वैश्विक तनावों के बीच भारतीय शेयर बाजार में दमदार वापसी, सेंसेक्स 361 अंक चढ़ा, निवेशकों का भरोसा मजबूत
खबर सार :-
वैश्विक तनावों और मिश्रित अंतरराष्ट्रीय संकेतों के बावजूद भारतीय शेयर बाजार ने मजबूती दिखाई है। सेंसेक्स और निफ्टी की बढ़त यह दर्शाती है कि घरेलू निवेशकों का भरोसा कायम है। एफएमसीजी, आईटी और बैंकिंग शेयरों की खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया है। आने वाले दिनों में निफ्टी के प्रमुख तकनीकी स्तर और वैश्विक घटनाक्रम बाजार की दिशा तय करेंगे।
खबर विस्तार : -
BSE Sensex Gains 361 point: पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक बाजारों से मिले मिश्रित संकेतों के बावजूद भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को मजबूती का परिचय दिया। शुरुआती कारोबार में उतार-चढ़ाव देखने के बाद प्रमुख सूचकांक हरे निशान में कारोबार करते नजर आए। निवेशकों की सकारात्मक धारणा और चुनिंदा सेक्टरों में खरीदारी के चलते बाजार में तेजी का माहौल बना रहा।
कारोबार की शुरुआत में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स अपने पिछले बंद 73,918.76 अंक के मुकाबले 69.51 अंक की बढ़त के साथ 73,988.27 पर खुला। वहीं, एनएसई निफ्टी 50 अपने पिछले बंद 23,242.10 अंक से 8.15 अंक नीचे 23,233.95 पर खुला। हालांकि शुरुआती दबाव अधिक समय तक नहीं टिक पाया और दोनों प्रमुख सूचकांकों में तेजी लौट आई।
Sensex 74,280 के पार, निफ्टी भी मजबूत
आज सुबह करीब 9:37 बजे तक सेंसेक्स 361.29 अंक यानी 0.49 प्रतिशत की तेजी के साथ 74,280.05 पर पहुंच गया। दूसरी ओर, निफ्टी 50 भी 92.20 अंक यानी 0.40 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,334.30 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और घरेलू निवेशकों की सक्रिय भागीदारी बाजार को सहारा दे रही है। यही वजह है कि विदेशी संकेत कमजोर रहने के बावजूद भारतीय बाजार में सकारात्मक रुख देखने को मिला।
FMCG Sector बना बाजार का हीरो
सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो एफएमसीजी शेयरों ने सबसे शानदार प्रदर्शन किया। निफ्टी एफएमसीजी इंडेक्स में 1.6 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जिसने बाजार की तेजी को मजबूती प्रदान की। इसके अलावा ऑयल एंड गैस, आईटी, फाइनेंशियल सर्विसेज और प्राइवेट बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। हालांकि सभी सेक्टरों का प्रदर्शन एक जैसा नहीं रहा। निफ्टी मेटल और निफ्टी मीडिया इंडेक्स दबाव में रहे और इनमें सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई। इससे संकेत मिलता है कि निवेशक फिलहाल रक्षात्मक और स्थिर मुनाफा देने वाले सेक्टरों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
Midcap और Smallcap शेयरों में कमजोरी
मुख्य सूचकांकों की तेजी के विपरीत व्यापक बाजार में दबाव देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.15 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.18 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि कारोबार की शुरुआत में इन दोनों इंडेक्स में हल्की बढ़त देखने को मिली थी, लेकिन बाद में मुनाफावसूली के कारण इनमें कमजोरी आ गई। विश्लेषकों के अनुसार, निवेशक फिलहाल बड़ी कंपनियों के शेयरों में निवेश को प्राथमिकता दे रहे हैं, क्योंकि वैश्विक अनिश्चितता के माहौल में बड़े शेयर अपेक्षाकृत सुरक्षित माने जाते हैं।
इन दिग्गज शेयरों ने संभाली बाजार की कमान
निफ्टी 50 में शामिल प्रमुख कंपनियों में हिंदुस्तान यूनिलीवर, नेस्ले इंडिया, टाटा कंज्यूमर, कोटक महिंद्रा बैंक, ट्रेंट, इंफोसिस, आईसीआईसीआई बैंक, टीसीएस और एशियन पेंट्स के शेयरों में मजबूत बढ़त देखने को मिली। दूसरी ओर, हिंडाल्को के शेयरों में सबसे अधिक 3.13 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा टीएमपीवी, कोल इंडिया, इटरनल, भारती एयरटेल, एनटीपीसी और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर भी दबाव में रहे।
भू-राजनीतिक तनावों पर Investors की नजर
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, एशिया-प्रशांत क्षेत्र के बाजारों में कमजोरी, अमेरिकी टेक्नोलॉजी शेयरों में बिकवाली और ईरान से जुड़े घटनाक्रमों के बाद बढ़े भू-राजनीतिक तनाव का असर वैश्विक निवेश भावना पर पड़ा है। इसके बावजूद भारतीय बाजार अपेक्षाकृत मजबूत स्थिति में बना हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि निकट भविष्य में वैश्विक घटनाक्रमों पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी। यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव और बढ़ता है तो बाजार में अस्थिरता बढ़ सकती है, लेकिन घरेलू कारक फिलहाल सकारात्मक बने हुए हैं।
Nifty के लिए क्या हैं अहम स्तर?
तकनीकी विश्लेषकों के मुताबिक निफ्टी के लिए 23,100 से 23,000 का दायरा बेहद महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन है। जब तक सूचकांक इस स्तर के ऊपर बना रहता है, तब तक बाजार में रिकवरी की संभावना बरकरार रहेगी। वहीं ऊपरी स्तर पर 23,500 से 23,600 का क्षेत्र मजबूत रेजिस्टेंस माना जा रहा है। यदि निफ्टी इस दायरे को पार कर मजबूती से टिकने में सफल रहता है तो आने वाले कारोबारी सत्रों में 23,800 से 24,000 तक की तेजी देखने को मिल सकती है।
इंडिया VIX में गिरावट से बढ़ा भरोसा
बाजार की अस्थिरता को मापने वाला इंडिया वीआईएक्स 8.53 प्रतिशत गिरकर 15.57 पर आ गया। यह संकेत देता है कि निवेशकों की घबराहट में कमी आई है और बाजार में विश्वास मजबूत हुआ है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि तेजी के अधिक मजबूत संकेत तभी मिलेंगे जब वीआईएक्स 15 के नीचे स्थिर बना रहेगा।
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