India Inflation Report: भारत में खुदरा महंगाई दर फरवरी 2026 में बढ़कर 3.21 प्रतिशत दर्ज की गई है। यह जनवरी 2026 की 2.74 प्रतिशत महंगाई दर से 0.47 प्रतिशत अधिक है। हालांकि महंगाई में हल्की बढ़ोतरी हुई है, लेकिन कई जरूरी खाद्य वस्तुओं की कीमतों में आई गिरावट ने आम उपभोक्ताओं को कुछ राहत भी दी है। यह आंकड़े सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MOSPI) द्वारा जारी किए गए हैं। मंत्रालय के अनुसार देश में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित खुदरा महंगाई में फरवरी के दौरान मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई, लेकिन खाद्य वस्तुओं के दामों में उतार-चढ़ाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।
जारी आंकड़ों के मुताबिक फरवरी में ग्रामीण क्षेत्रों में खुदरा महंगाई दर 3.37 प्रतिशत रही, जो जनवरी में 2.73 प्रतिशत थी। वहीं शहरी क्षेत्रों में महंगाई दर 3.02 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि जनवरी में यह 2.75 प्रतिशत थी। विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य वस्तुओं की कीमतों में बदलाव और परिवहन लागत का असर महंगाई दर पर दिखाई देता है। वहीं शहरी इलाकों में आवास, सेवाओं और उपभोग वस्तुओं की कीमतें महंगाई को प्रभावित करती हैं।
फरवरी 2026 में खाद्य महंगाई दर 3.47 प्रतिशत रही। ग्रामीण इलाकों में यह 3.46 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों में 3.48 प्रतिशत दर्ज की गई। खाद्य महंगाई में यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से कुछ सब्जियों और कृषि उत्पादों की कीमतों में वृद्धि के कारण देखी गई। हालांकि कई जरूरी खाद्य वस्तुओं की कीमतों में तेज गिरावट भी दर्ज की गई है, जिससे कुल प्रभाव संतुलित रहा।
फरवरी में सालाना आधार पर कई खाद्य वस्तुओं की कीमतों में बड़ी गिरावट देखी गई। इनमें सबसे अधिक गिरावट लहसुन की कीमत में दर्ज की गई, जो 31.09 प्रतिशत तक सस्ती हुई। इसके अलावा प्याज 28.20 प्रतिशत, आलू 18.46 प्रतिशत और अरहर दाल लगभग 16 प्रतिशत सस्ती हुई। वहीं लीची की कीमतों में भी 11.52 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। खाद्य विशेषज्ञों के अनुसार अच्छी फसल और पर्याप्त आपूर्ति के कारण इन वस्तुओं की कीमतों में कमी आई है, जिसका सीधा फायदा उपभोक्ताओं को मिला है।

जहां कुछ वस्तुओं की कीमतों में गिरावट आई, वहीं कई उत्पादों की कीमतों में तेज बढ़ोतरी ने महंगाई पर दबाव भी बनाया। सबसे ज्यादा वृद्धि सिल्वर ज्वेलरी की कीमत में दर्ज की गई, जो 160.84 प्रतिशत तक बढ़ गई। इसके अलावा गोल्ड, डायमंड और प्लेटिनम ज्वेलरी की कीमतों में 48.16 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। इसी तरह कोपरा 46.16 प्रतिशत, टमाटर 45.29 प्रतिशत और फूलगोभी 43.77 प्रतिशत महंगे हुए। विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक बाजार में कीमती धातुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव और मौसमी कारणों से सब्जियों की कीमतों में तेजी आई है।
फूड एंड बेवरेज श्रेणी में फरवरी में महंगाई दर 3.35 प्रतिशत रही। वहीं पान और तंबाकू में 3.49 प्रतिशत, कपड़े और जूतों में 2.81 प्रतिशत और हाउसिंग, पानी, बिजली, गैस एवं अन्य ईंधन में 1.52 प्रतिशत महंगाई दर्ज की गई। शिक्षा सेवाओं में भी 3.33 प्रतिशत की महंगाई दर्ज की गई, जो यह दर्शाती है कि सेवा क्षेत्र में भी लागत बढ़ने का असर जारी है।
50 लाख से अधिक जनसंख्या वाले राज्यों में फरवरी के दौरान सबसे अधिक महंगाई तेलंगाना में 5.02 प्रतिशत दर्ज की गई। इसके बाद राजस्थान में 3.53 प्रतिशत, केरल में 3.50 प्रतिशत, आंध्र प्रदेश में 3.45 प्रतिशत और पश्चिम बंगाल में 3.44 प्रतिशत महंगाई दर दर्ज की गई। मंत्रालय के अनुसार राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा देशभर के 1407 शहरी बाजारों और 1465 गांवों से हर सप्ताह कीमतों का डेटा एकत्र किया जाता है। इन आंकड़ों को फील्ड स्टाफ द्वारा व्यक्तिगत दौरों और ऑनलाइन बाजारों के माध्यम से संग्रहित किया जाता है। फरवरी 2026 के दौरान ग्रामीण और शहरी बाजारों से लगभग 100 प्रतिशत मूल्य डेटा सफलतापूर्वक एकत्र किया गया, जिससे महंगाई के आंकड़ों की विश्वसनीयता सुनिश्चित होती है।
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