Iran Israel US War : आपूर्ति को लेकर बढ़ती चिंताओं से कच्चे तेल में तेजी जारी, ब्रेंट क्रूड करीब 3 प्रतिशत उछला
खबर सार :-
आपूर्ति को लेकर बढ़ती चिंताओं के चलते कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जारी है। ईरान संघर्ष के चलते क्रूड ऑयल की कीमतें वैश्विक स्तर पर 50 प्रतिशत से अधिक बढ़ चुकी हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया के करीब 20 प्रतिशत कच्चे तेल का व्यापार होता है। इस रास्ते में किसी प्रकार की रूकावट से बाजारों को गंभीर जोखिम हो सकता है। अमेरिका-इजरायल से युद्ध के चलते ईरान से इसे बंद कर दिया है।
खबर विस्तार : -
Iran Israel US War : आपूर्ति को लेकर बढ़ती चिंताओं के चलते कच्चे तेल में तेजी जारी है और मंगलवार को कीमतों में करीब 3 प्रतिशत तक का उछाल देखने को मिला है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 2.81 प्रतिशत की तेजी के साथ 103.03 डॉलर प्रति औंस और डब्ल्यूटीआई क्रूड 2.80 प्रतिशत की बढ़त के साथ 95.03 डॉलर प्रति औंस पर था। कच्चे तेल में तेजी की वजह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का बंद होना है।
50 प्रतिशत से अधिक बढ़ चुकी है वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमत
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, फारस की खाड़ी में एक संकरा रास्ता है, जिससे दुनिया का करीब 20 प्रतिशत कच्चे तेल का व्यापार होता है। इस कारण वैश्विक ऊर्जा व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग बना हुआ है, और इसमें किसी भी प्रकार की रुकावट से बाजारों को गंभीर जोखिम हो सकता है। अमेरिका, इजरायल से युद्ध के चलते ईरान से इसे बंद कर दिया है, जिससे पूरी दुनिया की कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई है। इस कारण बीते एक महीने में वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमत 50 प्रतिशत से अधिक बढ़ चुकी है।
ईरान ने दो एलपीजी लदे भारतीय जहाजों को दे दी है इजाजत
भारत भी ईरान से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से भारतीय जहाजों की आवाजाही शुरू करने के लिए लगातार बातचीत कर रहा है। इसके चलते ईरान ने दो एलपीजी लदे भारती ध्वज वाले जहाज शिवालिक और नंदा देवी को इजाजत दे दी है। इन दोनों जहाजों में से शिवालिक गुजरात के मुद्रा पोर्ट पर सोमवार को डॉक कर चुका है। वहीं, एक अन्य जहाज नंदा देवी मंगलवार को गुजरात के कांडला पोर्ट पर डॉक करेग। इससे देश की एलपीजी आपूर्ति को बूस्ट मिलेगा।
देश में कच्चे तेल की बढ़ेगी आपूर्ति
इसके अलावा, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से भारतीय ध्वज वाला जहाज 'जग लाडकी' करीब 80,000 टन से अधिक कच्चा तेल लेकर भारत के लिए रवाना हो गया है। यह इस हफ्ते भारत आ जाएगा। इससे देश में कच्चे तेल की आपूर्ति बढ़ेगी। विश्लेषकों के अनुसार, खाड़ी क्षेत्र से कच्चे तेल के आयात पर अत्यधिक निर्भरता के कारण भारत सहित एशियाई अर्थव्यवस्थाएं विशेष रूप से संवेदनशील बनी हुई हैं।
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