West Asia Crisis का असर: सेंसेक्स 800 अंक टूटा, Nifty 23,100 के नीचे; निवेशकों में बढ़ी घबराहट
खबर सार :-
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और कमजोर वैश्विक संकेतों ने भारतीय शेयर बाजार की धारणा को प्रभावित किया है। सेंसेक्स और निफ्टी में आई तेज गिरावट निवेशकों की बढ़ती चिंता को दर्शाती है। आने वाले दिनों में भू-राजनीतिक घटनाक्रम, तेल कीमतों की दिशा और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां बाजार की चाल तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी।
खबर विस्तार : -
Stock Market Crash: पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों का असर सोमवार को भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन घरेलू इक्विटी बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली, जिसके चलते प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी करीब एक प्रतिशत की गिरावट के साथ खुले। निवेशकों ने जोखिम वाले निवेशों से दूरी बनानी शुरू कर दी, जिससे बाजार में दबाव और बढ़ गया।
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 800 से अधिक अंक टूटकर 73,421.61 के स्तर पर खुला। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 286 अंक या 1.22 प्रतिशत गिरकर 23,080.70 पर पहुंच गया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितताओं और विदेशी निवेशकों की सतर्कता के कारण फिलहाल बाजार में दबाव बना रह सकता है।
रियल्टी, मेटल और आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो रियल्टी सेक्टर सबसे अधिक प्रभावित रहा। रियल्टी सूचकांक में लगभग 2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा मेटल, ऑटो और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सेक्टर के शेयरों में भी एक प्रतिशत से अधिक की कमजोरी देखी गई। बाजार के प्रमुख कमजोर शेयरों में विप्रो, टीसीएस, हिंदाल्को इंडस्ट्रीज, टाटा स्टील, जेएसडब्ल्यू स्टील, बजाज फाइनेंस और श्रीराम फाइनेंस शामिल रहे। निवेशकों ने इन शेयरों में मुनाफावसूली और जोखिम कम करने की रणनीति अपनाई, जिसके चलते इनमें तेज गिरावट दर्ज की गई।
व्यापक बाजार भी दबाव में, Midcap और Smallcap फिसले
गिरावट केवल बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रही। व्यापक बाजार में भी कमजोरी का माहौल बना रहा। निफ्टी मिडकैप 100, निफ्टी मिडकैप 150 और स्मॉलकैप सूचकांकों में करीब एक प्रतिशत तक की गिरावट देखी गई। विशेषज्ञों के अनुसार, जब बड़ी कंपनियों के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी बिकवाली बढ़ने लगे तो यह निवेशकों की व्यापक चिंता का संकेत माना जाता है। इससे बाजार की समग्र धारणा पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
India VIX में 15 प्रतिशत उछाल, बढ़ी अस्थिरता
बाजार की अस्थिरता को मापने वाला इंडिया वीआईएक्स लगभग 15 प्रतिशत उछलकर 18 के आसपास पहुंच गया। वीआईएक्स में तेजी इस बात का संकेत है कि आने वाले कारोबारी सत्रों में बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। तकनीकी विश्लेषकों का कहना है कि निफ्टी अभी भी अपने महत्वपूर्ण मूविंग एवरेज से नीचे कारोबार कर रहा है और ‘लोअर हाई-लोअर लो’ का पैटर्न बनाए हुए है। यह संकेत देता है कि बाजार में फिलहाल बिकवाली का दबाव बना हुआ है और निवेशकों का भरोसा पूरी तरह लौटता नहीं दिख रहा।
Nifty के लिए 23,000 का स्तर महत्वपूर्ण
विश्लेषकों के मुताबिक निफ्टी के लिए 23,100 से 23,000 के बीच मजबूत सपोर्ट दिखाई दे रहा है। यदि यह स्तर टूटता है तो बाजार में और गिरावट की संभावना बन सकती है। दूसरी ओर 23,500 से 23,700 के बीच मजबूत रेजिस्टेंस मौजूद है। बाजार में सकारात्मक रुख लौटने के लिए निफ्टी को इन स्तरों के ऊपर टिकना होगा।
West Asia Crisis ने बढ़ाई वैश्विक चिंताएं
लेबनान पर इजरायल के नए हमलों और ईरान के कई शहरों में हुए विस्फोटों की खबरों ने वैश्विक निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। आशंका जताई जा रही है कि यदि संघर्ष और बढ़ता है तो होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए होने वाली वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि संघर्ष को समाप्त करने के लिए कूटनीतिक प्रयास अभी भी जारी हैं और समाधान की संभावना बनी हुई है। इसके बावजूद निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।
Crude oil में उछाल और एशियाई बाजारों में कमजोरी
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड करीब 4 प्रतिशत बढ़कर 96.90 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड 94.75 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता दिखा। तेल कीमतों में तेजी का असर आयातक देशों की अर्थव्यवस्थाओं और शेयर बाजारों पर पड़ रहा है। एशियाई बाजारों में भी भारी दबाव देखने को मिला। जापान का निकेई 225 करीब 4 प्रतिशत गिर गया, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी 5 प्रतिशत टूट गया, जबकि हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स भी लगभग 1 प्रतिशत की कमजोरी के साथ कारोबार करता नजर आया।
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