कीमती धातुओं की कीमतों में जोरदार इजाफाः गिरावट के बाद संभले सोना-चांदी, निवेशकों की वापसी से बढ़ी रौनक

खबर सार :-
कीमती धातुओं में हालिया गिरावट के बाद आई तेजी यह संकेत देती है कि बाजार की बुनियाद मजबूत बनी हुई है। सुरक्षित निवेश की मांग, केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और वैश्विक अनिश्चितता सोने-चांदी को सहारा दे रही है। आने वाले समय में महंगाई आंकड़े और फेडरल रिजर्व के फैसले इनकी दिशा तय करेंगे। फिलहाल निवेशकों का भरोसा बरकरार दिख रहा है।

कीमती धातुओं की कीमतों में जोरदार इजाफाः गिरावट के बाद संभले सोना-चांदी, निवेशकों की वापसी से बढ़ी रौनक
खबर विस्तार : -

MCX Gold Silver Price: हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को कीमती धातुओं के बाजार में फिर से रौनक लौट आई। पिछले सत्र में आई भारी गिरावट के बाद निवेशकों ने निचले स्तरों पर खरीदारी की, जिससे सोने और चांदी के दामों में जोरदार उछाल दर्ज किया गया।

एमसीएक्स पर अप्रैल में डिलीवरी वाले सोने की कीमती

देश के प्रमुख वायदा बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर अप्रैल डिलीवरी वाला सोना शुरुआती कारोबार में 1 प्रतिशत से अधिक चढ़कर 1,54,837 रुपये प्रति 10 ग्राम के दिन के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। वहीं मार्च डिलीवरी वाली चांदी 2.50 प्रतिशत से अधिक उछलकर 2,43,699 रुपये प्रति किलोग्राम के उच्चतम स्तर तक पहुंची। हालांकि खबर लिखे जाने तक सुबह करीब 11:32 बजे एमसीएक्स पर 2 अप्रैल एक्सपायरी वाला सोना 0.60 प्रतिशत यानी 923 रुपये की तेजी के साथ 1,53,759 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। वहीं 5 मार्च एक्सपायरी वाली चांदी 1.92 प्रतिशत यानी 4,531 रुपये की बढ़त के साथ 2,40,966 रुपये प्रति किलोग्राम पर बनी हुई थी।

Gold Price

विशेषज्ञों की राय: गिरावट थी मुनाफावसूली का नतीजा

पीएल कैपिटल के निदेशक संदीप रायचुरा के अनुसार, जनवरी के अंत में आई गिरावट के बाद सोना फिर से मजबूत होता दिख रहा है। उनका कहना है कि हालिया गिरावट बाजार की कमजोरी नहीं, बल्कि मुनाफावसूली का नतीजा थी। विशेषज्ञों का मानना है कि साल 2026 के अंत तक सोने की कीमतें 6,000 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती हैं। सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग और केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीदारी इसके दीर्घकालिक दृष्टिकोण को सकारात्मक बनाए हुए है।

वैश्विक संकेतों का असर

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव जारी है। कॉमेक्स पर सोना 4,850 से 5,100 डॉलर प्रति औंस के बीच कारोबार कर रहा है। इससे पहले यह 5,500 से 5,600 डॉलर तक पहुंच चुका था, जिसके बाद मुनाफावसूली देखी गई। चांदी की बात करें तो यह 73 से 84 डॉलर के दायरे में कारोबार कर रही है, जबकि हाल ही में यह 121 डॉलर के ऊपर तक पहुंची थी। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत के साथ व्यापार समझौते को मंजूरी और ब्राजील के साथ संभावित समझौते के संकेत से वैश्विक व्यापार को लेकर कुछ राहत मिली है। हालांकि महंगाई और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता अब भी निवेशकों को सतर्क बनाए हुए है।

डॉलर इंडेक्स और फेड की नजर

बाजार में देखें तो शुक्रवार को डॉलर इंडेक्स बढ़कर 97 पर पहुंच गया, जो पिछले सत्र में 96.93 था। मजबूत डॉलर आमतौर पर सोने की कीमतों पर दबाव डालता है, लेकिन इस बार सुरक्षित निवेश की मांग ने सोने को सहारा दिया। अब निवेशकों की नजर अमेरिका के महंगाई आंकड़ों पर है। इन आंकड़ों से यह संकेत मिलेगा कि फेडरल रिजर्व आगे ब्याज दरों को लेकर क्या फैसला ले सकता है। ब्याज दरों में संभावित कटौती से सोने को अतिरिक्त समर्थन मिल सकता है।

केंद्रीय बैंकों की खरीदारी से मजबूती

विशेषज्ञों के अनुसार, दुनिया के कई केंद्रीय बैंक लगातार सोना खरीद रहे हैं, जिससे इसकी कीमतों को दीर्घकालिक सहारा मिल रहा है। दूसरी ओर चांदी की आपूर्ति सीमित है, जबकि औद्योगिक मांग स्थिर बनी हुई है। इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर और ऑटो सेक्टर में उपयोग के चलते चांदी की मांग मजबूत बनी हुई है।

तकनीकी स्तरों पर सपोर्ट

बाजार विश्लेषकों का कहना है कि सोने को 1,54,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर मजबूत सपोर्ट मिल रहा है, जबकि चांदी को 2,42,000 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास सहारा है। यदि ये स्तर बरकरार रहते हैं तो आगे और तेजी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। निवेशक फिलहाल वैश्विक आर्थिक संकेतों, डॉलर की चाल और अमेरिकी ब्याज दरों के फैसलों पर नजर बनाए हुए हैं।

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