नई दिल्लीः दुनियाभर में आतंकवाद का गढ़ कहे जाने वाले कंगाल पाकिस्तान को ताबड़तोड़ झटके लग रहे हैं। दुनिया भर की बड़ी-बड़ी कंपनियां पाकिस्तान से अपना बिजनेस समेटकर निकल रही हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान से बड़ी बहुराष्ट्रीय कंपनियों के बाहर जाने को लेकर इस्लामाबाद में चिंता बढ़ रही है। भ्रष्टाचार, आतंकवाद और नियामक बाधाओं ने इन कंपनियों के लिए देश में काम करना मुश्किल बना दिया है।
पाकिस्तान की सरकार की चिंताएं बढ़ने का सबसे बड़ा कारण नामचीन कंपनियों के देश छोड़कर जाने से हो रही बदनामी है। यहां की मीडिया रिपोर्ट में भी बहुराष्ट्रीय कंपनियों के देश छोड़ने का जिक्र लगातार किया जा रहा है, जिसकी वजह से जनता में सरकार की कार्यप्रणाली को लेकर काफी गुस्सा नजर आ रहा है। यहां बेरोजगारी और भुखमरी से जूझ रहे लोगों की समस्याएं खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही हैं। बता दें कि पाकिस्तान दुनिया का पांचवां सबसे अधिक आबादी वाला देश है। यहां 24 करोड़ से ज्यादा लोग रहते हैं, इसके बावजूद ये कंपनियां देश छोड़ रही हैं।

वैश्विक स्तर पर मशहूर दिग्गज टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने महीने भर पहले पाकिस्तान में अपना दुकान समेट लिया। इसके बाद यामाहा और फिर हालिया अपडेट में प्रॉक्टर एंड गैंबल भी पाकिस्तान से निकल गई। इसके अलावा शेल (एलएनजी की ओर वैश्विक झुकाव के तहत खुदरा ईंधन से बाहर निकलना), उबर और फाइजर ने भी पाकिस्तान को टाटा बाय-बाय बोल दिया। इसका मुख्य कारण आर्थिक अस्थिरता, अनियंत्रित मुद्रास्फीति, मुद्रा अवमूल्यन, नीतिगत अराजकता और सुरक्षा संबंधी मुद्दों जैसी व्यापक चिंताएं हैं। प्रमुख वैश्विक वित्तीय विशेषज्ञ यूसुफ नजर के अनुसार, इसका मुख्य कारण बाजार की दीर्घकालिक क्षमता का आकलन है।
विश्लेषकों का कहना है कि कुछ कंपनियों का बाहर जाना वैश्विक रणनीतियों का हिस्सा है। कुछ कंपनियां बेहतर आर्थिक पैमाने के लिए दुबई या सिंगापुर जैसे क्षेत्रीय केंद्रों में स्थानांतरित हो सकती हैं। ये फैसले अभी भी पाकिस्तान के कारोबारी माहौल में ‘अविश्वास प्रस्ताव’ को दर्शाते हैं, जहां भारी कर मुनाफे को कम करते हैं और मुनाफे की वापसी में बाधा डालते हैं। विशेषज्ञों का सुझाव है कि इस प्रवृत्ति में सीधे पलायन के बजाय स्वामित्व परिवर्तन शामिल है, जिसमें सऊदी अरामको, गनवोर ग्रुप और बैरिक गोल्ड (खनन में 9 अरब डॉलर का निवेश) जैसे नए प्रवेशकर्ता अंतराल को भरने के लिए आगे आ रहे हैं।
अन्य प्रमुख खबरें
नई समुद्री रणनीति की शुरुआतः भारत-रूस समुद्री साझेदारी से खुलेगा वैश्विक व्यापार का नया द्वार
वैश्विक तनाव का असर: यूएस-वेनेजुएला टकराव से चांदी में जबरदस्त उछाल, चेन्नई में 9,200 रुपये की तेजी
सर्राफा बाजार में चमकी तेजी: सोना 830 रुपये उछला, चांदी भी हुई महंगी
सेंसेक्स-निफ्टी लाल निशान में बंद, हेल्थकेयर और फार्मा ने संभाला मोर्चा
ट्रंप का दावाः टैरिफ से अमेरिका को 600 अरब डॉलर की कमाई
वैश्विक संकेतों के बीच बाजार की लगातार दूसरे दिन कमजोर शुरुआत, ऑयल एंड गैस सेक्टर बना बड़ी वजह
सर्राफा बाजार में हल्की सुस्ती, सोना-चांदी के दाम फिसले
वेनेजुएला के तेल संकट से बदल सकती है वैश्विक तस्वीर, भारत की कंपनियों के लिए खुल सकते हैं नए मौके
पीएलआई योजना में एप्पल की बड़ी छलांग, भारत से आईफोन निर्यात 50 अरब डॉलर के पार
बैंक ऑफ अमेरिका का भरोसा बढ़ा: भारत की जीडीपी ग्रोथ 7.6 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान
शेयर बाजार की सुस्त शुरुआत: आईटी शेयरों में बिकवाली, पीएसयू बैंक चमके
2026 में भारतीय शेयर बाजार होगा अधिक मजबूत, ऑटो और बैंकिंग सेक्टर में दिखेगी रफ्तार
ग्लोबल मार्केट से पॉजिटिव संकेत, एशियाई शेयर बाजारों में दिखी दमदार खरीदारी
ज्वैलरी खरीदने का बेहतरीन मौका, सोने की कीमतों में लगातार तीसरे दिन गिरावट, 1310 रुपये तक टूटा भाव
भारत–मालदीव के बीच तीन गुना बढ़ा भरोसा, व्यापारिक रिश्तों को मिली नई ऊँचाई