Immigration पर US का सख्त संदेश: “कानून तोड़ा तो कार्रवाई तय”
खबर सार :-
मार्कवेन मुलिन के बयान से साफ है कि अमेरिका इमिग्रेशन पर संतुलित लेकिन सख्त रुख अपनाने जा रहा है। जहां कानूनी प्रवास को समर्थन मिलेगा, वहीं अवैध गतिविधियों पर कड़ी कार्रवाई तय है। इस नीति का असर लाखों प्रवासियों, वीजा धारकों और ग्रीन कार्ड आवेदकों पर पड़ सकता है, जिससे इमिग्रेशन प्रणाली और अधिक अनुशासित और नियंत्रित बनेगी।
खबर विस्तार : -
US वाशिंगटन: अमेरिका में इमिग्रेशन नीति को लेकर सख्ती के संकेत देते हुए गृह सुरक्षा सचिव पद के नामित मार्कवेन मुलिन ने स्पष्ट कर दिया है कि कानून का पालन करने वालों को पूरा समर्थन मिलेगा, लेकिन नियम तोड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
संयुक्त राज्य सीनेट में बुधवार को हुई गवाही के दौरान मुलिन ने कानूनी और अवैध प्रवास के बीच स्पष्ट अंतर रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका की इमिग्रेशन प्रणाली उन लोगों के लिए सुचारू रूप से काम करती रहनी चाहिए जो नियमों का पालन करते हैं।
हर सप्ताह नागरिकता समारोह का आयोजन
मुलिन ने बताया कि देश में हर सप्ताह सोमवार से शुक्रवार तक नियमित रूप से नागरिकता (नेचुरलाइजेशन) समारोह आयोजित होते हैं, जो कानूनी प्रवास की निरंतरता का प्रमाण हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जो लोग वैध तरीके से नागरिकता या स्थायी निवास पाने की कोशिश कर रहे हैं, उनके लिए सरकार का सहयोग जारी रहेगा। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सख्त प्रवर्तन राष्ट्रीय सुरक्षा का अहम हिस्सा है। गृह सुरक्षा विभाग (डीएचएस) का मुख्य उद्देश्य देश की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, और इसके लिए इमिग्रेशन कानूनों का कड़ाई से पालन जरूरी है।
इमिग्रेशन के मुद्दे पर कई सीनेटरों ने जताई चिंता
गवाही के दौरान कई सीनेटरों ने चिंता जताई कि प्रवर्तन की कार्रवाई का असर उन लोगों पर भी पड़ रहा है जो कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ रहे हैं। कुछ मामलों का उल्लेख करते हुए बताया गया कि इमिग्रेशन अपॉइंटमेंट के दौरान भी लोगों को हिरासत में लिया गया। इस पर मुलिन ने कहा कि उन्हें ऐसे विशिष्ट मामलों की जानकारी नहीं है, लेकिन उन्होंने दोहराया कि जो लोग नियमों का पालन कर रहे हैं, उन्हें प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ने दिया जाएगा। उन्होंने कहा, “अगर कोई सही तरीके से प्रक्रिया में है, तो हम उसके साथ काम जारी रखेंगे।”
संघीय और स्थानीय एजेंसियों के बीच तालमेल जरूरी
मुलिन ने यह भी साफ किया कि कानून लागू करने के मामले में कोई चयनात्मक रवैया नहीं अपनाया जा सकता। हम यह तय नहीं कर सकते कि कौन से कानून लागू करें और कौन से नहीं। प्रवर्तन के तौर-तरीकों में सुधार की बात करते हुए उन्होंने स्थानीय प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका मानना है कि संघीय और स्थानीय एजेंसियों के बीच तालमेल से कानून लागू करने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी हो सकती है। अस्पतालों जैसे संवेदनशील स्थानों पर कार्रवाई के सवाल पर उन्होंने कोई सामान्य दिशा-निर्देश देने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि हर मामला उसकी परिस्थितियों और कानूनी वारंट पर निर्भर करेगा। साथ ही उन्होंने अपने कानून प्रवर्तन अधिकारियों के समर्थन की भी बात दोहराई।
इमिग्रेशन के मुद्दे पर रिपब्लिकन और डेमोक्रेट में मत विभाजन
अमेरिका में राजनीतिक स्तर पर इमिग्रेशन के मुद्दे पर विभाजन भी साफ दिखा। जहां डेमोक्रेटिक सांसद नागरिक स्वतंत्रता और बल प्रयोग को लेकर चिंतित नजर आए, वहीं रिपब्लिकन सांसदों ने सीमा सुरक्षा और सख्त प्रवर्तन को प्राथमिकता देने की बात कही। मुलिन ने यह भी कहा कि उनका लक्ष्य डीएचएस पर जनता का भरोसा बहाल करना है। उन्होंने स्वीकार किया कि प्रवर्तन को लेकर लोगों में चिंता है और वे इसे कम करना चाहते हैं। यह भी कहा कि “मैं चाहता हूं कि छह महीने में हम हर दिन सुर्खियों में न रहें।”
वीजा कार्यक्रमों में बड़े बदलाव के संकेत
हालांकि उन्होंने वीजा कार्यक्रमों में किसी बड़े बदलाव का संकेत नहीं दिया, लेकिन यह स्पष्ट किया कि निगरानी और अनुपालन और अधिक सख्त हो सकता है। इसका सीधा असर स्किल्ड वर्कर्स, ग्रीन कार्ड आवेदकों और अन्य प्रवासियों पर पड़ सकता है। अब संयुक्त राज्य सीनेट जल्द ही उनकी नियुक्ति पर फैसला ले सकती है। सीनेटरों ने संकेत दिया है कि कुछ मुद्दों पर और स्पष्टता के लिए आगे चर्चा हो सकती है।
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