 0.01 प्रतिशत की हल्की गिरावट के साथ 2,66,668 रुपए प्रति किलोग्राम पर खुली। हालांकि शुरुआती मजबूती ज्यादा देर तक कायम नहीं रह सकी। सुबह करीब 11:36 बजे तक बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ गया। अगस्त कॉन्ट्रैक्ट वाला सोना 390 रुपए यानी 0.24 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,58,956 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखा। दूसरी ओर जुलाई कॉन्ट्रैक्ट वाली चांदी 1,307 रुपए यानी 0.49 प्रतिशत टूटकर 2,65,400 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।

अमेरिकी Gold Futures में गिरावट

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमती धातुओं की चाल कमजोर रही। स्पॉट गोल्ड 0.2 प्रतिशत गिरकर 4,476.50 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स में 0.3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 4,504.40 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। स्पॉट सिल्वर में भी कमजोरी रही और इसके दाम 0.5 प्रतिशत गिरकर 74.73 डॉलर प्रति औंस तक आ गए।

Geopolitical Tensions: सुरक्षित निवेश विकल्पों की तलाश

विश्लेषकों के अनुसार, सामान्य परिस्थितियों में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने पर निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख करते हैं, जिससे सोने और चांदी जैसी धातुओं को समर्थन मिलता है। लेकिन इस बार हालात कुछ अलग हैं। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है, जिससे वैश्विक महंगाई बढ़ने की आशंका गहरा गई है। इसके साथ ही यह संभावना भी बढ़ी है कि प्रमुख केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनाए रख सकते हैं। उच्च ब्याज दरों का माहौल आमतौर पर सोने जैसे गैर-ब्याज देने वाले निवेश विकल्पों के लिए नकारात्मक माना जाता है। यही कारण है कि बढ़ते तनाव के बावजूद निवेशकों का रुझान सोने और चांदी की ओर सीमित दिखाई दे रहा है।

West Asia Crisis: अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक प्रयास जारी

पश्चिम एशिया में हालिया घटनाक्रम ने बाजार की चिंता और बढ़ा दी है। अमेरिकी सेना के अनुसार, ईरान की ओर से बहरीन, कुवैत और क्षेत्र के अन्य रणनीतिक ठिकानों पर मिसाइल हमलों की कोशिश की गई। हालांकि अधिकांश हमलों को विफल कर दिया गया या वे अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच सके। इसके बावजूद क्षेत्र में तनाव कम होने के संकेत नहीं मिल रहे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच जारी कूटनीतिक प्रयास भी फिलहाल किसी ठोस नतीजे तक पहुंचते नजर नहीं आ रहे। इसी बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 1 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई है। तेल की बढ़ती कीमतें वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए नई चुनौती बन सकती हैं क्योंकि इससे परिवहन, उत्पादन और अन्य क्षेत्रों की लागत बढ़ने की आशंका रहती है। यही वजह है कि निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।

MCX Gold: बाजार में सकारात्मक संकेतों का असर

एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर का कहना है कि एमसीएक्स गोल्ड अभी भी 1,59,000 रुपए के महत्वपूर्ण स्तर के आसपास बना हुआ है, जो बाजार में सकारात्मक संकेत माना जा सकता है। उनके अनुसार यदि सोना 1,60,000 रुपए का स्तर मजबूती से पार कर लेता है तो इसमें नई तेजी देखने को मिल सकती है और कीमतें 1,62,000 से 1,63,000 रुपए प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकती हैं। वहीं चांदी के लिए 2,68,000 रुपए का स्तर महत्वपूर्ण प्रतिरोध माना जा रहा है। यदि यह स्तर टूटता है तो कीमतें 2,69,500 से 2,70,000 रुपए प्रति किलोग्राम तक पहुंच सकती हैं। दूसरी ओर 2,65,000 रुपए का स्तर टूटने पर चांदी में और कमजोरी देखने को मिल सकती है।

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