फ्रांस-स्पेन के जंगलों में लगी भीषण आग, स्पेनिश प्रधानमंत्री ने घोषित किया ‘राष्ट्रीय आपातकाल’

खबर सार :-

फ्रांस और स्पेन में भीषण जंगल की आग के कारण 2 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हैं। दक्षिण-पश्चिमी फ्रांस और स्पेन की राजधानी मैड्रिड के आस-पास के इलाकों में हालात सबसे ज्यादा गंभीर बने हुए हैं। बढ़ते खतरे को देखते हुए स्पेन ने पहली बार जंगल की आग को लेकर राष्ट्रीय आपातकाल घोषित किया है, जबकि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सेना को तैनात करने का आदेश दिया है।
फ्रांस-स्पेन के जंगलों में लगी भीषण आग, स्पेनिश प्रधानमंत्री ने घोषित किया ‘राष्ट्रीय आपातकाल’

खबर विस्तार : -

पेरिस: फ्रांस और स्पेन में लगी जंगल की आग बहुत तेज हो गई है। दक्षिण-पश्चिमी फ्रांस में हालात गंभीर होने के बाद, अधिकारियों ने शनिवार को बोर्डो के आस-पास के इलाकों से हजारों लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया। 

इस बीच, बढ़ते खतरे को देखते हुए स्पेन ने पहली बार जंगल की आग को लेकर राष्ट्रीय आपातकाल घोषित किया है, जबकि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सेना की तैनाती के आदेश दिए हैं।

1,41,000 से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू

नूवेले-एक्विटेन और गिरोंडे क्षेत्रों की एक सीनियर स्थानीय अधिकारी सोफी ब्रोका ने सोशल मीडिया प्लेटफाॅर्म X पर घोषणा की कि ले हैलन, एइसिन्स और मेरिनैक इलाकों से लोगों को निकाला जा रहा है। फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने बताया कि बोर्डो के पास गिरोंडे और लैंड्स क्षेत्रों से अब तक 1,41,000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है, जहां इस हफ्ते की शुरुआत में जंगल की आग लगी थी। 

आग से निपटने के लिए अतिरिक्त सैन्य बल तैनात

प्रधानमंत्री लेकोर्नू ने X पर लिखा, "देश में जंगल की आग गंभीर स्तर पर पहुंच गई है। आग पर काबू पाने में मदद के लिए फ्रांसीसी सेना को तैनात किया गया है। फ्रांसीसी सरकार ने दक्षिण-पश्चिम में आग से निपटने के लिए अतिरिक्त सैन्य बल तैनात किए हैं। इसके अलावा, निवासियों और बचाव कर्मियों को धुएं से बचाने के लिए गिरोंडे क्षेत्र में 15 लाख मास्क भेजे गए हैं।"

कस्बों और गांवों से निकाले जा रहे लोग

गिरोंद प्रशासन ने बोर्डो के पश्चिमी उपनगरों के कुछ हिस्सों, जिसमें शहर के हवाई अड्डे के आस-पास का इलाका भी शामिल है, से लोगों को निकालने का आदेश दिया है। शहर के पश्चिम में कई अन्य कस्बों और गांवों से भी लोगों को निकाला जा रहा है। प्रधानमंत्री लेकोर्नू के अनुसार, आग बुझाने वाली टीमों की मदद के लिए पहले ही 500 से ज्यादा सैन्य कर्मियों को तैनात किया जा चुका है और जरूरत पड़ने पर और सैनिक भेजे जाएंगे। उन्होंने बताया कि जमीन पर काम कर रहे कर्मियों और धुएं के संपर्क में आने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मास्क बांटे जा रहे हैं।

स्पेन के प्रधानमंत्री ने स्थिति को बताया जटिल

इस बीच, स्पेन के मैड्रिड के आस-पास भी जंगल की आग की स्थिति को गंभीर बताया गया है। प्रभावित इलाकों का दौरा करते हुए स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने कहा कि स्थिति "जटिल" बनी हुई है। मीडिया आउटलेट एल पेस के अनुसार, उन्होंने कहा कि तापमान में गिरावट के बावजूद हवा की स्थिति अभी भी हालात पर असर डाल सकती है। सांचेज ने जलवायु आपातकाल से निपटने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर समझौते की जरूरत पर फिर से जोर दिया। स्थिति को देखते हुए उन्होंने जंगल की आग से जुड़ी राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा की।

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1,30,000 हेक्टेयर जमीन आग से प्रभावित

सांचेज ने कहा कि लोगों को यह समझना चाहिए कि जलवायु परिवर्तन के कारण जंगल की आग तेजी से और ज्यादा विनाशकारी होती जा रही है और अक्सर वैज्ञानिक अनुमानों से भी ज्यादा गंभीर हो जाती है। उनके अनुसार, "जनवरी से अब तक स्पेन में लगभग 1,30,000 हेक्टेयर (करीब 3,21,000 एकड़) जमीन आग से प्रभावित हुई है, जो पिछले दशक में दर्ज किए गए 1,00,000 हेक्टेयर के सालाना औसत से ज्यादा है।" 

जलवायु संकट से निपटने के लिए बनी योजना 

पिछले साल, सांचेज ने जलवायु संकट से निपटने के लिए 10-सूत्रीय योजना की घोषणा की थी। इस योजना में आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए एक राष्ट्रीय नागरिक सुरक्षा एजेंसी बनाना, जलवायु शरण केंद्रों का देशव्यापी नेटवर्क तैयार करना और वन प्रबंधन व भूमि-उपयोग नीतियों में संशोधन करना जैसे प्रस्ताव शामिल थे।

 

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