West Asia Tensions के बीच Gold-Silver में बड़ी गिरावट, Investors की बढ़ी चिंता; दोनों धातुएं 1.4% तक टूटीं

खबर सार :-
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद सोना-चांदी की कीमतों में तेज गिरावट निवेशकों के लिए बड़ा संकेत है। दोनों धातुएं अपने रिकॉर्ड स्तर से काफी नीचे आ चुकी हैं। तकनीकी स्तरों पर बाजार की अगली दिशा निर्भर करेगी। यदि प्रमुख सपोर्ट टूटते हैं तो दबाव बढ़ सकता है, जबकि रेजिस्टेंस पार होने पर रिकवरी की संभावना मजबूत होगी।
West Asia Tensions के बीच Gold-Silver में बड़ी गिरावट, Investors की बढ़ी चिंता; दोनों धातुएं 1.4% तक टूटीं
खबर विस्तार : -

Silver Gold Price Today: पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक वित्तीय बाजारों में बनी अनिश्चितता का असर अब कीमती धातुओं के बाजार पर भी साफ दिखाई देने लगा है। बुधवार को घरेलू वायदा बाजार में सोना और चांदी दोनों में तेज गिरावट दर्ज की गई। आमतौर पर वैश्विक संकट के दौर में निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख करते हैं, लेकिन इस बार मुनाफावसूली और कमजोर मांग के कारण बुलियन बाजार दबाव में नजर आया।

विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों, डॉलर की चाल, ब्याज दरों को लेकर निवेशकों की धारणा और कमोडिटी बाजार में बढ़ती अस्थिरता के कारण सोने और चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। बुधवार के कारोबार में दोनों धातुओं में करीब 1.4 प्रतिशत से अधिक की गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी।

MCX पर सोना 1.50 लाख रुपये के करीब फिसला

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर अगस्त वायदा सोना 1,49,926 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर खुला। कारोबार शुरू होते ही इसमें बिकवाली का दबाव बढ़ गया और कीमत करीब 2 प्रतिशत तक गिरकर 1,49,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के दिन के निचले स्तर तक पहुंच गई। खबर लिखे जाने तक सुबह लगभग 11:15 बजे सोना 2,154 रुपये यानी 1.41 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,50,289 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि हाल के दिनों में सोने में आई तेज तेजी के बाद निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली की जा रही है, जिससे कीमतों पर दबाव बना हुआ है।

Silver में भी तेज गिरावट, 2.35 लाख रुपये प्रति किलो पर कारोबार

सोने की तरह चांदी में भी कमजोरी देखने को मिली। एमसीएक्स पर जुलाई वायदा चांदी 2,34,009 रुपये प्रति किलोग्राम पर खुली और शुरुआती कारोबार में करीब 2 प्रतिशत तक गिरकर 2,33,400 रुपये प्रति किलोग्राम के दिन के न्यूनतम स्तर तक पहुंच गई। बाद में कुछ सुधार के बावजूद चांदी 3,328 रुपये यानी 1.40 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,35,200 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती दिखाई दी। विशेषज्ञों के अनुसार, औद्योगिक मांग में नरमी और वैश्विक आर्थिक गतिविधियों को लेकर अनिश्चितता चांदी की कीमतों पर असर डाल रही है।

IBJA आंकड़ों में भी कमजोरी के संकेत

इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, मंगलवार को 999 शुद्धता वाला सोना 1,52,519 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर था। वहीं 999 शुद्धता वाली चांदी की कीमत 2,45,938 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज की गई थी। मौजूदा कीमतों की तुलना में यह स्पष्ट है कि बाजार में पिछले कुछ सत्रों के दौरान लगातार दबाव बना हुआ है और निवेशकों की खरीदारी सीमित रही है।

रिकॉर्ड ऊंचाई से काफी नीचे पहुंचे Gold और Silver 

पिछले कुछ दिनों की गिरावट ने दोनों कीमती धातुओं को उनके रिकॉर्ड उच्च स्तर से काफी नीचे पहुंचा दिया है। एमसीएक्स पर चांदी अपने ऑल टाइम हाई 4,57,328 रुपये प्रति किलोग्राम से करीब 2.21 लाख रुपये नीचे कारोबार कर रही है। वहीं सोना भी अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर 2,04,375 रुपये प्रति 10 ग्राम से 53,700 रुपये से अधिक नीचे फिसल चुका है। इससे संकेत मिलता है कि बुलियन बाजार में हाल के महीनों में तेज अस्थिरता देखने को मिली है।

Gold के लिए क्या हैं अहम स्तर?

तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार MCX Gold के लिए 1,52,000 रुपये का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस बना हुआ है। यदि सोना इस स्तर को पार कर मजबूती से टिकता है तो कीमतों में फिर से तेजी का रुख देखने को मिल सकता है और यह 1,54,000 से 1,55,000 रुपये के दायरे तक पहुंच सकता है। हालांकि यदि सोना 1,49,500 से 1,49,000 रुपये के स्तर से नीचे जाता है तो बिकवाली और बढ़ सकती है। ऐसी स्थिति में कीमतें 1,48,000 रुपये के महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन तक फिसल सकती हैं।

Silver के लिए सपोर्ट और रेजिस्टेंस पर नजर

विशेषज्ञों के मुताबिक चांदी के लिए 2,38,000 से 2,40,000 रुपये प्रति किलोग्राम का दायरा मजबूत रेजिस्टेंस बना हुआ है। यदि कीमतें इस स्तर के ऊपर टिकती हैं तो 2,45,000 और फिर 2,48,000 रुपये तक की रिकवरी संभव है। दूसरी ओर 2,32,000 रुपये का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा है। इसके नीचे फिसलने पर चांदी में और गिरावट आ सकती है तथा कीमतें 2,28,000 से 2,25,000 रुपये के दायरे तक पहुंच सकती हैं।

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