US Iran Tensions : यूएस प्रेसीडेंट को पंसद नहीं आया ईरान का होर्मुज स्ट्रेट खोलने, लड़ाई खत्म करने का ड्राफ्ट प्रस्ताव, कहा...'यह बिल्कुल मंजूर नहीं है'
खबर सार :-
ईरान द्वारा अमेरिका के साथ बातचीत को लेकर भेजे गए बातचीत प्रस्ताव पर यूएस प्रेसीडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने प्रतिक्रिया दी है। ट्रंप ने ईरान के प्रस्ताव को खारिज करते हुए नामंजूर कर दिया है। यूएस प्रेसीडेंट के इस बयान की पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ ने पुष्टि की है। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट फिर से खोलने, लड़ाई खत्म करने समेत उसके न्यूक्लियर प्रोग्राम पर अलग से चर्चा का प्रस्ताव अमेरिका को दिया था।
खबर विस्तार : -
US Iran Tensions : ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत करने के लिए ड्राफ्ट प्रस्ताव भेज दिया है। ईरान के ड्राफ्ट प्रस्ताव पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के प्रस्ताव को यह कहते हुए खारिज कर दिया है कि यह बिलकुल भी मंजूर नहीं है।
US Iran Tensions : ट्रंप को पसंद नहीं आया ईरान के ‘प्रतिनिधियों’ का जवाब
राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा, “मैंने अभी-अभी ईरान के तथाकथित ‘प्रतिनिधियों’ का जवाब पढ़ा है। मुझे यह पसंद नहीं आया, बिल्कुल मंजूर नहीं! इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद। ईरान ने अमेरिका को पाकिस्तान की मध्यस्थता के जरिए अपना प्रस्ताव भेजा, जिसके कुछ ही घंटे के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति का ये बयान सामने आया। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पुष्टि की है कि तेहरान ने जवाब दे दिया है। हालांकि, जवाब से संबंधित विस्तृत जानकारी को शेयर नहीं किया।
US Iran Tensions : ईरान ने की होर्मुज स्ट्रेट खोलने, लड़ाई को खत्म करने की मांग
ईरान के सरकारी मीडिया ने कहा कि तेहरान का जवाब खास तौर पर क्षेत्र में दुश्मनी खत्म करने पर केंद्रित था। वहीं, अन्य ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया कि तेहरान ने लड़ाई को आधिकारिक तौर पर खत्म करने, होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने, अमेरिकी नौसेना के उन जहाजों को हटाने जो नाकाबंदी लागू कर रहे हैं, प्रतिबंध हटाने और बातचीत के लिए 30 दिन का अतिरिक्त समय देने की मांग की है।
US Iran Tensions : ईरान का भविष्य की बातचीत में न्यूक्लियर प्रोग्राम पर अलग से चर्चा का प्रस्ताव
ईरान ने कथित तौर पर यह भी प्रस्ताव दिया है कि भविष्य की बातचीत में उसके न्यूक्लियर प्रोग्राम पर चर्चा अलग से की जाए। बाद में अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान पर अमेरिका के साथ गेम खेलने का आरोप लगाया और चेतावनी दी कि अब ईरान ज्यादा खुश नहीं रहेगा! इस बीच, अमेरिका के विदेश सचिव मार्को रुबियो ने कहा है कि ईरान को यह साफ कर देना चाहिए कि वे न्यूक्लियर हथियार नहीं चाहते हैं, जिसे वाशिंगटन शांति समझौते के लिए जरूरी मानता है। ईरान के इस जवाब से पहले ट्रंप सरकार ने पिछले हफ्ते मीडिएटर्स के जरिए 14-पॉइंट का प्रस्ताव भेजा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस फ्रेमवर्क में कथित तौर पर तेहरान की न्यूक्लियर गतिविधियों और क्षेत्रीय सुरक्षा प्रतिबद्धता से जुड़ी मांगें शामिल थीं।
होर्मुज स्ट्रेट और उसके आस-पास सैन्य तनाव जारी
यह कूटनीतिक बातचीत तब हुई जब होर्मुज स्ट्रेट और उसके आस-पास सैन्य तनाव जारी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने गुरुवार को तीन यूएस नेवी डिस्ट्रॉयर पर हमला किया। ईरान का आरोप था कि ये जहाज उन समुद्री क्षेत्रों में घुस रहे थे, जिन पर तेहरान अपना नियंत्रण होने का दावा करता है। ईरान ने कहा कि उसने बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल किया और दावा किया कि हमलों से गंभीर नुकसान हुआ।
ईरान के तटों से आगे फैल गया क्षेत्रीय तनाव
अमेरिका ने इस दावे से इनकार किया। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि डिस्ट्रॉयर जहाज बिना किसी नुकसान के निकल गए। ईरान की इस कार्रवाई से पहले अमेरिका ने दो ईरानी झंडे वाले टैंकरों पर हमला किया था। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि वे ओमान की खाड़ी के पास एक नेवल नाकाबंदी तोड़ने की कोशिश कर रहे थे।
बाद में अमेरिकी सेना ने ईरान के दक्षिणी तट पर केशम द्वीप और बंदर अब्बास के पास के ठिकानों पर हमला किया। क्षेत्रीय तनाव ईरान के तटों से आगे भी फैल गया। कतर के रक्षा मंत्रालय ने रविवार को कहा कि अबू धाबी से आ रहे एक कमर्शियल कार्गो जहाज को दोहा के तट के पास एक ड्रोन ने टक्कर मार दी, जिससे उसमें मामूली आग लग गई।
कतर के पीएम से लड़ाई खत्म करने की कोशिशों पर बात की
रुबियो और व्हाइट हाउस के मिडिल ईस्ट दूत स्टीव विटकॉफ ने शनिवार को कतर के प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी से लड़ाई खत्म करने की कोशिशों पर बात की। कतर की तरफ से एक बयान के मुताबिक, बातचीत में पाकिस्तानी मध्यस्थता की कोशिशें भी शामिल थीं, जिसका मकसद तनाव को कम करना था जिससे इलाके में सुरक्षा और स्थिरता बढ़ाने में मदद मिले। बाद में राज्य विभाग ने कहा कि रुबियो और कतर के नेताओं ने खतरों को रोकने और पूरे मिडिल ईस्ट में स्थिरता और सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए लगातार करीबी तालमेल की अहमियत पर बात की।
ईरान की लीडरशिप कमजोर और बिखरी हुई
संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत माइक वाल्ट्ज ने रविवार को एबीसी न्यूज से कहा कि बातचीत लंबी और धीमी हो रही है क्योंकि ईरान की लीडरशिप काफी कमजोर और बिखरी हुई है। होर्मुज स्ट्रेट में जारी तनाव पर, वाल्ट्ज ने कहा, “इसीलिए हम अब एक और यूएन प्रस्ताव ला रहे हैं जिसमें कहा गया है कि ईरान ऐसा नहीं कर सकता। कोई भी देश अंतरराष्ट्रीय वॉटरवेज में वह नहीं कर सकता जो ईरान कर रहा है।”
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