IndiGo CEO Resigns: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo में बड़ा नेतृत्व परिवर्तन देखने को मिला है। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी Pieter Elbers ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। एयरलाइन का संचालन करने वाली कंपनी InterGlobe Aviation ने स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में बताया कि एल्बर्स तत्काल प्रभाव से सीईओ पद से हट गए हैं। फिलहाल कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर Rahul Bhatia अंतरिम रूप से एयरलाइन के संचालन की जिम्मेदारी संभालेंगे, जब तक नए सीईओ की नियुक्ति नहीं हो जाती।
कंपनी की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने एल्बर्स के योगदान और सेवाओं के लिए उनका धन्यवाद किया है और उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं। एयरलाइन के अनुसार, नए नेतृत्व की तलाश शुरू कर दी गई है और जल्द ही स्थायी सीईओ की घोषणा की जा सकती है।

इंडिगो में यह बदलाव ऐसे समय आया है, जब कंपनी पिछले साल दिसंबर में आए बड़े परिचालन संकट से उबरने की कोशिश कर रही है। दिसंबर 2025 में एयरलाइन को पायलटों की थकान रोकने से जुड़े नए नियम लागू करने में गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ा था। इन नियमों के चलते एयरलाइन के शेड्यूल पर भारी असर पड़ा। 3 से 5 दिसंबर के बीच इंडिगो को 2,500 से ज्यादा उड़ानें रद्द करनी पड़ी थीं, जबकि करीब 1,900 उड़ानों में देरी हुई थी। इस संकट के कारण देशभर में लगभग 3 लाख से अधिक यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा था। एयरपोर्ट पर लंबी कतारें, रद्द टिकट और देरी से उड़ानें उस समय सुर्खियों में रही थीं। इस बड़े परिचालन संकट ने एयरलाइन की साख और प्रबंधन पर भी सवाल खड़े कर दिए थे। माना जा रहा है कि उसी घटनाक्रम के बाद कंपनी ने नेतृत्व स्तर पर बदलाव का फैसला लिया।
कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर राहुल भाटिया अब अस्थायी रूप से एयरलाइन का नेतृत्व करेंगे। भाटिया ने कहा कि इंडिगो की स्थापना उन्होंने करीब 22 साल पहले की थी और इसे देश की सबसे बड़ी एयरलाइन बनाने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ऐसे में एयरलाइन, यात्रियों, कर्मचारियों और निवेशकों के प्रति उनकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी है। बोर्ड के चेयरमैन Vikram Singh Mehta ने भी इस फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि भाटिया का दोबारा प्रबंधन संभालना संगठन की कार्य संस्कृति को मजबूत करने और संचालन में स्थिरता लाने की दिशा में अहम कदम होगा।

करीब तीन साल पहले इंडिगो के सीईओ बने पीटर एल्बर्स के नेतृत्व में एयरलाइन ने तेजी से विस्तार किया। उनके कार्यकाल में कंपनी की आय 10 अरब डॉलर से अधिक हो गई और एयरलाइन का बेड़ा बढ़कर 440 से ज्यादा विमानों तक पहुंच गया। इसी दौरान इंडिगो ने विमान निर्माता Airbus के साथ ए320 फैमिली के 500 विमानों का ऐतिहासिक ऑर्डर दिया था। इसे वैश्विक विमानन इतिहास के सबसे बड़े ऑर्डर में से एक माना जाता है। इस डील के जरिए इंडिगो ने अपने भविष्य के विस्तार की मजबूत नींव रखी। हालांकि, तेज विस्तार के बावजूद परिचालन चुनौतियों और पायलट नियमों के कारण कंपनी को दिसंबर में गंभीर संकट का सामना करना पड़ा, जिसने प्रबंधन के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दीं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इंडिगो के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती संचालन को स्थिर करना और यात्रियों का भरोसा बनाए रखना होगा। एयरलाइन भारत के घरेलू विमानन बाजार में सबसे बड़ी हिस्सेदारी रखती है, इसलिए नेतृत्व में बदलाव का असर पूरे उद्योग पर पड़ सकता है। कंपनी जल्द ही नए सीईओ की घोषणा कर सकती है, जो इंडिगो के अगले विकास चरण और रणनीतिक विस्तार का नेतृत्व करेगा।
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