वैश्विक तनाव का असर: शेयर बाजार लाल निशान में बंद, सेंसेक्स 77,500 के नीचे फिसला

खबर सार :-

वैश्विक अनिश्चितताओं और बाहरी आर्थिक दबावों के कारण भारतीय शेयर बाजार फिलहाल सतर्क रुख में दिखाई दे रहा है। हालांकि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में मजबूती निवेशकों के भरोसे को दर्शाती है, लेकिन लार्जकैप में कमजोरी चिंता का विषय बनी हुई है। आने वाले दिनों में कॉरपोरेट नतीजे, विदेशी निवेश और वैश्विक घटनाक्रम बाजार की दिशा तय करेंगे।
वैश्विक तनाव का असर: शेयर बाजार लाल निशान में बंद, सेंसेक्स 77,500 के नीचे फिसला

खबर विस्तार : -

Indian Stock Market Crash:  वैश्विक स्तर पर बढ़ती अस्थिरता और भू-राजनीतिक तनाव का असर मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया। कारोबारी सत्र के अंत में प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बंद हुए। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 238.41 अंक यानी 0.31 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,470.11 अंक पर बंद हुआ और 77,500 के अहम स्तर से नीचे फिसल गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 50 भी 50.80 अंक यानी 0.21 प्रतिशत टूटकर 24,187.70 अंक पर बंद हुआ।

कारोबार पर सरकारी बैंकिंग शेयरों का सबसे अधिक दबाव

दिनभर के कारोबार में बाजार पर सबसे अधिक दबाव सरकारी बैंकिंग शेयरों का रहा। सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी पीएसयू बैंक 0.88 प्रतिशत की गिरावट के साथ सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाला सूचकांक रहा। इसके अलावा निफ्टी आईटी में 0.61 प्रतिशत, ऑयल एंड गैस में 0.50 प्रतिशत, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 0.38 प्रतिशत, एफएमसीजी में 0.31 प्रतिशत और मीडिया इंडेक्स में 0.04 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई। इन सेक्टरों में बिकवाली के चलते बाजार पर दबाव बना रहा।

हालांकि, बाजार के सभी सेक्टरों में निराशा नहीं रही। रियल्टी, ऑटो, मेटल, हेल्थकेयर और फार्मा शेयरों में निवेशकों की अच्छी दिलचस्पी देखने को मिली। निफ्टी रियल्टी 1.07 प्रतिशत की बढ़त के साथ सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा। इसके अलावा ऑटो इंडेक्स 0.93 प्रतिशत, मेटल 0.63 प्रतिशत, हेल्थकेयर 0.35 प्रतिशत और फार्मा 0.34 प्रतिशत की मजबूती के साथ बंद हुए। इससे संकेत मिला कि निवेशक चुनिंदा सेक्टरों में अवसर तलाशते रहे।

बजाज फिनसर्व, इंडिगो, सन फार्मा समेत कई शेयरों में तेजी

सेंसेक्स के प्रमुख शेयरों में बजाज फिनसर्व, इंडिगो, अल्ट्राटेक सीमेंट, एचसीएल टेक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाइटन, कोटक महिंद्रा बैंक, मारुति सुजुकी, टाटा स्टील, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, बजाज फाइनेंस, भारती एयरटेल, सन फार्मा, एनटीपीसी, लार्सन एंड टुब्रो, अदाणी पोर्ट्स, हिंदुस्तान यूनिलीवर, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, टेक महिंद्रा और एशियन पेंट्स के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए। दूसरी ओर एचडीएफसी बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, टीसीएस, रिलायंस इंडस्ट्रीज, इन्फोसिस, पावर ग्रिड, ट्रेंट, आईटीसी और इटरनल के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। लार्जकैप शेयरों में बिकवाली का दबाव देखने को मिला, लेकिन व्यापक बाजार ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 0.53 प्रतिशत की तेजी के साथ 19,428.05 अंक पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.30 प्रतिशत बढ़कर 62,987.60 अंक पर पहुंच गया। यह संकेत देता है कि निवेशकों का भरोसा अभी भी मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों में बना हुआ है, जहां बेहतर विकास की संभावनाएं दिखाई दे रही हैं।

एक्सपर्ट्स की रायः चुनौतियों के बावजूद आय की उम्मीद

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा वैश्विक चुनौतियों के बावजूद मजबूत कॉरपोरेट आय की उम्मीद और कंपनियों के सकारात्मक कारोबारी अपडेट मिडकैप शेयरों को सहारा दे रहे हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी चेताया कि इस सेगमेंट के शेयरों का वैल्यूएशन लार्जकैप की तुलना में काफी ऊंचा है। ऐसे में निवेशकों को केवल तेजी के रुख को देखकर निवेश करने के बजाय कंपनियों के मूलभूत आंकड़ों और जोखिमों का मूल्यांकन करना चाहिए।

कमजोरी की सबसे बड़ी वजह: लार्जकैप शेयरों का दबाव में रहना

विशेषज्ञों के अनुसार बाजार में कमजोरी की सबसे बड़ी वजह लार्जकैप शेयरों का दबाव में रहना है। बढ़ते भू-राजनीतिक जोखिम, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और विदेशी निवेश प्रवाह में नरमी जैसे कारकों ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया है। इसके चलते बड़े शेयरों में मुनाफावसूली देखने को मिली। आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर वैश्विक घटनाक्रम, कच्चे तेल की चाल, विदेशी संस्थागत निवेशकों की गतिविधियों और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर रहेगी, जो बाजार की अगली दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

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