मुंबई: भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को कारोबार की शुरुआत अच्छी नहीं रही। आज सुबह 9:39 बजे सेंसेक्स 60 अंक की कमजोरी के साथ 82,574 और निफ्टी 21 अंक की गिरावट के साथ 25,191 पर कारोबार करता नजर आया। लार्जकैप के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी सपाट कारोबार हो रहा है।
घरेलू शेयर बाजार में निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 56 अंक की कमजोरी के साथ 59,564 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 9 अंक की मामूली तेजी के साथ 19,149 पर कारोबार कर रहे हैं। सेक्टोरल आधार पर ऑटो, फार्मा, एफएमसीजी, मेटल, रियल्टी, मीडिया, एनर्जी और कमोडिटीज इंडेक्स हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। जबकि, आईटी, पीएसयू बैंक और फाइनेंशियल सर्विसेज के शेयर लाल निशान में थे।
आज के शेयर बाजार में सेंसेक्स पैक में सन फार्मा, एमएंडएम, टाटा मोटर्स, बीईएल, एनटीपीसी, ट्रेंट, एनटीपीसी, एक्सिस बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक टॉप गेनर्स में शामिल थे। वहीं दूसरी तरफ इटरनल (जोमैटो), टेक महिंद्रा, आईसीआईसीआई बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फिनसर्व, इन्फोसिस, एशियन पेंट्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज और आईटीसी टॉप लूजर्स थे।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार डॉ. वी.के. विजयकुमार ने भारतीय शेयर बाजार को लेकर चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि बाजार पिछले दो महीने से समेकन की बुरी स्थितियों में फंसा हुआ है, इसके दायरे से बाहर निकलने के कोई संकेत नहीं हैं। भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते को भी बाजार ने कम महत्व दिया है, जिससे इस दायरे को निर्णायक रूप से तोड़ने वाली तीव्र तेजी की कोई गुंजाइश नहीं बची है। ये अलग बात है कि टैरिफ दर का 20 प्रतिशत से काफी कम होने का फैसला हुआ तो बाजार को तेजी मिल सकती है। इस कारण व्यापार और टैरिफ के मोर्चे पर होने वाले घटनाक्रमों पर नजर रखना जरूरी है।
एशियाई बाजारों को देखें, तो यहां ज्यादातक शेयर बाजार स्थिर से लेकर निचले स्तर पर कारोबार कर रहे थे। टोक्यो, शंघाई, बैंकॉक और जकार्ता हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। हांगकांग और सियोल लाल निशान में बना हुए थे। बस अमेरिकी बाजार बुधवार को सकारात्मक नजर आये, यहां अमेरिकी बाजार हरे निशान में बंद हुआ। जबकि, संस्थागत मोर्चे पर, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने अपना निवेश कम करना जारी रखा है। इस कारण 16 जुलाई को 1,858 करोड़ रुपए के शेयर बेचे गये। इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई) लगातार आठवें सत्र में खरीदार बने रहे। डीआईआई ने 1,223 करोड़ रुपए का निवेश करके वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच बाजार को महत्वपूर्ण समर्थन दिया है।
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