HAL Growth Q3 Profit: देश की प्रमुख रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (दिसंबर तिमाही) में शानदार प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी का शुद्ध मुनाफा (पीएटी) सालाना आधार पर 29.6 प्रतिशत बढ़कर 1,866.66 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 1,439.79 करोड़ रुपये था। मजबूत ऑर्डर बुक, रक्षा क्षेत्र में बढ़ती मांग और बेहतर परिचालन क्षमता ने कंपनी के नतीजों को मजबूती दी है।
तिमाही के दौरान एचएएल की संचालन से आय (रेवेन्यू) 10.65 प्रतिशत बढ़कर 7,698.80 करोड़ रुपये हो गई, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 6,957.31 करोड़ रुपये थी। वहीं कंपनी की कुल आय 8,612.60 करोड़ रुपये रही, जो एक साल पहले 7,588.71 करोड़ रुपये थी। आय में यह वृद्धि कंपनी की मजबूत डिलीवरी, उन्नत रक्षा प्लेटफॉर्म्स की आपूर्ति और निर्यात संभावनाओं के विस्तार का परिणाम मानी जा रही है।
तिमाही नतीजों के साथ ही कंपनी के निदेशक मंडल ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए पहला अंतरिम लाभांश घोषित किया है। एचएएल ने 5 रुपये फेस वैल्यू वाले प्रत्येक शेयर पर 35 रुपये का डिविडेंड देने का ऐलान किया है। कंपनी ने इसके लिए 18 फरवरी 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है। इस तारीख तक जिन निवेशकों के पास शेयर होंगे, वे डिविडेंड पाने के पात्र होंगे। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि 14 मार्च 2026 तक पात्र शेयरधारकों को भुगतान कर दिया जाएगा।

एचएएल लंबे समय से अपने निवेशकों को नियमित लाभांश देती रही है। 28 मार्च 2019 से अब तक कंपनी 14 बार डिविडेंड घोषित कर चुकी है। पिछले एक वर्ष में कंपनी ने कुल 40 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड दिया, जिससे डिविडेंड यील्ड 0.98 प्रतिशत रही। इससे पहले अगस्त 2025 में 15 रुपये और फरवरी 2025 में 25 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड दिया गया था।
बीएसई के आंकड़ों के अनुसार, 12 फरवरी 2026 को दोपहर 2:21 बजे तक एचएएल का शेयर मूल्य 4,161 रुपये पर कारोबार कर रहा था। स्टॉक का 52 सप्ताह का उच्चतम स्तर 5,166 रुपये और न्यूनतम स्तर 3,045.95 रुपये रहा है। कंपनी का कुल मार्केट कैप 2,78,812.30 करोड़ रुपये है, जो इसे रक्षा क्षेत्र की सबसे मूल्यवान कंपनियों में शामिल करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार के ‘मेक इन इंडिया’ और आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत रक्षा क्षेत्र में बढ़ते निवेश से एचएएल को आने वाले समय में और मजबूती मिल सकती है। कंपनी की मजबूत ऑर्डर बुक और तकनीकी क्षमताएं इसे दीर्घकालिक विकास के लिए तैयार करती हैं।