पीएलआई योजना में एप्पल की बड़ी छलांग, भारत से आईफोन निर्यात 50 अरब डॉलर के पार

खबर सार :-
पीएलआई योजना के तहत एप्पल की 50 अरब डॉलर की निर्यात उपलब्धि भारत को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करती है। मजबूत आपूर्ति शृंखला, बढ़ता निर्यात और रिकॉर्ड बिक्री यह साबित करती है कि भारत अब केवल असेंबली हब नहीं, बल्कि हाई-एंड टेक निर्माण का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है।

पीएलआई योजना में एप्पल की बड़ी छलांग, भारत से आईफोन निर्यात 50 अरब डॉलर के पार
खबर विस्तार : -

Apple iphone Export: भारत सरकार की स्मार्टफोन उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना ने वैश्विक स्तर पर अपनी उपयोगिता साबित कर दी है। अमेरिकी टेक दिग्गज एप्पल ने इस योजना के तहत एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए दिसंबर 2025 तक भारत से 50 अरब डॉलर से अधिक मूल्य के आईफोन का निर्यात कर लिया है। यह उपलब्धि न सिर्फ एप्पल बल्कि भारत के विनिर्माण क्षेत्र के लिए भी मील का पत्थर मानी जा रही है।

पांच साल की योजना, चार साल में बड़ा लक्ष्य

एप्पल के लिए पीएलआई योजना की कुल अवधि पांच साल की है, जिसमें अभी लगभग तीन महीने शेष हैं। चालू वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीनों में ही करीब 16 अरब डॉलर के आईफोन भारत से निर्यात किए जा चुके हैं। इससे पहले के वर्षों को मिलाकर कुल निर्यात 50 अरब डॉलर का आंकड़ा पार कर चुका है, जो योजना की प्रभावशीलता को दर्शाता है।

सैमसंग से कहीं आगे निकला एप्पल

यदि तुलना की जाए तो दक्षिण कोरिया की कंपनी सैमसंग ने वित्त वर्ष 2021 से 2025 के बीच पीएलआई योजना के तहत लगभग 17 अरब डॉलर के उपकरणों का ही निर्यात किया। इसके मुकाबले एप्पल का प्रदर्शन तीन गुना से भी अधिक रहा है। यह अंतर भारत में एप्पल की आक्रामक विनिर्माण और निर्यात रणनीति को उजागर करता है।

भारत में मजबूत हो रही एप्पल की आपूर्ति शृंखला

भारत में एप्पल के कुल पांच आईफोन असेंबली प्लांट संचालित हो रहे हैं। इनमें से तीन संयंत्र टाटा ग्रुप की कंपनियों द्वारा और दो फॉक्सकॉन द्वारा चलाए जा रहे हैं। इसके अलावा एप्पल की आपूर्ति शृंखला से जुड़ी लगभग 45 कंपनियां भारत में सक्रिय हैं, जिनमें बड़ी संख्या में लघु और मध्यम उद्योग शामिल हैं। इससे स्थानीय रोजगार और तकनीकी क्षमता दोनों को मजबूती मिली है।

स्मार्टफोन बना भारत का सबसे बड़ा निर्यात उत्पाद

आईफोन की जबरदस्त वैश्विक मांग के चलते स्मार्टफोन भारत का सबसे बड़ा निर्यात उत्पाद बन गया है। वित्त वर्ष 2025 में कुल स्मार्टफोन निर्यात में करीब 75 प्रतिशत हिस्सेदारी अकेले आईफोन की रही। यह आंकड़ा भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में एप्पल की निर्णायक भूमिका को दर्शाता है।

मोबाइल निर्माण में भारत की वैश्विक छलांग

साल 2015 में स्मार्टफोन निर्यात के मामले में भारत 167वें स्थान पर था, लेकिन अब वह दुनिया के शीर्ष देशों में शामिल हो चुका है। भारत आज दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन उत्पादक देश बन गया है। घरेलू बाजार में बिकने वाले 99 प्रतिशत से अधिक मोबाइल फोन अब देश में ही निर्मित हो रहे हैं, जो आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ी उपलब्धि है।

पीएलआई योजना का भविष्य और नए अवसर

स्मार्टफोन पीएलआई योजना मार्च 2026 में समाप्त होनी है, लेकिन सरकार इसे आगे बढ़ाने पर गंभीरता से विचार कर रही है। नए नियमों के तहत कंपनियां अब छह वर्षों में से किसी भी लगातार पांच वर्षों के लिए इंसेंटिव का लाभ ले सकेंगी। इसके साथ ही एप्पल के आपूर्तिकर्ताओं और सैमसंग को इलेक्ट्रॉनिक पुर्जा निर्माण योजना में भी शामिल किया गया है।

बिक्री के मोर्चे पर भी एप्पल का दबदबा

काउंटरपॉइंट रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 के पहले 11 महीनों में एप्पल ने लगभग 65 लाख आईफोन 16 की बिक्री की। आईफोन 16 भारत का सबसे ज्यादा बिकने वाला स्मार्टफोन बन गया, जबकि आईफोन 15 भी टॉप-5 सबसे ज्यादा बिकने वाले फोनों की सूची में शामिल रहा। इस दौरान एप्पल ने कई प्रमुख एंड्रॉयड कंपनियों को बिक्री के मामले में पीछे छोड़ दिया।

 

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