Indian Stock Market: सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार ने कमजोरी के साथ शुरुआत की और शुरुआती कारोबार में ही बिकवाली का दबाव हावी हो गया। घरेलू बाजार के प्रमुख सूचकांक बीएसई सेंसेक्स अपने पिछले बंद 83,674.92 के मुकाबले 772.19 अंकों की गिरावट के साथ 82,902.73 पर खुला। वहीं एनएसई निफ्टी 25,807.20 के पिछले बंद स्तर से 236.05 अंक फिसलकर 25,571.15 पर खुला।
आज सुबह करीब 9:40 बजे तक 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 847.21 अंक यानी 1.01 प्रतिशत की गिरावट के साथ 82,827.71 पर कारोबार कर रहा था। दूसरी ओर, निफ्टी 268.35 अंकों यानी 1.04 प्रतिशत टूटकर 25,538.85 पर ट्रेड करता नजर आया। शुरुआती कारोबार में बाजार का रुख पूरी तरह लाल निशान में रहा, जिससे निवेशकों की धारणा कमजोर दिखी।
मुख्य सूचकांकों के साथ-साथ व्यापक बाजार में भी गिरावट देखी गई। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 1.31 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 1.58 प्रतिशत तक लुढ़क गया। इससे संकेत मिलता है कि बिकवाली केवल बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर भी दबाव में रहे।
सेक्टरवार नजर डालें तो आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 5 प्रतिशत तक टूट गया। इसमें Infosys 5.5 प्रतिशत से ज्यादा लुढ़का, जबकि TCS, HCL Technologies, LTIMindtree, Coforge और Wipro में भी तेज गिरावट देखी गई। इसके अलावा निफ्टी मेटल इंडेक्स 2 प्रतिशत, निफ्टी मीडिया 1 प्रतिशत, निफ्टी एफएमसीजी 0.8 प्रतिशत और निफ्टी बैंक 0.35 प्रतिशत नीचे रहा।
सेंसेक्स के 30 में से 26 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। गिरने वाले प्रमुख शेयरों में इंफोसिस, टीसीएस, एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा, एचयूएल, ट्रेंट, एमएंडएम, टाटा स्टील, एनटीपीसी, टाइटन, एलएंडटी, बजाज फिनसर्व, इंडिगो और पावर ग्रिड शामिल रहे। हालांकि, बाजार की इस कमजोरी के बीच कुछ शेयरों ने संभलने की कोशिश की। बजाज फाइनेंस, एचडीएफसी बैंक, एसबीआई और भारती एयरटेल मामूली बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे।
चॉइस ब्रोकिंग के रिसर्च एनालिस्ट हितेश टेलर के अनुसार, पिछले कारोबारी सत्र में भी निफ्टी दबाव में रहा था और दिनभर सीमित दायरे में कारोबार करता रहा। तकनीकी रूप से 25,900–25,950 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस माना जा रहा है, जबकि 25,650–25,700 के बीच मजबूत सपोर्ट देखा जा रहा है। आरएसआई 53.87 पर है, जो न्यूट्रल मोमेंटम के साथ हल्का मंदी का संकेत देता है। इससे निकट अवधि में सीमित तेजी की संभावना जताई जा रही है।
संस्थागत निवेशकों के आंकड़ों के मुताबिक 12 फरवरी को विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने लगातार पांचवें सत्र में 108 करोड़ रुपये की खरीदारी की। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 276 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया। विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक अनिश्चितताओं और बढ़ती अस्थिरता को देखते हुए निवेशकों को सतर्क रणनीति अपनानी चाहिए। गिरावट के दौरान मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों पर ध्यान देना बेहतर हो सकता है। नई लंबी पोजीशन तभी बनानी चाहिए जब निफ्टी 26,000 के स्तर के ऊपर मजबूती से टिके।
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