वैश्विक दबाव से शेयर बाजार में भारी बिकवाली, सेंसेक्स 76,000 के नीचे लुढ़का; आईटी शेयरों ने दिखाई मजबूती
खबर सार :-
वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका की नई व्यापारिक नीति ने फिलहाल भारतीय शेयर बाजार का माहौल कमजोर कर दिया है। हालांकि आईटी सेक्टर की मजबूती कुछ राहत देती दिख रही है, लेकिन निवेशकों की नजर अब वैश्विक घटनाक्रम, विदेशी निवेश प्रवाह और आगामी आर्थिक संकेतकों पर रहेगी। इन कारकों के आधार पर आने वाले कारोबारी सत्रों में बाजार की दिशा तय हो सकती है।
खबर विस्तार : -
Stock market news update: कमजोर वैश्विक संकेतों, मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका की नई टैरिफ नीति के असर से शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 76,000 के अहम स्तर से नीचे फिसल गया, जबकि निफ्टी भी लाल निशान में कारोबार करता दिखा। रियल्टी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, ऑटो और मेटल शेयरों में तेज बिकवाली देखने को मिली। हालांकि आईटी सेक्टर ने बाजार की कमजोरी के बीच मजबूती दिखाकर निवेशकों को कुछ राहत जरूर दी।
वैश्विक दबाव से बाजार पर बढ़ा बिकवाली का असर
घरेलू शेयर बाजार शुक्रवार सुबह कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच लाल निशान में खुला। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 499 अंक यानी 0.65 प्रतिशत टूटकर 75,991 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 149 अंक यानी 0.66 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,725 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। विदेशी बाजारों में कमजोरी और निवेशकों की सतर्कता का असर भारतीय बाजार पर साफ दिखाई दिया।
रियल्टी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स बने सबसे बड़े लूजर
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो सबसे अधिक दबाव रियल्टी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शेयरों पर रहा। दोनों सूचकांक एक प्रतिशत से अधिक टूटे। इनके अलावा ऑटो, इंफ्रा, मेटल, कंजम्पशन, ऑयल एंड गैस, इंडिया डिफेंस, सर्विसेज, फाइनेंशियल सर्विस और मैन्युफैक्चरिंग इंडेक्स भी लाल निशान में कारोबार करते रहे। बाजार में व्यापक बिकवाली का माहौल देखने को मिला।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी रही कमजोरी
केवल बड़ी कंपनियों तक ही गिरावट सीमित नहीं रही, बल्कि व्यापक बाजार भी दबाव में नजर आया। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 451 अंक यानी 0.73 प्रतिशत की गिरावट के साथ 61,233 पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 164 अंक यानी 0.87 प्रतिशत टूटकर 18,771 पर कारोबार करता दिखा। इससे साफ है कि निवेशकों ने छोटे और मझोले शेयरों में भी मुनाफावसूली की।

आईटी सेक्टर ने दिखाई मजबूती, कई दिग्गज शेयर टूटे
सेंसेक्स की कंपनियों में एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा और टीसीएस ही हरे निशान में कारोबार करते नजर आए। दूसरी ओर इंडिगो, भारती एयरटेल, अल्ट्राटेक सीमेंट, ट्रेंट, बजाज फाइनेंस, एलएंडटी, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा स्टील, एचडीएफसी बैंक, इन्फोसिस, एशियन पेंट्स, एनटीपीसी, बजाज फिनसर्व और एसबीआई समेत कई प्रमुख शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
अमेरिकी टैरिफ और मध्य पूर्व तनाव बना बड़ी चिंता
विशेषज्ञों के अनुसार बाजार की कमजोरी के पीछे दो प्रमुख कारण हैं। पहला, मध्य पूर्व में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव, जिससे वैश्विक निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता प्रभावित हुई है। दूसरा, अमेरिका द्वारा करीब 60 व्यापारिक साझेदार देशों से आयात होने वाले उत्पादों पर 10 से 12.5 प्रतिशत तक नए टैरिफ लगाने की घोषणा। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि यह कदम जबरन मजदूरी से जुड़े नियमों के प्रभावी पालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
एशियाई और अमेरिकी बाजारों से भी मिला नकारात्मक संकेत
भारतीय बाजार पर विदेशी बाजारों की कमजोरी का असर भी देखने को मिला। एशियाई बाजारों में टोक्यो, हांगकांग, शंघाई, बैंकॉक, सोल और जकार्ता के प्रमुख सूचकांक लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। वहीं गुरुवार को अमेरिकी शेयर बाजार भी बड़ी गिरावट के साथ बंद हुए। डाओ जोन्स इंडेक्स में लगभग 0.97 प्रतिशत की गिरावट रही, जबकि टेक्नोलॉजी आधारित सूचकांक 2.15 प्रतिशत टूट गया। इन संकेतों ने घरेलू निवेशकों की धारणा को और कमजोर कर दिया।
FAQ...
1- भारतीय शेयर बाजार में गिरावट क्यों आई?
भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का मुख्य कारण कमजोर वैश्विक संकेत, मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव और अमेरिका द्वारा नए आयात शुल्क (टैरिफ) लगाने की घोषणा रही।
2-सेंसेक्स और निफ्टी कितनी गिरावट के साथ खुले?
आज के शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 499 अंक गिरकर 75,991 अंकों पर और निफ्टी 149 अंक टूटकर 23,725 अंकों के स्तर पर कारोबार करता दिखा।
3-सबसे ज्यादा दबाव किन सेक्टरों पर रहा?
भारतीय शेयर बाजार में रियल्टी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा ऑटो, मेटल, इंफ्रा और ऑयल एंड गैस सेक्टर के शेयर भी लाल निशान में रहे।
4-बाजार में कौन-सा सेक्टर मजबूती में रहा?
शेयर बाजार की कमजोर शुरुआत के बावजूद आईटी सेक्टर ने मजबूती दिखाई। एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा और टीसीएस जैसे आईटी शेयर हरे निशान में कारोबार करते नजर आए।
5- शेयर बाजार पर सबसे अधिक किसका प्रभाव पड़ा?
एशियाई और अमेरिकी शेयर बाजारों में आई गिरावट का सीधा असर भारतीय बाजार की शुरुआत पर देखने को मिला, जिससे निवेशकों की धारणा कमजोर हुई।
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