म्यूचुअल फंड्स में निवेशकों का भरोसा बरकरार, मई में 22,908 करोड़ रुपये का निवेश; फ्लेक्सी-कैप फंड्स बने पहली पसंद
खबर सार :-
मई 2025 के एएमएफआई आंकड़े बताते हैं कि भारतीय निवेशकों का म्यूचुअल फंड्स, विशेषकर इक्विटी योजनाओं पर भरोसा लगातार बढ़ रहा है। फ्लेक्सी-कैप, स्मॉल-कैप और मिड-कैप फंड्स में जोरदार निवेश ने बाजार की सकारात्मक धारणा को मजबूत किया है। एयूएम और फोलियो संख्या में बढ़ोतरी यह संकेत देती है कि देश में खुदरा निवेश संस्कृति तेजी से विकसित हो रही है।
खबर विस्तार : -
Mutual Funds India: भारतीय निवेशकों का म्यूचुअल फंड्स पर भरोसा लगातार बढ़ता जा रहा है। शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद निवेशकों ने मई महीने में इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में जमकर निवेश किया। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एएमएफआई) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, मई 2025 में इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में 22,907.77 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश (नेट इनफ्लो) दर्ज किया गया। यह लगातार निवेशकों की मजबूत भागीदारी और दीर्घकालिक निवेश रणनीति को दर्शाता है।
मई के दौरान म्यूचुअल फंड उद्योग की कुल प्रबंधित परिसंपत्तियां (एसेट्स अंडर मैनेजमेंट-एयूएम) बढ़कर 81.58 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गईं। वहीं, कुल फोलियो की संख्या बढ़कर 27.65 करोड़ हो गई, जो यह संकेत देती है कि देश में खुदरा निवेशकों की संख्या लगातार बढ़ रही है और लोग पारंपरिक निवेश विकल्पों के बजाय म्यूचुअल फंड्स की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं।
Flexi-cap Funds ने मारी बाजी
मई महीने में विभिन्न इक्विटी फंड श्रेणियों के प्रदर्शन पर नजर डालें तो फ्लेक्सी-कैप फंड्स निवेशकों की पहली पसंद बनकर उभरे। इस श्रेणी में 5,175.54 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश दर्ज किया गया, जो सभी इक्विटी फंड कैटेगरी में सबसे अधिक रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि फ्लेक्सी-कैप फंड्स निवेशकों को बाजार की परिस्थितियों के अनुसार विभिन्न मार्केट कैपिटलाइजेशन वाली कंपनियों में निवेश का अवसर देते हैं। यही लचीलापन निवेशकों को आकर्षित कर रहा है। फ्लेक्सी-कैप फंड्स के बाद स्मॉल-कैप फंड्स में 4,945.57 करोड़ रुपये और मिड-कैप फंड्स में 4,385.06 करोड़ रुपये का निवेश दर्ज किया गया। इन दोनों श्रेणियों में लगातार निवेश यह दर्शाता है कि निवेशक लंबी अवधि में उच्च रिटर्न की संभावनाओं को लेकर आशावादी बने हुए हैं।
तीन प्रमुख श्रेणियों में 63 प्रतिशत से अधिक Investment
फ्लेक्सी-कैप, स्मॉल-कैप और मिड-कैप फंड्स में संयुक्त रूप से 14,500 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आया, जो मई में इक्विटी फंड्स में हुए कुल निवेश का 63 प्रतिशत से ज्यादा है। यह आंकड़ा बताता है कि निवेशक केवल बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि विविधीकृत और व्यापक बाजार आधारित निवेश रणनीतियों को प्राथमिकता दे रहे हैं। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, आर्थिक विकास की संभावनाओं और कॉर्पोरेट आय में सुधार की उम्मीदों ने निवेशकों का विश्वास मजबूत किया है।
लार्ज एंड मिड-कैप और मल्टी-कैप फंड्स में भी मजबूत निवेश
मई में लार्ज एंड मिड-कैप फंड्स में 3,278.22 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश हुआ। वहीं मल्टी-कैप फंड्स में 2,291.01 करोड़ रुपये का निवेश दर्ज किया गया। इन श्रेणियों में निवेशकों की दिलचस्पी यह दर्शाती है कि वे जोखिम और रिटर्न के बीच संतुलन बनाए रखने वाली योजनाओं को भी महत्व दे रहे हैं। मल्टी-कैप फंड्स विभिन्न आकार की कंपनियों में निवेश कर पोर्टफोलियो को संतुलित बनाते हैं, जिससे जोखिम का प्रभाव कम हो सकता है।
Hybrid Funds में भी निवेशकों का भरोसा कायम
इक्विटी फंड्स के अलावा हाइब्रिड स्कीमों में भी निवेशकों की रुचि मजबूत बनी रही। मई के दौरान इस श्रेणी में कुल 10,560.24 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश दर्ज किया गया। हाइब्रिड फंड्स में आर्बिट्रेज फंड्स सबसे आगे रहे, जिनमें 5,697.90 करोड़ रुपये का निवेश आया। इसके अलावा मल्टी-एसेट एलोकेशन फंड्स में 3,928.51 करोड़ रुपये का निवेश दर्ज किया गया। इन फंड्स की लोकप्रियता का प्रमुख कारण जोखिम को संतुलित करते हुए बेहतर रिटर्न की संभावना माना जा रहा है।
Passive Investment को भी मिला समर्थन
पैसिव निवेश उत्पादों की मांग भी लगातार बढ़ रही है। मई में इंडेक्स फंड्स में 943.26 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश दर्ज किया गया। वहीं विदेशी बाजारों में निवेश करने वाले फंड ऑफ फंड्स (एफओएफ) में 763.99 करोड़ रुपये का निवेश हुआ। हालांकि गोल्ड ईटीएफ निवेशकों को आकर्षित नहीं कर सके। मई महीने में गोल्ड ईटीएफ से 725.04 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी दर्ज की गई। इससे संकेत मिलता है कि निवेशकों ने सोने की तुलना में इक्विटी आधारित निवेश विकल्पों को अधिक प्राथमिकता दी।
अप्रैल के मुकाबले निवेश में कमी, लेकिन रुझान मजबूत
हालांकि मई में निवेश का स्तर अप्रैल की तुलना में कम रहा। अप्रैल 2025 में इक्विटी स्कीम्स में 38,440.20 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश दर्ज किया गया था। उस दौरान म्यूचुअल फंड उद्योग में कुल निवेश 3.22 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया था। इसके बावजूद मई के आंकड़े यह दर्शाते हैं कि निवेशकों का भरोसा अब भी मजबूत बना हुआ है और वे बाजार की लंबी अवधि की संभावनाओं पर विश्वास जता रहे हैं।
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