पीयूष गोयल की उद्योग जगत को दो टूकः FTA का पूरा लाभ उठाने के लिए गुणवत्ता सुधारें, नए बाजारों में पैठ बनाएं

खबर सार :-
पीयूष गोयल का संदेश स्पष्ट है कि, भारत को वैश्विक व्यापार में अग्रणी बनने के लिए नए बाजारों में आक्रामक विस्तार, गुणवत्ता सुधार और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ानी होगी। हालिया एफटीए और टैरिफ राहत भारतीय निर्यातकों के लिए सुनहरा अवसर हैं। यदि उद्योग जगत रणनीतिक रूप से इन समझौतों का लाभ उठाए, तो ‘विकसित भारत’ का लक्ष्य तेजी से साकार हो सकता है।

पीयूष गोयल की उद्योग जगत को दो टूकः FTA का पूरा लाभ उठाने के लिए गुणवत्ता सुधारें, नए बाजारों में पैठ बनाएं
खबर विस्तार : -

 Piyush Goyal FTA export: वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारतीय उद्योग जगत से आह्वान किया है कि वे नए वैश्विक बाजारों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराएं, उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार करें और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को बढ़ाएं ताकि हाल ही में हुए मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) का अधिकतम लाभ देश को मिल सके। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मंत्री ने निर्यातकों और उद्योग संगठनों से आग्रह किया कि वे विकसित देशों के साथ हुए समझौतों का रणनीतिक और प्रभावी उपयोग करें।

वैश्विक बाजारों में बेहतर अवसर

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने 35 एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (ईपीसी) और प्रमुख उद्योग संगठनों के साथ बैठक के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने किसानों, मजदूरों, पेशेवरों, कारीगरों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को वैश्विक बाजारों में बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण समझौते किए हैं। उन्होंने कहा कि इन समझौतों का उद्देश्य भारत की आर्थिक क्षमता को नई ऊंचाइयों तक ले जाना है।

गुणवत्ता, नवाचार और ब्रांड वैल्यू पर ध्यान

मंत्री ने स्पष्ट किया कि केवल समझौते करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उद्योग जगत को गुणवत्ता, नवाचार और ब्रांड वैल्यू पर भी ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि भारतीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाना समय की आवश्यकता है। यदि निर्यातक नई तकनीकों को अपनाएं, लागत कम करें और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करें, तो भारत वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अग्रणी बन सकता है। गोयल ने यह भी कहा कि हालिया व्यापार समझौतों से भारत की पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली, आयुर्वेद और योग को वैश्विक स्तर पर नए अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने बताया कि कृषि और डेयरी क्षेत्र के हितों की रक्षा करते हुए समझौते किए गए हैं ताकि घरेलू उत्पादकों को नुकसान न पहुंचे। उन्होंने कहा, “भारत ने प्राचीन काल से अंतरराष्ट्रीय व्यापार में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। ये समझौते ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को गति देंगे और प्रधानमंत्री के ‘विकास भी, विरासत भी’ मंत्र को साकार करेंगे।”

Piyush Goyal-Udyog Pratinidhi

उद्योग प्रतिनिधियों ने जताया आभार

उद्योग प्रतिनिधियों ने बैठक के दौरान यूनाइटेड किंगडम, यूरोपीय संघ और अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौतों के लिए प्रधानमंत्री और वाणिज्य मंत्री का आभार जताया। उन्होंने विशेष रूप से 6 फरवरी 2026 के अमेरिकी आदेश के तहत भारतीय उत्पादों पर लगाए गए अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ को हटाए जाने को बड़ी राहत बताया। उद्योग जगत के अनुसार, अमेरिका भारत के सबसे बड़े निर्यात बाजारों में से एक है और टैरिफ हटने से भारतीय निर्यातकों की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति मजबूत होगी।

ईपीएम की प्रगति की  समीक्षा

इस बैठक में एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन (ईपीएम) की प्रगति की भी समीक्षा की गई। उद्योग संगठनों ने सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का स्वागत किया, जिनमें निर्यात ऋण पर ब्याज सहायता, एमएसएमई के लिए गारंटी सुविधा और नए बाजारों तक पहुंच के लिए विशेष प्रोत्साहन शामिल हैं। मंत्री ने अंत में कहा कि उद्योग और सरकार के संयुक्त प्रयासों से भारत वैश्विक व्यापार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा सकता है और रोजगार के व्यापक अवसर सृजित कर सकता है।

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