जेनजी से बात करेंगे मोहन भागवत, विपक्ष की उम्मीदें धराशाई, दुनिया का सबसे बड़ा युवा सम्मेलन आज

खबर सार :-

दिल्ली में युवाओं द्वारा किए गए छात्र प्रदर्शन के बाद देश का मूड बदल हुआ है। एक ओर देश के कुछ राजनीतिक महत्वाकांक्षी लोग युवाओं को उकसा कर सत्ता हथियाने की कोशिश कर रहे हैं। युवाओं को जेनजी कह कर श्रीलंका, बांग्लादेश और नेपाल जैसे हालात उत्पन्न करना चाहते हैैं। वहीं देश के कुछ बुद्धिजीवी, समाजसेवी, राजनीतिक लोग भारत की एकता संप्रभुता को बनाए रखने के लिए 2000 युवाओं से सीधी बात करना चाहते हैं।
2000 युवा करेंगे मोहन भागवत से संवाद, विश्व  को एकजुट करने की सुझाऐंगे तरकीब

खबर विस्तार : -

नई दिल्ली। दिल्ली में युवाओं द्वारा किए गए छात्र प्रदर्शन के बाद देश का मूड बदल हुआ है। एक ओर देश के कुछ राजनीतिक महत्वाकांक्षी लोग युवाओं को उकसा कर सत्ता हथियाने की कोशिश कर रहे हैं। युवाओं को जेनजी कह कर श्रीलंका, बांग्लादेश और नेपाल जैसे हालात उत्पन्न करना चाहते हैैं। वहीं देश के कुछ बुद्धिजीवी, समाजसेवी, राजनीतिक लोग भारत की एकता संप्रभुता को बनाए रखने के लिए 2000 युवाओं से सीधी बात करना चाहते हैं। भारत के इतिहास और संस्कृति में ऐसा नहीं हुआ, जैसे कुछ देशों में देखा गया है। इसलिए नेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेषंस यानी आईआईएमयूएन एक सम्मेलन आयोजित करने जा रहा है।

नीता मुकेश अंबानी और डी वाई चंद्रचूड़ रहेंगे मौजूद

भारतीय दृष्टिकोण से विश्व को एकजुट करने की दिशा में भारत की इसमें बड़ी भूमिका होगी। इसमें युवाओं को बुलाया गया है। इसका विषय युवाओं की भूमिका ही होगा, यानी भारतीय दृष्टिकोण से विश्व को एकजुट करने में युवाओं की भूमिका, इस वार्षिक सम्मेलन में 15 से 19 वर्ष की आयु के छात्र-छात्राएं शामिल होंगे।  संघ के सरसंघ चालक मोहन भागवत गुरुवार को यानी आज दुनिया के सबसे बड़े युवा नेतृत्व वाले सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंच रहे हैैं। विभिन्न देशों के स्कूल और कॉलेज के प्रतिनिधि भी इसमें हिस्सा लेंगे। नेतृत्व में राष्ट्र निर्माण और विश्व को एकजुट करने में भारत की भूमिका पर जेनजी और जैन अल्फा से बात किया जाएगा।

भारत के मूल्यों को समझाएंगी अभिनेत्री शबाना आजमी

इस आयोजन में आरएसएस प्रमुख के अलावा मुख्य रूप से नीती मुकेश अंबानी सांस्कृतिक केंद्र एनएमएसीसी मे आईआईएमयूएन के आयोजन मैं मौजूद रहेेगी। यह सालाना चैंपियनशिप सम्मेलन है। इसका उद्घाटन इन्हीं खास लोगों के द्वारा किया जाएगा। यह प्रतिवर्ष आयोजित किया जाता है और आज 15वीं वर्षगांठ मना रहा है। बुद्धिजीवी लोगों का मानना है कि देश का युवा लोकतंत्र नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण जैसे विषय पर बोलने के लिए उत्सुक है। ऐसे समय में यह आयोजन बड़ा महत्व रखता है। राष्ट्र निर्माण पर चर्चाओं में तेजी से सक्रिय होने के लिए युवक पूरे देश से यहां पहुंचने वाले हैं। मोहन भागवत के 6 अगस्त को मुंबई में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में 100 से अधिक शहरों के छात्र-छात्राओं के पहुंचने की उम्मीद है। यह 100 से अधिक शहर जो शामिल किए गए हैं, इनमें 2000 या इससे कुछ अधिक छात्रों के साथ बातचीत की जाएगी।

