पाकिस्तान में सेना बन गई लुटेरी, निहत्थे नागरिकों पर कर रही कार्रवाई

खबर सार :-

पाकिस्तान में बीएनएम एक ऐसा संगठन है, जिसने सेना की कार्रवाई को गलत ठहराया है। संगठन का दावा है कि बलोच में स्वतंत्रता आंदोलन कर रहे नागरिकों पर पाकिस्तान सेना अपना दबाव बनाने के लिए दंडात्मक कार्रवाई कर रही है। ऐसी कार्रवाई किसी खून खराबा से कम नहीं है
बलूच में अपना दबाव बढ़ाने के लिए कर रही खूनखराबा

खबर विस्तार : -

नई दिल्ली : पाकिस्तान में बीएनएम एक ऐसा संगठन है, जिसने सेना की कार्रवाई को गलत ठहराया है। संगठन का दावा है कि बलोच में स्वतंत्रता आंदोलन कर रहे नागरिकों पर पाकिस्तान सेना अपना दबाव बनाने के लिए दंडात्मक कार्रवाई कर रही है। ऐसी कार्रवाई किसी खून खराबा से कम नहीं है। यह सेना दबाव में ऐसा कर रही है। वह अपना मनोबल बढ़ाने के लिए निहत्थे नागरिकों पर करवाई के बहाने दबाव बना रही है। इन कार्रवाइयों को बलूचिस्तान में पाकिस्तान सरकार द्वारा अपनाई गई सामूहिक दंड की सबसे कठोर नीति कहा जा रहा है।

संगठन ने बलूचिस्तान के लोगों से मौजूदा परिस्थितियों से निपटने के लिए कई रास्ते बताए हैं, जिनमें कहा है कि धैर्य बनाए रखिए, यह संतुलित रहने का समय है और एकजुटा में कमी ना आने दें। वरना इसका फायदा पाकिस्तान की सेना उठा लेगी। संगठन ने कहा है कि बलोच राष्ट्र की नियति आजादी है। और वह इसे लेकर ही रहेंगे। बलूचिस्तान मोर्चे पर पाकिस्तान सेना को हार ही झेलना पड़ेगा। बता दे कि पिछले सप्ताह बलोच की एक कमेटी ने भी नुष्की जिला में सैनिक घेराबंदी और कर्फ्यू की कड़ी निंदा की थी।

सामूहिक रूप से दंडित कर रही सेना

इसे बलूचिस्तान के लोगों को सामूहिक रूप से दंडित करने का सरकारी नियम बताया। संगठन ने उसके लोगों की पीड़ा को देखते हुए कहा है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय बलूचिस्तान विशेष कर उसकी स्थिति पर ध्यान दें। मानवाधिकारों का उल्लंघन रोकने के लिए इससे बड़ा विषय है। संगठन ने कई राष्ट्रों से यह मांग की है कि वह प्रभावी हस्तक्षेप करें। बता दें कि बीएनएम ने आरोप लगाया है किया है कि कर्फ्यू से भयावह स्थिति है। यहां सेना कर्फ्यू लगाने के बहाने लोगों के घरों, दुकानों और बाजारों से लूट मार कर रही है।

टारगेट किलिंग का सहारा ले रही सेना

लोगों का सामान उठा ले जाती है। मरीजों को अस्पताल नहीें ले जाने देती। एम्बुलेंस को रोक दिया जाता है। अब तक दर्जनों लोगों को गायब कर दिया। नौ लोगों को मार डाला। यातनाएं देकर अपनी बात मनवा रहे हैं। उधर संगठन के हौसले बुलंद हैं। सेगठन कह रहा है कि वह आजादी लेकर रहेंगे। पाकिस्तान सेना को आईना दिखाते हुए आगे संगठन ने कहा कि झूठ फैलाने की बेताब कोशिशें सिर्फ अपने बदहाल मानवाधिकार रिकॉर्ड के लिए हैं। दुनिया का ध्यान भटकाने की कोशिश न हो। हफ्तों में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने स्थानीय लोगों के शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को दबाने के लिए हिंसा, टारगेट किलिंग और कड़ी पाबंदियों का सहारा लिया है। निहत्थे लोगों के खिलाफ इस तरह की सरकार से मिलकर सेना ने हिंसा को उजागर किया है। 

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