Stock Market Crash Today: भारतीय शेयर बाजार में सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन यानी बुधवार को कारोबार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। अमेरिका-ईरान शांति वार्ता को लेकर बनी अनिश्चितता, कमजोर वैश्विक संकेतों और निवेशकों की सतर्कता के चलते बाजार खुलते ही दबाव में नजर आया। शुरुआती कारोबार में BSE Sensex और NSE Nifty दोनों प्रमुख सूचकांकों में तेज गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई।
BSE का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स अपने पिछले बंद 74,649.84 अंक के मुकाबले 142.11 अंक की गिरावट के साथ 74,507.73 पर खुला। वहीं NSE Nifty 50 भी 67.60 अंक फिसलकर 23,415.95 के स्तर पर खुला। कारोबार आगे बढ़ने के साथ बिकवाली का दबाव और बढ़ गया। सुबह करीब 9:32 बजे सेंसेक्स 782.10 अंक यानी 1.05 प्रतिशत टूटकर 73,867.74 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 205.05 अंक यानी 0.87 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,278.50 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया।
Indian Stock Market में केवल बड़ी कंपनियों के शेयर ही नहीं, बल्कि व्यापक बाजार में भी कमजोरी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स करीब 0.85 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.58 प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। इससे स्पष्ट है कि बाजार में बिकवाली का असर लगभग सभी वर्गों के शेयरों पर पड़ा। विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों को लेकर बढ़ती चिंताओं और विदेशी निवेशकों की सतर्क रणनीति के कारण बाजार में जोखिम लेने की प्रवृत्ति कमजोर हुई है। इसका असर व्यापक बाजार पर भी साफ दिखाई दे रहा है।
भारतीय शेयर बाजार में बुधवार के कारोबार में सबसे अधिक दबाव सूचना प्रौद्योगिकी यानी आईटी सेक्टर पर देखने को मिला। निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 3.9 प्रतिशत तक लुढ़क गया, जो सभी सेक्टरों में सबसे खराब प्रदर्शन रहा। आईटी कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली दर्ज की गई। TCS के शेयरों में सबसे ज्यादा 6.6 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली। इसके अलावा टेक महिंद्रा, इंफोसिस और HCL tech के शेयरों में भी 3.1 प्रतिशत से 4.3 प्रतिशत तक की कमजोरी रही। वैश्विक तकनीकी कंपनियों के प्रदर्शन और विदेशी मांग को लेकर चिंताओं का असर भारतीय आईटी कंपनियों पर भी दिखाई दिया।
आईटी के अलावा कई अन्य प्रमुख सेक्टर भी लाल निशान में कारोबार करते दिखाई दिए। निफ्टी रियल्टी इंडेक्स में 1.91 प्रतिशत, निफ्टी मीडिया में 1.20 प्रतिशत, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में 0.97 प्रतिशत, निफ्टी एफएमसीजी में 0.98 प्रतिशत तथा निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स में भी लगभग 0.98 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इन क्षेत्रों में कमजोरी से यह संकेत मिलता है कि बाजार में फिलहाल व्यापक स्तर पर बिकवाली का माहौल बना हुआ है और निवेशक नए निवेश को लेकर सतर्क रुख अपना रहे हैं।
हालांकि बाजार में कुल मिलाकर नकारात्मक माहौल रहा, लेकिन कुछ शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए निवेशकों को राहत दी। ओएनजीसी, अपोलो हॉस्पिटल, बजाज ऑटो, मारुति, नेस्ले इंडिया और टाटा कंज्यूमर के शेयरों में तेजी दर्ज की गई। विशेषज्ञों का कहना है कि रक्षात्मक क्षेत्रों और मजबूत बुनियादी स्थिति वाली कंपनियों में निवेशकों की रुचि बनी हुई है। यही कारण है कि बाजार में गिरावट के बावजूद कुछ चुनिंदा शेयर सकारात्मक दायरे में बने रहे।
शेयर बाजार की गिरावट के साथ भारतीय मुद्रा पर भी दबाव दिखाई दिया। रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 15 पैसे कमजोर होकर 95.47 के स्तर पर खुला। इससे पहले मंगलवार को रुपया 95.27 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। इधर निवेशकों की नजर भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक पर टिकी हुई है। तीन दिनों तक चलने वाली यह बैठक बुधवार से शुरू हुई है और इसके नतीजे शुक्रवार को घोषित किए जाएंगे। ब्याज दरों और आर्थिक दृष्टिकोण को लेकर आरबीआई की टिप्पणियां बाजार की अगली दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
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बाजार विशेषज्ञों के अनुसार निफ्टी ने हाल के कारोबारी सत्रों में 23,262 के महत्वपूर्ण स्तर के आसपास मजबूती दिखाई है। 23,153 और 23,106 के स्तर प्रमुख सपोर्ट के रूप में बने हुए हैं। फिलहाल 23,229 का स्तर निकटतम सपोर्ट माना जा रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि बाजार में मजबूत तेजी की वापसी तभी मानी जाएगी जब निफ्टी 23,800 के ऊपर बंद होने में सफल रहेगा। तब तक निवेशकों को सतर्कता बरतने और बाजार की दिशा पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।
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