वैश्विक संकेतों के बीच बाजार की लगातार दूसरे दिन कमजोर शुरुआत, ऑयल एंड गैस सेक्टर बना बड़ी वजह

खबर सार :-
भारतीय शेयर बाजार में फिलहाल उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। ऑयल एंड गैस सेक्टर की कमजोरी ने बाजार पर दबाव बनाया है, जबकि चुनिंदा सेक्टर्स में मजबूती भी दिख रही है। निवेशकों के लिए जरूरी है कि वे तकनीकी स्तरों और वैश्विक संकेतों पर नजर रखते हुए सतर्क रणनीति अपनाएं।

वैश्विक संकेतों के बीच बाजार की लगातार दूसरे दिन कमजोर शुरुआत, ऑयल एंड गैस सेक्टर बना बड़ी वजह
खबर विस्तार : -

Share Market News: अमेरिका और वेनेजुएला के बीच युद्द की स्थिति बनी हुई है। इस कारण मध्यएशियाई देशों और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ रहा है। ऐसे में वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेत मिलने के बावजूद भारतीय शेयर बाजार ने सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को निराश किया। लगातार दूसरे ट्रेडिंग सेशन में घरेलू इक्विटी बाजार लाल निशान में खुला। वहीं शुरुआती कारोबार में बिकवाली का दबाव साफ दिखा, जिसका सबसे ज्यादा असर ऑयल एंड गैस सेक्टर पर पड़ा। निवेशकों की सतर्कता और चुनिंदा सेक्टर्स में मुनाफावसूली ने बाजार की चाल को कमजोर बनाए रखा।

सेंसेक्स और निफ्टी में शुरुआती गिरावट

भारतीय शेयर बाजार में आज कारोबार की शुरुआत में एनएसई निफ्टी 50 पिछले बंद भाव से 60.6 अंक गिरकर 26,189.70 के स्तर पर खुला। वहीं बीएसई सेंसेक्स 108.48 अंक की कमजोरी के साथ 85,331.14 पर खुला। इस दौरान सुबह 10 बजे तक सेंसेक्स 198.80 अंक यानी 0.23 प्रतिशत गिरकर 85,240.82 पर कारोबार करता दिखा। वहीं दूसरी तरफ, निफ्टी 50 भी 50.35 अंक या 0.19 प्रतिशत की गिरावट के साथ 26,199.95 के स्तर पर ट्रेड करता रहा।

मिडकैप-स्मॉलकैप शेयरों में मिला-जुला रुख

घरेलू शेयर बाजार में मंगलवार को बड़े शेयरों में कमजोरी के बावजूद मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में मिला-जुला रुझान देखने को मिला। निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.17 प्रतिशत की बढ़त में रहा, जबकि निफ्टी मिडकैप इंडेक्स लगभग सपाट कारोबार करता नजर आया। इससे संकेत मिलता है कि निवेशकों की रुचि अभी चुनिंदा स्टॉक्स तक सीमित है। निवेशक अभी वेट एंड वॉच की स्थिति में हैं, वे स्थिति बेहतर होते ही निवेश करेंगे। 

ऑयल एंड गैस सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव में

अमेरिका औऱ वेनेजुएला में युद्ध जैसे हालात बनने के कारण ऑयल और गैस सेक्टर पर भरपूर दबाव देखने को मिल रहा है। भारतीय शेयर बाजार को देखें तो, मंगलवार को सेक्टोरल फ्रंट पर निफ्टी ऑयल एंड गैस इंडेक्स सबसे ज्यादा नुकसान में रहा और इसमें 1.36 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं का असर इस सेक्टर पर साफ दिखा। इसके विपरीत निफ्टी मेटल इंडेक्स में 0.95 प्रतिशत की मजबूती देखने को मिली, जिससे कुछ हद तक बाजार को सहारा मिला।

टॉप गेनर्स और लूजर्स पर नजर

सेंसेक्स पैक में आईसीआईसीआई बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और टेक महिंद्रा सबसे ज्यादा तेजी दिखाने वाले शेयर रहे। वहीं ट्रेंट, रिलायंस इंडस्ट्रीज और टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स (टीएमपीवी) के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। एनएसई पर एचडीएफसी लाइफ, हिंडाल्को और अपोलो हॉस्पिटल्स टॉप गेनर्स की सूची में शामिल रहे, जबकि ट्रेंट, रिलायंस और टीएमपीवी यहां भी टॉप लूजर्स में गिने गए।

एक्सपर्ट्स की राय और तकनीकी संकेत

पीएल कैपिटल के हेड एडवाइजरी विक्रम कासट के मुताबिक,  वेनेजुएला से जुड़ी अनिश्चितताएं फिलहाल एक जोखिम जरूर हैं, लेकिन पोर्टफोलियो के लिए बड़ा खतरा नहीं मानी जा रहीं। उन्होंने बताया कि अमेरिका में निजी क्षेत्र में रोजगार वृद्धि मजबूत बनी हुई है, जिससे 2026 की ओर बढ़ते हुए अमेरिकी अर्थव्यवस्था के स्थिर रहने के संकेत मिलते हैं। तकनीकी तौर पर निफ्टी अगर 26,200 के ऊपर बना रहता है तो 26,350 तक रिकवरी संभव है, जबकि इसके नीचे फिसलने पर 26,100 का स्तर देखने को मिल सकता है। डेरिवेटिव बाजार में पीसीआर 1.53 और आरएसआई करीब 54 पर बना हुआ है।

आईपीओ से जुड़ी बड़ी खबर

इसी बीच, देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी एसबीआई म्यूचुअल फंड के लगभग 12,500 करोड़ रुपये के मेगा आईपीओ को लेकर भी चर्चा तेज है। खबर है कि इस आईपीओ के लिए 9 बैंकरों की नियुक्ति की गई है और इसके 2026 की पहली छमाही में आने की संभावना है।

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