India-Nepal border alert: भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा सख्त, बिना आईडी दिखाए नहीं कर सकेंगे प्रवेश
खबर सार :-
भारत-नेपाल सीमा चौकियों पर सुरक्षा निगरानी बढ़ा दी गई है। जिसके तहत भारत से नेपाल में प्रवेश करने वाले व्यक्तियों के लिए पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य कर दिया गया है। ये फैसला अवैध घुसपैठ और आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए लिया गया है।
खबर विस्तार : -
काठमांडूः भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था अचानक कड़ी कर दी गई है। नेपाल सरकार ने भारत से नेपाल में प्रवेश करने वाले लोगों के लिए फोटो पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य कर दिया है। राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक में सीमा क्षेत्रों में अवैध घुसपैठ, आपराधिक गतिविधियों और संदिग्ध आवाजाही को रोकने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है। इसके बाद नेपाल से लगी विभिन्न सीमा चौकियों पर सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है और आने-जाने वाले लोगों की सघन जांच शुरू कर दी गई है।
गृह मंत्रालय प्रवक्ता ने दी जानकारी
नेपाल प्रशासन को आशंका है कि पश्चिम बंगाल में राजनीतिक परिस्थितियों में बदलाव के बाद वहां रह रहे रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिक नेपाल में प्रवेश करने की कोशिश कर सकते हैं। इसी संभावना को देखते हुए नेपाल के सुरक्षा तंत्र ने सतर्कता बढ़ा दी है। हालांकि नेपाल सरकार ने साफ किया है कि यह कदम पूरी तरह उसकी आंतरिक सुरक्षा रणनीति का हिस्सा है और इसे किसी कूटनीतिक विवाद से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
नेपाल के गृह मंत्रालय प्रवक्ता रमा आचार्य ने कहा कि सीमा पर सुरक्षा जांच बढ़ाने का निर्णय नेपाल की अपनी सुरक्षा जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह फैसला भारत और नेपाल के बीच किसी विशेष वार्ता के बाद नहीं लिया गया। उनका कहना था कि अवैध घुसपैठ की आशंका और सीमा पार गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए पहचान पत्र जांच अनिवार्य की गई है।
नेपाल के सुरक्षा और खुफिया विभाग को लगातार ऐसे इनपुट मिल रहे हैं कि पश्चिम बंगाल में राजनीतिक बदलाव के बाद रोहिंग्या मुसलमानों का विस्थापन बढ़ सकता है। सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि कुछ लोग भारत के रास्ते नेपाल में प्रवेश करने की कोशिश कर सकते हैं। इसी कारण नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल और स्थानीय प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
यात्रियों के दस्तावेजों की होगी जांच
नेपाल पुलिस के स्पेशल सेल के एक अधिकारी के मुताबिक भारतीय मीडिया में ऐसे वीडियो और खबरें सामने आ रही हैं, जिनमें मुस्लिम समुदाय के लोग सामान लेकर पलायन करते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि इन खबरों की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन नेपाल की सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावित स्थिति को लेकर सतर्कता बरत रही हैं।
नेपाल प्रशासन को विशेष रूप से इस बात की आशंका है कि कोलकाता और हावड़ा से जोगबनी आने वाली रेल सेवाओं का इस्तेमाल सीमा पार प्रवेश के लिए किया जा सकता है। इसी वजह से रेलवे स्टेशनों और सीमा चौकियों पर अतिरिक्त निगरानी बढ़ाई गई है। नेपाल के गृह मंत्रालय ने भारत से लगी सभी सीमाओं पर सुरक्षा बलों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
अब नेपाल में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को वैध फोटो पहचान पत्र दिखाना होगा। सीमा चौकियों पर यात्रियों के दस्तावेजों की जांच की जा रही है और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। खासकर बंगाल और बिहार से आने वाले लोगों की जांच पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
अलर्ट मोड पर एजेंसियां
नेपाल प्रशासन ने कहा है कि यह कदम किसी समुदाय विशेष को निशाना बनाने के लिए नहीं बल्कि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए उठाया गया है। अधिकारियों के अनुसार रेलगाड़ियों के पहुंचने के समय विशेष निगरानी रखी जाएगी। यदि एक साथ 500 से 1,000 लोगों का समूह सीमा क्षेत्र में पहुंचता है तो उनकी अलग से पहचान और दस्तावेज जांच की जाएगी।
सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए प्रशिक्षित खोजी कुत्तों की भी मदद ली जा रही है। सुरक्षा बल सीमावर्ती इलाकों में लगातार गश्त कर रहे हैं ताकि अवैध घुसपैठ और संदिग्ध गतिविधियों को रोका जा सके।
नेपाल के गृह प्रशासन ने यह भी बताया कि इस अभियान का एक अन्य उद्देश्य फरार अपराधियों की आवाजाही रोकना है। प्रशासन के मुताबिक नेपाल के लगभग 500 फरार कैदी भारत की ओर भागे हुए हैं और उनके सीमा पार आने-जाने की आशंका बनी हुई है। इसी कारण सीमा पर जांच और निगरानी को और अधिक सख्त किया गया है।
नेपाल सरकार का कहना है कि देश की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए सभी एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। आने वाले दिनों में सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा जांच और भी तेज किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
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