Gold Silver Price Slump: सप्ताह के पहले कारोबारी दिन घरेलू कमोडिटी बाजार में सोना और चांदी दोनों की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। जहां शेयर बाजार पहले से दबाव में नजर आया, वहीं कीमती धातुओं में भी निवेशकों की तेज बिकवाली देखने को मिली। विशेष रूप से चांदी में आई तेज कमजोरी ने बाजार का ध्यान अपनी ओर खींचा। एक ही दिन में चांदी 2.6 प्रतिशत से अधिक टूट गई, जबकि सोने में भी 1.3 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, डॉलर की मजबूती, ब्याज दरों को लेकर बदलती उम्मीदों और निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता में कमी का असर कीमती धातुओं पर दिखाई दे रहा है।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोमवार को चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई। पिछले कारोबारी सत्र में 2,48,537 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई चांदी का वायदा भाव सोमवार को गिरकर 2,41,990 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया। दिन के कारोबार के दौरान एमसीएक्स सिल्वर (MCX Silver) जुलाई वायदा 2,51,001 रुपये प्रति किलोग्राम पर खुला, जो दिन का उच्चतम स्तर भी रहा। इसके बाद लगातार बिकवाली के दबाव में यह 2,39,064 रुपये प्रति किलोग्राम के निचले स्तर तक फिसल गया। दोपहर तक चांदी 6,512 रुपये यानी 2.62 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,42,025 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती दिखाई दी। यह गिरावट बताती है कि निवेशकों का रुझान फिलहाल सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर कम और नकदी बनाए रखने की ओर अधिक है।
बुलियन बाजार में अगर जून महीने की शुरुआत से अब तक के प्रदर्शन पर नजर डालें तो चांदी (Silver) में लगभग 24,000 रुपये प्रति किलोग्राम की गिरावट आ चुकी है। महीने की शुरुआत में चांदी का भाव 2,66,163 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास था, जो अब काफी नीचे आ चुका है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि औद्योगिक मांग में नरमी, वैश्विक आर्थिक विकास को लेकर चिंता और निवेशकों की सतर्कता के कारण चांदी पर दबाव बना हुआ है। चूंकि चांदी का उपयोग निवेश के साथ-साथ औद्योगिक क्षेत्रों में भी होता है, इसलिए वैश्विक आर्थिक गतिविधियों में कमजोरी का सीधा असर इसकी कीमतों पर पड़ता है।
चांदी की मौजूदा स्थिति को समझने के लिए इसके सर्वकालिक उच्च स्तर पर नजर डालना जरूरी है। इस वर्ष जनवरी में चांदी ने 4,57,328 रुपये प्रति किलोग्राम का रिकॉर्ड स्तर छुआ था। मौजूदा कीमतों की तुलना करें तो चांदी अपने उच्चतम स्तर से करीब 2.15 लाख रुपये प्रति किलोग्राम नीचे कारोबार कर रही है। इतनी बड़ी गिरावट बाजार में बदलती निवेश रणनीतियों, वैश्विक मांग में उतार-चढ़ाव और आर्थिक अनिश्चितताओं को दर्शाती है।
चांदी के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी सोमवार को तेज गिरावट देखने को मिली। एमसीएक्स पर अगस्त डिलीवरी वाला सोना 1,54,177 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला। कारोबार के दौरान इसमें लगातार कमजोरी बनी रही और यह 2,044 रुपये यानी 1.31 प्रतिशत गिरकर 1,53,550 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इससे पहले शुक्रवार को इसका बंद भाव 1,55,594 रुपये प्रति 10 ग्राम था। दिन के दौरान सोने ने 1,54,512 रुपये प्रति 10 ग्राम का उच्चतम स्तर और 1,52,712 रुपये प्रति 10 ग्राम का निम्नतम स्तर दर्ज किया। यह दर्शाता है कि बाजार में अस्थिरता काफी अधिक बनी हुई है।
जून महीने की शुरुआत में सोना 1,59,241 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा था। मौजूदा कीमतों के आधार पर देखा जाए तो अब तक इसमें 6,000 रुपये से अधिक की गिरावट आ चुकी है। विशेषज्ञों के अनुसार, निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली, डॉलर इंडेक्स में मजबूती और ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता के कारण सोने की चमक फिलहाल फीकी पड़ती दिखाई दे रही है।
सोना भी अपने सर्वकालिक उच्च स्तर से काफी नीचे कारोबार कर रहा है। इससे पहले यह 2,04,375 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच चुका है। वर्तमान कीमतों के आधार पर सोना अपने उच्चतम स्तर से करीब 51,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हो चुका है। हालांकि कई बाजार जानकारों का मानना है कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह स्तर आकर्षक साबित हो सकता है।
कमोडिटी बाजार के जानकारों के मुताबिक आने वाले दिनों में अमेरिकी ब्याज दरों से जुड़े संकेत, डॉलर की चाल, वैश्विक आर्थिक आंकड़े और भू-राजनीतिक घटनाक्रम सोना-चांदी की दिशा तय करेंगे। यदि वैश्विक अनिश्चितता बढ़ती है तो कीमती धातुओं में फिर से खरीदारी लौट सकती है, लेकिन फिलहाल बाजार में दबाव का माहौल बना हुआ है।
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