अभिनेता बोमन ईरानी रखेंगे अपने विचार

माना जा रहा है कि दुनिया में यह पहला ऐसा आयोजन है, जिसमें युवा नेतृत्व वाले सम्मेलन में उनसे बात होगी। संगठन के बारे में बात करते हुए आईआईएमयूएन के संस्थापक ऋषभ सनी ने मीडिया को बताया कि संगठन ने लगातार युवाओं को भारत के मूल्यों को समझने में मदद करने के लिए आवाहन किया है। युवा नेतृत्व की भूमिका देश के लिए महत्व रखती है। इसलिए उन्हें तैयार करने पर ध्यान केंद्रित किया जाना जरूरी है। संगठन के बारे में बताया गया कि लगभग 30000 छात्र इससे जुड़े हैं और जो मंच तैयार किया जाता है, उसमें उनकी बड़ी भागीदारी रहती है। ऋषभ सनी ने बताया कि यह तीसरा मौका है, जब मोहन भागवत कार्यक्रम में शामिल होंगे। युवाओं से वह सीधी बात करने के लिए आयोजकांे को धन्यवाद पहले ही कह चुके हैं।

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उन्होंने कहा मेरा मानना है कि आरएसएस और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस जैसे संगठनों के साथ-साथ प्रमुख संस्थाओं का अध्ययन युवा पीढ़ी को करना चाहिए, क्योंकि सभी अलग-अलग विचारधाराओं के संगठन हैं। युवा पीढ़ी को इनकी खास बातों पर नजर रखकर अच्छाइयों को अपनाना होगा। इसलिए नई पीढ़ी को उनके बारे में जानना जरूरी है, क्योंकि देश में किसी प्रकार के संगठन जो तनावपूर्ण माहौल देते हैं, उनसे बचना है। भागवत के अलावा कार्यक्रम में अभिनेत्री शबाना आजमी, अभिनेता बोमन ईरानी और भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश सीजेआई  डी वाई चंद्रचूड़ भी पहुंच सकते हैं। इस भव्य कार्यक्रम की सफलता के लिए पिछले कई दिनों से तैयारी चल रही है, जबकि कुछ आलोचक ऐसे भी हैं जो नहीं चाहते कि इस प्रकार के कार्यक्रम भारत में आयोजित हों। 

 FAQ...

1. देश के लिए यह आयोजन कितना महत्वपूर्ण है ?

विश्व के कई देश भारत में अस्थिरता चाहते हैं उनकी यह मनसा कामयाब नहीं होगी यह तो निश्चित है लेकिन देश में कुछ लोग भी चाहते हैं की सरकार किसी भी तरह से बदले तो उन्हें गाड़ी पर बैठने का मौका मिले। लेकिन यह कार्यक्रम नेतृत्व को लोकतंत्र के बल पर जितने की मूल सोपान समझाएगा।

2. जेन जी, मोहन भागवत और महत्वपूर्ण लोगों की बात सुनेंगे ?

भारत का इतिहास रहा है कि यहां की संस्कृति और विरासत में बड़ों की बातों को तहजीब दी जाती रही है इसलिए निश्चित है कि मोहन भागवत युवकों को राष्ट्र की एकता के लिए प्रेरित करेंगे और युवा उनकी बात को ध्यान से सुनेंगे।

3. पिछले कुछ दिनों से क्या युवक मार्ग से भटक रहे ? 

देश की युवाओं की अपनी समस्या गंभीर है इसलिए उनके साथ बैठकर उनकी परेशानी को समझाना पड़ेगा युवकों की आने वाली दिखती तथा वर्तमान में वह जिन पीड़ाओं से जूझ रहे हैं उनका काम से कम दूर करने की कोशिश तो होनी ही चाहिए।

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