MCX कीमती धातुओं में जबरदस्त वापसी: सोना 1.58 लाख के पार, चांदी 2.61 लाख के ऊपर
खबर सार :-
बाजार में मंगलवार की गिरावट के बाद सोना और चांदी में आई तेजी ने निवेशकों का भरोसा फिर मजबूत किया है। फेड की संभावित दर कटौती, कमजोर डॉलर और वैश्विक आर्थिक सुस्ती की आशंका ने कीमती धातुओं को सहारा दिया है। हालांकि रिकॉर्ड स्तर से अभी दूरी है, लेकिन मौजूदा रुझान बताते हैं कि बाजार में सकारात्मक धारणा बनी हुई है।
खबर विस्तार : -
MCX Gold Silver Prices: वैश्विक बाजार में मंगलवार को आई भारी गिरावट के बाद बुधवार को कमोडिटी बाजार में कीमती धातुओं ने जोरदार वापसी की। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोना और चांदी दोनों में मजबूत तेजी देखने को मिली। खासतौर पर चांदी, जो पिछले कारोबारी सत्र में करीब 10,000 रुपये तक लुढ़क गई थी, आज तेजी की राह पर लौटती नजर आई। बाजार में निवेशकों की धारणा सकारात्मक हुई है, जिसका असर दामों में उछाल के रूप में दिखाई दे रहा है।

सोना-चांदी में इंट्रा-डे हाई पर मजबूती
बाजार से मिली जानकारी के अनुसार, बुधवार के शुरुआती कारोबार में अप्रैल डिलीवरी वाला सोना करीब एक प्रतिशत की तेजी के साथ 1,58,436 रुपये प्रति 10 ग्राम के इंट्रा-डे हाई पर पहुंच गया। वहीं मार्च डिलीवरी वाली चांदी लगभग 3 प्रतिशत चढ़कर 2,62,892 रुपये प्रति किलोग्राम के दिन के उच्च स्तर पर पहुंच गई।
आज दोपहर 12:56 बजे एमसीएक्स पर 2 अप्रैल एक्सपायरी वाला सोना 1,554 रुपये की बढ़त के साथ 1,58,357 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा था। वहीं 5 मार्च एक्सपायरी वाली चांदी 9,401 रुपये यानी 3.72 प्रतिशत की उछाल के साथ 2,61,949 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी।
MCX Gold and Silver Rate: रिकॉर्ड स्तर से अब भी दूर
हालांकि मौजूदा तेजी के बावजूद दोनों धातुएं अपने ऑल टाइम हाई से नीचे हैं। 29 जनवरी को सोने ने 1,83,000 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी ने 4,20,000 रुपये प्रति किलोग्राम का ऐतिहासिक उच्च स्तर छुआ था। उस स्तर से तुलना करें तो अभी भी कीमतों में काफी अंतर बना हुआ है।
फेड की दर कटौती की उम्मीद से बढ़ी चमक
कीमतों में तेजी की बड़ी वजह अमेरिका से आए कमजोर आर्थिक आंकड़े हैं। अमेरिका में उपभोक्ता खर्च और रिटेल सेल्स के आंकड़े उम्मीद से कमजोर रहे हैं, जिससे संकेत मिल रहा है कि अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी पड़ सकती है। इसके चलते बाजार में यह उम्मीद बढ़ी है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व इस साल ब्याज दरों में कटौती कर सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि अब बाजार कम से कम तीन बार दर कटौती की संभावना देख रहा है, जबकि पहले दो बार कटौती का अनुमान लगाया जा रहा था। ब्याज दरों में कमी से सोना और चांदी जैसे गैर-ब्याज देने वाले निवेश साधनों की मांग बढ़ती है, क्योंकि कम दरों के माहौल में इनकी आकर्षण क्षमता बढ़ जाती है।
कमजोर डॉलर का मिला सहारा
डॉलर इंडेक्स में भी हल्की कमजोरी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में डॉलर इंडेक्स 96.80 से गिरकर 96.59 पर आ गया। डॉलर के कमजोर होने से विदेशी निवेशकों के लिए सोना और चांदी अपेक्षाकृत सस्ते हो जाते हैं, जिससे मांग में इजाफा होता है। यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दोनों धातुओं में मजबूती दर्ज की गई।

MCX Gold and Silver Rate: अंतरराष्ट्रीय बाजार का रुख
कॉमेक्स गोल्ड फिलहाल 4,900 से 5,100 डॉलर के दायरे में कारोबार कर रहा है। इससे पहले यह 5,500 से 5,600 डॉलर के ऊंचे स्तर तक पहुंच चुका था। विशेषज्ञ इसे सामान्य मुनाफावसूली के बाद की स्थिरता मान रहे हैं। उनका मानना है कि लंबी अवधि में सोने का रुख अब भी सकारात्मक बना हुआ है। चांदी की बात करें तो औद्योगिक मांग और सीमित सप्लाई इसके लिए दीर्घकालिक समर्थन का काम कर रही है। हालांकि इसमें उतार-चढ़ाव अधिक रहता है। कॉमेक्स सिल्वर के लिए 65 से 70 डॉलर का स्तर मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है।
तकनीकी स्तर क्या कहते हैं?
विश्लेषकों के अनुसार, एमसीएक्स पर सोने के लिए 1,55,500 और 1,54,000 रुपये का स्तर मजबूत सपोर्ट है, जबकि 1,57,700 और 1,59,000 रुपये पर रेजिस्टेंस देखा जा सकता है। चांदी के लिए 2,44,000 और 2,48,800 रुपये सपोर्ट स्तर हैं, जबकि 2,60,000 रुपये के आसपास रेजिस्टेंस माना जा रहा है। मौजूदा तेजी अगर इन रेजिस्टेंस स्तरों को पार करती है तो आगे और मजबूती देखने को मिल सकती है।
निवेशकों की नजर आगे के आंकड़ों पर
अब बाजार की निगाह अमेरिका के नॉन-फार्म पेरोल और महंगाई के आंकड़ों पर टिकी है। ये आंकड़े फेड की आगामी ब्याज दर नीति के संकेत देंगे। यदि आंकड़े कमजोर आते हैं तो दर कटौती की संभावना और मजबूत होगी, जिससे सोना-चांदी को और समर्थन मिल सकता है।
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